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एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम शुरू करे विश्वविद्यालय : एबीवीपी
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01जेएनडी15: एबीवीपी के सदस्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए। स्रोत: संगठन
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जींद। एबीवीपी की जींद इकाई ने बुधवार को सीआरएसयू के कुलपति प्रोफेसर डॉ. राम पाल सैनी के नाम निजी सचिव को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग में एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने और एमसीए, एमबीए और एम.कॉम. में पर्याप्त सीटें उपलब्ध कराने की मांग की।
जिला संयोजक सतविंदर ढिल्लों ने कहा कि पाठ्यक्रमों और सीटों के अभाव में हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में जाते हैं। इससे विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ विश्वविद्यालय की छात्र संख्या और शैक्षणिक प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष करीब 96 विद्यार्थियों ने पीजीडीसीए उत्तीर्ण किया है जबकि विश्वविद्यालय में एमसीए लेटरल एंट्री के लिए केवल पांच सीटें हैं। ऐसे में अधिकांश विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।
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वहीं, इकाई उपाध्यक्ष नवीन कुंडू ने कहा कि बीबीए और बी.कॉम. (आठ सेमेस्टर) के विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय एमबीए और एम.कॉम. पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने बताया कि यूजी तृतीय, पंचम व सप्तम सेमेस्टर तथा पीजी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ऑनलाइन फीस जमा कराने में भी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
एबीवीपी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप एक वर्षीय एमसीए, एमबीए एवं एम.कॉम. पाठ्यक्रम शुरू करने और सीटें बढ़ाने की मांग की। परिषद ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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जिला संयोजक सतविंदर ढिल्लों ने कहा कि पाठ्यक्रमों और सीटों के अभाव में हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में जाते हैं। इससे विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ विश्वविद्यालय की छात्र संख्या और शैक्षणिक प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है।
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उन्होंने बताया कि इस वर्ष करीब 96 विद्यार्थियों ने पीजीडीसीए उत्तीर्ण किया है जबकि विश्वविद्यालय में एमसीए लेटरल एंट्री के लिए केवल पांच सीटें हैं। ऐसे में अधिकांश विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।
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वहीं, इकाई उपाध्यक्ष नवीन कुंडू ने कहा कि बीबीए और बी.कॉम. (आठ सेमेस्टर) के विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय एमबीए और एम.कॉम. पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने बताया कि यूजी तृतीय, पंचम व सप्तम सेमेस्टर तथा पीजी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ऑनलाइन फीस जमा कराने में भी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
एबीवीपी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप एक वर्षीय एमसीए, एमबीए एवं एम.कॉम. पाठ्यक्रम शुरू करने और सीटें बढ़ाने की मांग की। परिषद ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।