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Jind News: डीसी ने जायजा लेकर गेहूं उठान कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

Sun, 03 May 2026 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 11:33 PM IST
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After conducting an inspection, the DC issued instructions to expedite the lifting of wheat.
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद प्रक्रिया जोरों पर है। अब तक जिले में कुल 8,16,360 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों से फसल के उठान कार्य में और अधिक तेजी लाई जाए ताकि नई आवक के लिए जगह बनी रहे और किसानों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

आंकड़ों के अनुसार, कुल खरीद में विभिन्न एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 2,31,699 मीट्रिक टन, हैफेड ने 3,40,517 मीट्रिक टन, एफसीआई ने 10,426 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 2,33,718 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।
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मंडियों की बात करें तो जुलाना मंडी 1,00,315 मीट्रिक टन के साथ सबसे आगे है जबकि सफीदों में 93,031 और जींद मंडी में 92,407 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। वहीं, अब तक कुल 4,76,818 मीट्रिक टन गेहूं का मंडियों से उठान किया जा चुका है।
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प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए हैं। डीसी ने कहा कि अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं ताकि भुगतान और खरीद में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने किसानों से भी अनुरोध किया कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर लाएं जिससे खरीद प्रक्रिया में देरी न हो।


पर्यावरण संरक्षण की अपील
खरीद प्रक्रिया के साथ-साथ डीसी ने पर्यावरण सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल कटाई के बाद गेहूं के फानों को आग बिल्कुल न लगाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि फसल अवशेष जलाने से न केवल वायु प्रदूषण फैलता है और सांस संबंधी बीमारियां बढ़ती हैं, बल्कि जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है। किसानों को सुझाव दिया गया कि वे आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग कर अवशेषों का तुड़ा बनाएं या उनका उचित प्रबंधन करें।
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