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पांच लाख रुपये देकर कोरे कागज पर साइन करवाकर 80 लाख रुपये की जमीन हड़पने का आरोप

Thu, 09 Jan 2020 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 11:54 PM IST
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accused of grabbing land worth Rs 8000000 by signing Rs 5 lakh on blank paper
धोखे से 2024 गज जमीन नाम करवाकर 75 लाख रुपये ठगने के आरोप में एक महिला और एक पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज गया है।
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पुलिस को दी शिकायत में अहिरका निवासी बीर सिंह ने बताया कि उसकी अहिरका बाईपास के पास 2024 गज जमीन थी। उसने इस जमीन को जवाहर नगर निवासी फूल कुमार और हाउसिंग बोर्ड निवासी लाजवंती को 80 लाख रुपये में बेचना का सौदा तय हुआ था। इसके बदले में फूल कुमार ने उसको पांच लाख रुपये बयाना के रूप में पहले दे दिए। इसके बाद 75 लाख रुपये जमीन की रजिस्ट्री करवाने के समय देने थे, लेकिन फूल कुमार ने जमीन की रजिस्ट्री करवाने के दस्तावेज तैयार करवाने के नाम पर उसकी जमीन की रजिस्ट्री व इंतकाल बिना पैसे दिए ही करवाया लिए। उन्होंने बताया कि न तो उन्होंने तहसीलदार के सामने बयान दिए और न ही किसी नंबरदार से शिनाख्त हुई। इसके बावजूद भी जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई। इसमें तहसील कार्यालय के कर्मचारियों की भी मिलीभगत है। जमीन की रजिस्ट्री व इंतकाल होने के बाद उसे पता चला। इसके बाद दोनों ने उसे जमीन के पैसे देने से मना कर दिया।
उन्होंने बताया कि वह पढ़ा लिखा नहीं है, इसलिए उसको पता नहीं चला कि उन्होंने किस दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर करवाए हैं। वह फूल कुमार पर भरोसा किया कि रजिस्ट्री के समय पैसे मिलेंगे, लेकिन बिना बताए ही धोखाधड़ी कर उसकी 2024 गज जमीन की रजिस्ट्री लाजवंती के नाम पर करवा दी गई। पुलिस ने बीर सिंह की शिकायत पर धोखाधड़ी करने के आरोप में फूल कुमार और लाजवंती के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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चार महीने बाद जमीन पर कब्जा लेने आया तब धोखाधड़ी का चला पता
बीर सिंह ने बताया की जमीन की रजिस्ट्री धोखे से करवाने का पता उस समय चला जब जवाहर नगर निवासी फूल कुमार चार महीने बाद जमीन पर कब्जा लेने के लिए आया। उन्होंने बताया कि उन्होंने न तो तहसील में तहसीलदार के सामने जमीन नाम करवाने के बयान दिए और न ही तहसीलदार के सामने पेश हुआ। उसको सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री का समय बढ़वाने की बात कहकर कुछ कागजातों पर अंगूठे लगवाए थे। इसके बावजूद भी जमीन उनके नाम कैसे हुई। इसमें तहसीलदार समेत अन्य कर्मचारियों की भी मिलीभगत है।
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नहीं आया ऐसा कोई मामला सामने
इस तरह का कोई मामला उनके सामने नहीं आया है। अगर इस तरह की शिकायत मिलेगी तो इसकी जांच करवाई जाएगी। ऑनलाइन रजिस्ट्री होती है। इसमें जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले दोनों के फोटो भी तहसील में लिए जाते हैं। अगर फिर भी ऐसा मामला हुआ है तो उसके पास शिकायत आने के बाद जांच करवाई जाएगी।
मनोज अहलावत, तहसीलदार जींद।
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