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Jind News: एबीवीपी ने सीआरएसयू में इंजीनियरिंग विभाग की मांग की
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02जेएनडी01: सीआरएसयू के कुलपति को स्वतंत्र इंजीनियरिंग विभाग की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए
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जींद। सीआरएसयू में स्वतंत्र और विकसित इंजीनियरिंग विभाग स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने वीरवार को कुलपति प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी को मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
एबीवीपी का कहना है कि सिर्फ इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करना काफी नहीं है बल्कि एक अलग विभाग होना जरूरी है जिसमें अच्छी प्रयोगशालाएं, योग्य शिक्षक और शोध की सुविधाएं मौजूद हों।
विश्वविद्यालय प्रमुख सतविंदर ढिल्लों ने कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी का है। ऐसे में मजबूत तकनीकी ढांचा न होने पर ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्र पीछे रह सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि स्वतंत्र इंजीनियरिंग विभाग बनने से विद्यार्थियों को अत्याधुनिक लैब, इनोवेशन सेंटर, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, उद्योग-विश्वविद्यालय सहयोग और शोध परियोजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
एबीवीपी ने यह भी कहा कि इससे जींद और आसपास के जिलों के हजारों छात्रों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर तकनीकी शिक्षा मिल पाएगी। संगठन ने नई शिक्षा नीति का हवाला देते हुए सरकार से जल्द से जल्द प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देने की मांग की है।
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एबीवीपी का कहना है कि सिर्फ इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करना काफी नहीं है बल्कि एक अलग विभाग होना जरूरी है जिसमें अच्छी प्रयोगशालाएं, योग्य शिक्षक और शोध की सुविधाएं मौजूद हों।
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विश्वविद्यालय प्रमुख सतविंदर ढिल्लों ने कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी का है। ऐसे में मजबूत तकनीकी ढांचा न होने पर ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्र पीछे रह सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि स्वतंत्र इंजीनियरिंग विभाग बनने से विद्यार्थियों को अत्याधुनिक लैब, इनोवेशन सेंटर, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, उद्योग-विश्वविद्यालय सहयोग और शोध परियोजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
एबीवीपी ने यह भी कहा कि इससे जींद और आसपास के जिलों के हजारों छात्रों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर तकनीकी शिक्षा मिल पाएगी। संगठन ने नई शिक्षा नीति का हवाला देते हुए सरकार से जल्द से जल्द प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देने की मांग की है।