{"_id":"6a78d4ffd3abb877d104cc3b","slug":"a-chair-will-be-established-in-the-name-of-pandit-dhanpat-rai-at-crsu-prof-ram-pal-saini-jind-news-c-199-1-sroh1009-158192-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरएसयू में पंडित धनपत राय के नाम पर स्थापित होगी पीठ : प्रो. राम पाल सैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआरएसयू में पंडित धनपत राय के नाम पर स्थापित होगी पीठ : प्रो. राम पाल सैनी
विज्ञापन
09जेएनडी20: आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए कलाकार। स्रोत: सीआरएसयू।
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में हरियाणा रत्न एवं सांग सम्राट पंडित धनपत राय के नाम पर पीठ स्थापित की जाएगी। पीठ के माध्यम से पंडित धनपत राय की रचनाओं, सांग कला और हरियाणवी लोक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर युवा पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। यह बात कुलपति प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने रविवार को पंडित धनपत राय की 114वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में कही।
कुलपति प्रो. राम पाल सैनी ने कहा कि पंडित धनपत राय केवल कलाकार नहीं, बल्कि हरियाणवी सांग कला के महान संवाहक और समाज सुधारक थे। उन्होंने सांग को मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए सामाजिक चेतना, नैतिकता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का माध्यम बनाया। उनकी रागनियों और सांगों में वीर रस, भक्ति, प्रेम और सामाजिक सरोकारों का प्रभाव दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि हीर-रांझा और ‘हीरामल-जमाल’ जैसी कृतियां आज भी लोक कलाकारों और युवाओं को प्रेरणा देती हैं। पंडित धनपत राय गांव-गांव जाकर सांग प्रस्तुत करते थे और लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ते थे।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के डॉ. हरिचंद मिड्ढा ऑडिटोरियम में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा सरकार और सोशल आउटरीच सेल के संयुक्त तत्वावधान में भव्य लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरियाणवी लोकगीत, लोकनृत्य, सांग और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे और लोक संस्कृति का आनंद लिया।
इस दौरान मुख्य अतिथि हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल बड़ोली, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बड़खालसा और हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. राम पाल सैनी ने कहा कि पंडित धनपत राय केवल कलाकार नहीं, बल्कि हरियाणवी सांग कला के महान संवाहक और समाज सुधारक थे। उन्होंने सांग को मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए सामाजिक चेतना, नैतिकता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का माध्यम बनाया। उनकी रागनियों और सांगों में वीर रस, भक्ति, प्रेम और सामाजिक सरोकारों का प्रभाव दिखाई देता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हीर-रांझा और ‘हीरामल-जमाल’ जैसी कृतियां आज भी लोक कलाकारों और युवाओं को प्रेरणा देती हैं। पंडित धनपत राय गांव-गांव जाकर सांग प्रस्तुत करते थे और लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ते थे।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के डॉ. हरिचंद मिड्ढा ऑडिटोरियम में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा सरकार और सोशल आउटरीच सेल के संयुक्त तत्वावधान में भव्य लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरियाणवी लोकगीत, लोकनृत्य, सांग और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे और लोक संस्कृति का आनंद लिया।
इस दौरान मुख्य अतिथि हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल बड़ोली, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बड़खालसा और हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी मौजूद रहे।

09जेएनडी20: आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए कलाकार। स्रोत: सीआरएसयू।