फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   After the death of Jumma's father, the villagers wanted to make Jumma the janitor

जुम्मा के पिता की मौत के बाद ग्रामीण जुम्मा को बनाना चाहते थे चौकीदार

Mon, 27 Jul 2020 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
After the death of Jumma's father, the villagers wanted to make Jumma the janitor
डिडवाड़ा गांव में घटना पर चर्चा करते ग्रामीण। - फोटो : Jind
पांच बच्चों की हत्या का जुम्मादीन द्वारा जुर्म कुबूलने के बाद से डिडवाड़ा के ग्रामीण अपने आपको शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहा है कि उनके गांव का नाम ऐसे मामले में उछला है कि उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो रही है। हर गली-चौराहे पर जुम्मा की करतूत की ही चर्चा हो रही है।
विज्ञापन

गांव डिडवाड़ा में रविवार को अफवाह फैली की जुम्मा की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है। बाद में पता चला कि अभी तक डिलिवरी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि इस घटना के बाद से युवक नहर में नहाने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। अभिभावकों ने बच्चों को नहर पर जाने से पूरी तरह से रोक दिया है। दिन ढलने के बाद अभिभावक बच्चों को घर से नहीं निकलने देते हैं। कुछ लोग तो अपने बच्चों पर इतनी निगरानी रखते हैं कि कहीं उनका बच्चा इधर-उधर तो नहीं घूम रहा। करीब 4800 वोटों वाले गांव डिडवाड़ा के 50 घरों के 200 वोट मुस्लिम समुदाय के हैं।
विज्ञापन

गांव में चर्चा कर रहे ईश्वर दत्त, भूलन, उदय सिंह नंबरदार, सत्यवान व राजींद से अमर उजाला ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि जुम्मा का पिता बारू गांव का चौकीदार था। गांव में दोनों धर्मों के लोगों में कभी भी ऐसा नहीं महसूस हुआ कि वे अलग धर्म समुदाय से हैं। करीब आठ माह पहले जुम्मा के पिता बारू (80) का निधन हो गया था। लोगों ने जुम्मा को ही चौकीदार बनवाने की योजना बनाई थी। इससे पहले ही जुम्मा की यह करतूत सामने आ गई है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें कभी भी ऐसा नहीं लगा कि जुम्मा के अंदर इतना बड़ा शैतान छुपा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव के लिए कलंक है जुम्मा
उदय सिंह नंबरदार, सत्यवान व ईश्वर सिंह ने कहा कि ऐसा व्यक्ति पिता के नाम पर कलंक है। साथ ही इससे पूरे गांव की भी बदनामी हुई है, इसलिए उसको गोली मारने या फांसी देने से बढ़िया है कि जेल में डाल दिया जाय ताकि तड़प-तड़प कर मरे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed