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Jind News: जेल में कैदी की हत्या करने का आरोप लगाकर परिजनों ने दोपहर तक नहीं उठाया शव

Sun, 16 Jun 2024 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 16 Jun 2024 12:00 AM IST
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Accusing the prisoner of murder in the jail, the family members did not pick up the body till noon.
15जेएनडी24: नागरिक अस्पताल में शव गृह के बाहर मृतक के परिजनों को समझाते पुलिस कर्मचारी। संवाद
जींद। जिला जेल में कैदी के संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में शनिवार को परिजनों ने शव को उठाने से मना कर दिया। कैदी के परिजन अस्पताल के शवगृह के पास जुटे तो सिविल लाइन और शहर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचकर उनको मामले की जांच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के करने और पुलिस का इसमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होने की जानकारी दी। इस पर दोपहर बाद परिजनों ने शव को उठा लिया।
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सिविल लाइन थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कर रहे हैं। परिजनों को समझा दिया गया कि इससे बड़ी तथा निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती। इसके बाद वे शांत हो गए और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए साथ लेकर गए। उम्रकैद की सजा काट रहे संत नगर निवासी शुभम (26) का शव शुक्रवार को जिला कारागार की लांड्री में फंदे पर लटका हुआ मिला था। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की देखरेख में शव को फंदे से उतार कर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया था। शनिवार को वीडियोग्राफी के साथ चिकित्सकों के बोर्ड ने शुभम का पोस्टमार्टम किया था। विसरा जांच के लिए लेबोरेटरी भेज दिया गया है। कैदी के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को उठाने से यह कहकर मना कर दिया कि उन्हें मौत पर संदेह है। उन्होंने हत्या की आशंका जताई। मृतक के पिता दलबीर ने बताया कि शुभम 7 साल से जेल में बंद था। उसे 2020 में उम्रकैद की सजा हुई थी। जेल के फोन से बातचीत भी होती थी। उसे किसी तरह की परेशानी नहीं थी।
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अब शुभम ने फंदा क्यों लगाया, इसके लिए जिम्मेदार जेल प्रशासन है। बिना करण के कोई आत्महत्या नहीं कर सकता। उनका बेटा साजिश का शिकार हुआ है। जब तक जेल अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होता, तब तक शव को नहीं उठाएंगे। बाद में परिजनों ने शव को उठाकर अंतिम संस्कार कर दिया।

15जेएनडी24: नागरिक अस्पताल में शव गृह के बाहर मृतक के परिजनों को समझाते पुलिस कर्मचारी। संवाद

15जेएनडी24: नागरिक अस्पताल में शव गृह के बाहर मृतक के परिजनों को समझाते पुलिस कर्मचारी। संवाद

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