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Jind News: काफी मशक्कत के बाद पकड़ में आया लड़का होने की दवा देने वाला युवक
Sat, 18 May 2024 01:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 18 May 2024 01:54 AM IST
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जींद। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लड़का होने की दवा देने वाले जिस युवक को पकड़ा है, उसके लिए काफी पापड़ बेलने पड़े। यह युवक व्हाट्सएप ग्रुप में लड़का होने की दवा देने का मैसेज डालता था। स्वास्थ्य विभाग ने इस युवक से दवा लेने के प्रयास किए, लेकिन इसने बार-बार मना कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी शिकायत पुलिस को करने की योजना बनाई, लेकिन टीम ने पता लगाया कि जब तक इस युवक के खिलाफ कोई ठोस सुबूत नहीं मिलेगा, यह पुलिस के चंगुल से छूट जाएगा। यदि इसे रंगेहाथ काबू किया जाए तो ठोस सुबूत स्वास्थ्य विभाग के हाथ लगेंगे और अदालत से इसे सजा करवाने में भी आसानी हो जाएगी, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लगभग 20 दिन तक इस युवक से संपर्क किया और इसे जींद आने के लिए मजबूर किया। इसके बाद ही यह पकड़ा गया।
पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. पालेराम कटारिया ने कहा कि 20 दिन पहले उन्होंने व्हाट्सएप व फेसबुक पर एक एड देखा, जिसमें लड़का होने की दवा देने का दावा किया जा रहा था। आरोपी रोहतक जिले के गांव लाहली निवासी 25 वर्षीय नीरज था, जो कहता था कि वह तीन गोलियां देगा। डॉ. पालेराम कटारिया ने युवक को जींद आकर दवा देने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। कई दिनों तक युवक ऐसे ही स्वास्थ्य अधिकारियों को गुमराह करता रहा। पिछले सप्ताह स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक हुई और युवक की शिकायत पुलिस में करने पर चर्चा की। बैठक में सामने आया कि यदि इस प्रकार उसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई तो वह जल्द ही छूट जाएगा। यदि उसे रंगेहाथ पकड़ना है तो केस मजबूत बनेगा और उसे सजा करवाई जा सकती है, ताकि कोई भविष्य में इस प्रकार का गैरकानूनी काम नहीं कर सके। बैठक से ही युवक के फोन पर बात की गई। युवक ने पहले 1500 रुपये अपने खाते में भेजने के लिए कहा। सौदा लगभग 50 हजार रुपये में तय हो गया। डॉ. पालेराम कटारिया ने एडवांस के रूप में युवक के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद युवक ने जींद आकर दवा देने की हामी भरी। वीरवार को जब युवक जींद आया तो स्वास्थ्य विभाग ने एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर पैसे देकर भेजा तो युवक पकड़ा गया।
उम्मीद नहीं थी, काफी प्रयास के बाद आया काबू
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि डॉ. पालेराम कटारिया पिछले 20 दिन से युवक के संपर्क में थे। किसी तरह उसको जींद बुलाने पर इन्होंने मजबूर किया और आरोपी पकड़ा गया। रंगेहाथ पकड़ा ही स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य था, इसलिए इस कार्य में 20 दिन लग गए। लोगों को बरगलाने वाले ऐसे अन्य लोगों के लिए यह एक सबक होगा। कोई भी व्यक्ति नागरिक अस्पताल में आकर डॉ. पालेराम कटारिया को ऐसी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है।
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दो दिन के रिमांड पर भेजा आरोपी
सिविल लाइन थाना प्रभारी सुखबीर यादव ने कहा कि आरोपी युवक नीरज को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। पुलिस आरोपी से पता लगाएगी कि उसने इससे पहले और किन-किन महिलाओं को यह दवा देकर लूटा है।
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पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. पालेराम कटारिया ने कहा कि 20 दिन पहले उन्होंने व्हाट्सएप व फेसबुक पर एक एड देखा, जिसमें लड़का होने की दवा देने का दावा किया जा रहा था। आरोपी रोहतक जिले के गांव लाहली निवासी 25 वर्षीय नीरज था, जो कहता था कि वह तीन गोलियां देगा। डॉ. पालेराम कटारिया ने युवक को जींद आकर दवा देने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। कई दिनों तक युवक ऐसे ही स्वास्थ्य अधिकारियों को गुमराह करता रहा। पिछले सप्ताह स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक हुई और युवक की शिकायत पुलिस में करने पर चर्चा की। बैठक में सामने आया कि यदि इस प्रकार उसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई तो वह जल्द ही छूट जाएगा। यदि उसे रंगेहाथ पकड़ना है तो केस मजबूत बनेगा और उसे सजा करवाई जा सकती है, ताकि कोई भविष्य में इस प्रकार का गैरकानूनी काम नहीं कर सके। बैठक से ही युवक के फोन पर बात की गई। युवक ने पहले 1500 रुपये अपने खाते में भेजने के लिए कहा। सौदा लगभग 50 हजार रुपये में तय हो गया। डॉ. पालेराम कटारिया ने एडवांस के रूप में युवक के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद युवक ने जींद आकर दवा देने की हामी भरी। वीरवार को जब युवक जींद आया तो स्वास्थ्य विभाग ने एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर पैसे देकर भेजा तो युवक पकड़ा गया।
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उम्मीद नहीं थी, काफी प्रयास के बाद आया काबू
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि डॉ. पालेराम कटारिया पिछले 20 दिन से युवक के संपर्क में थे। किसी तरह उसको जींद बुलाने पर इन्होंने मजबूर किया और आरोपी पकड़ा गया। रंगेहाथ पकड़ा ही स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य था, इसलिए इस कार्य में 20 दिन लग गए। लोगों को बरगलाने वाले ऐसे अन्य लोगों के लिए यह एक सबक होगा। कोई भी व्यक्ति नागरिक अस्पताल में आकर डॉ. पालेराम कटारिया को ऐसी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है।
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दो दिन के रिमांड पर भेजा आरोपी
सिविल लाइन थाना प्रभारी सुखबीर यादव ने कहा कि आरोपी युवक नीरज को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। पुलिस आरोपी से पता लगाएगी कि उसने इससे पहले और किन-किन महिलाओं को यह दवा देकर लूटा है।