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‘अग्निपथ’ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ : एसएफआई
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जींद। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में एसएफआई ने आवाज उठाई है। संगठन ने युवाओं से अपील की है कि अग्निपथ के विरोध में युवा आंदोलन करें, ताकि सरकार को इस फैसले को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके। कार्यकर्ताओं ने इस योजना के विरोध में वीरवार को राजकीय पीजी कॉलेज के बाहर सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया।
एसएफआई की जिलाध्यक्ष मधु और जिला सचिव अक्षय ने बताया कि एसएफआई केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का कड़ा विरोध करता है। इस योजना के तहत युवाओं को छह महीने के प्रशिक्षण के साथ केवल चार वर्ष के लिए भर्ती किया जाएगा, चार वर्ष पूरे होने पर केवल 25 फीसदी जवानों को रखा जाएगा और बाकी को सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। इस योजना ने युवाओं के दिल में बसे देश के प्रति बलिदान होने का सपना तोड़ा है। इस योजना के तहत मोदी सरकार देश के युवाओं को सेना भर्ती के नाम पर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। सरकार के इस फैसले से सेना के निजीकरण का रास्ता खोला गया है। इससे देश के अंदर हर वर्ष 35 हजार बेरोजगार पैदा होंगे। सरकार के इस फैसले से नौजवान अपने आर्मी में पूरी उम्र देश सेवा देने के सपने को टूटते देख आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय के बाद 24 घंटे में देश के अंदर 42 युवाओं ने आत्महत्या की है।
उन्होंने युवाओं से अपील की है कि जो युवा आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। वह इस फैसले के विरोध में सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हों, ताकि सरकार को इस फैसले को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके। अगर सरकार ने शीघ्र ही फैसला वापस नहीं लिया तो एसएफआई बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। इस अवसर पर सावन, रोहित, साहिल, अंकित, सुशीला व जितेंद्र मौजूद रहे।
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एसएफआई की जिलाध्यक्ष मधु और जिला सचिव अक्षय ने बताया कि एसएफआई केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का कड़ा विरोध करता है। इस योजना के तहत युवाओं को छह महीने के प्रशिक्षण के साथ केवल चार वर्ष के लिए भर्ती किया जाएगा, चार वर्ष पूरे होने पर केवल 25 फीसदी जवानों को रखा जाएगा और बाकी को सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। इस योजना ने युवाओं के दिल में बसे देश के प्रति बलिदान होने का सपना तोड़ा है। इस योजना के तहत मोदी सरकार देश के युवाओं को सेना भर्ती के नाम पर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। सरकार के इस फैसले से सेना के निजीकरण का रास्ता खोला गया है। इससे देश के अंदर हर वर्ष 35 हजार बेरोजगार पैदा होंगे। सरकार के इस फैसले से नौजवान अपने आर्मी में पूरी उम्र देश सेवा देने के सपने को टूटते देख आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय के बाद 24 घंटे में देश के अंदर 42 युवाओं ने आत्महत्या की है।
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उन्होंने युवाओं से अपील की है कि जो युवा आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। वह इस फैसले के विरोध में सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हों, ताकि सरकार को इस फैसले को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके। अगर सरकार ने शीघ्र ही फैसला वापस नहीं लिया तो एसएफआई बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। इस अवसर पर सावन, रोहित, साहिल, अंकित, सुशीला व जितेंद्र मौजूद रहे।
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