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Jind News: सात साल बाद बडनपुर और सुंदरपुरा फिर नरवाना तहसील में शामिल
Sun, 14 Jul 2024 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:18 AM IST
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13जेएनडी25 : अपने गांव को फिर से नरवाना तहसील में शामिल करने पर खुशी जाहिर करते सुंदरपुरा गांव
जींद। उचाना तहसील के गांव बडनपुर और सुंदरपुरा को सरकार ने फिर से नरवाना तहसील के साथ जोड़ दिया है। दोनों गांवों को सरकार ने 2017 में उचाना तहसील के साथ जोड़ दिया था। ग्रामीणों की मांग थी कि उनसे उचाना 25 किलोमीटर दूर, जबकि नरवाना पांच किलोमीटर दूर है। इससे उनको काफी परेशानी आ रही थी। सुंदरपुरा गांव के लोगों ने तो अपनी मांग को लेकर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। अब दोनों गांवों के लोगों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार जताया है।
गांव सुंदरपुरा के सरपंच सुखविंदर ने बताया कि उनका गांव पहले नरवाना तहसील में था। नरवाना से उनका गांव केवल पांच किलोमीटर दूर है। 2017 में सरकार ने उनके गांव को उचाना तहसील में जोड़ दिया था। 2017 से ही ग्रामीण नरवाना तहसील में अपने गांव को जोड़ने की मांग कर रहे थे। लोकसभा चुनाव का भी ग्रामीणों ने इसी कारण बहिष्कार कर दिया था। इसके अलावा पूरे गांव की केवल एक ही खेवट है। इस कारण भी उनको परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं बडनपुर के सरपंच गगनदीप ने कहा कि वह किसी भी काम के लिए नरवाना ही जाते हैं। नरवाना उनसे पांच किलोमीटर दूर है। केवल उनको तहसील के कार्य करवाने के लिए ही उचाना जाना पड़ता था। इससे वह काफी परेशान रहते थे। वह भी 2017 से ही अपने गांव को फिर से नरवाना तहसील मं जोड़ने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने उनकी मांग पूरी कर दी है। इससे पूरे गांव में खुशी की लहर है। गगनदीप ने इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार जताया है।
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गांव सुंदरपुरा के सरपंच सुखविंदर ने बताया कि उनका गांव पहले नरवाना तहसील में था। नरवाना से उनका गांव केवल पांच किलोमीटर दूर है। 2017 में सरकार ने उनके गांव को उचाना तहसील में जोड़ दिया था। 2017 से ही ग्रामीण नरवाना तहसील में अपने गांव को जोड़ने की मांग कर रहे थे। लोकसभा चुनाव का भी ग्रामीणों ने इसी कारण बहिष्कार कर दिया था। इसके अलावा पूरे गांव की केवल एक ही खेवट है। इस कारण भी उनको परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं बडनपुर के सरपंच गगनदीप ने कहा कि वह किसी भी काम के लिए नरवाना ही जाते हैं। नरवाना उनसे पांच किलोमीटर दूर है। केवल उनको तहसील के कार्य करवाने के लिए ही उचाना जाना पड़ता था। इससे वह काफी परेशान रहते थे। वह भी 2017 से ही अपने गांव को फिर से नरवाना तहसील मं जोड़ने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने उनकी मांग पूरी कर दी है। इससे पूरे गांव में खुशी की लहर है। गगनदीप ने इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार जताया है।

13जेएनडी25 : अपने गांव को फिर से नरवाना तहसील में शामिल करने पर खुशी जाहिर करते सुंदरपुरा गांव
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