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कैसे होगा बारिश से खराब फसलों की गिरदावरी का काम, जिले में 53 एडीओ के स्थान पर 10 से चलाया जा रहा काम

Mon, 08 Oct 2018 12:01 AM IST
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:01 AM IST
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कैसे होगा बारिश से खराब फसलों की गिरदावरी का काम, जिले में 53 एडीओ के स्थान पर 10 से चलाया जा रहा काम
जिले में सिर्फ 10 एसडीओ, फसल खराबे की गिरदावरी करने में लग सकता है तीन महीने
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43 पद रिक्त, 18 हजार किसानों ने की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बारिश के कारण जिले में हुए जलभराव ने कृषि विभाग की पोल खोल कर रख दी है। कृषि विभाग केवल खानापूर्ति कर अपने काम को अंजाम तक पहुंचा रहा है। इसका मुख्य कारण जिला कृषि विभाग के पास कर्मचारियों का भारी टोटा है। जिले में सबसे ज्यादा कमी एडीओ (कृषि विकास अधिकारी) की है। जिले में पिछले लंबे समय से 53 एडीओ की जरूरत है। इनकी एवज में कुल दस एडीओ ही जिले भर में सरकारी योजनाओं की खानापूर्ति करने का काम कर रहे हैं।
बारिश के कारण जिले में लाखों एकड़ फसल प्रभावित हुई है। इन फसलों की गिरदावरी करवाने के लिए कृषि विभाग के सामने बड़ी चुनौती है। जिले में प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के तहत 55 हजार किसानों ने अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है। इन किसानों की फसल खराब होने पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कृषि विभाग के एडीओ ने भी साथ जाकर मौके का निरीक्षण करना होता है। जिले भर से अभी तक खराब हुई फसलों की 18 हजार से भी ज्यादा शिकायत जिला कृषि विभाग के पास आ चुकी हैं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करने और मौके का निरीक्षण करने के लिए कृषि विभाग के पास एडीओ नहीं हैं। अगर विभाग दस एडीओ के सहारे ही इन किसानों की शिकायत पर कार्रवाई करना शुरू भी करे तो लगभग तीन माह का समय लग जाएगा। इतने लंबे समय में जिले भर में धान की फसल की बजाय गेहूं की फसल लहलाएगी। इसके अतिरिक्त इन एडीओ को सरकार की कृषि संबंधित योजनाओं का भी प्रचार भी करना होता है। अगर यह एडीओ योजनाओं का प्रचार भी बंद करें तो भी दो महीने के अंदर जिले भर से आई शिकायतों का निपटान नहीं हो सकता।
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रैंडम सर्वे के सहारे होगी खराबे की गिरदावरी
जिला कृषि विभाग के पास कर्मचारियों का भारी टोटा होने के कारण इस रैंडम सर्वे किया जाएगा। रैंडम सर्वे का मतलब यह है कि किसी भी गांव में जाकर उस गांव की 25 प्रतिशत खराब हुई फसलों के अनुसार ही पूरे गांव का खराबा निर्धारित किया जा सकेगा।
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अलेवा और पिल्लुखेड़ा में नहीं कोई एडीओ
अलेवा और पिल्लुखेड़ा खंड में एडीओ के पद रिक्त हैं। इन खंडों के किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी बिना एडीओ के होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले काफी समय से इन खंडों में एडीओ नहीं होने पर किसानों के पास किस आधार पर सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जा रहा है।


जिले के किस खंड में कितने एडीओ की जरूरत और कितने हैं मौजूदा
खंड मौजूद जरूरत
जींद 1 9
जुलाना 2 7
उचाना 2 9
सफीदों 1 6
पिल्लूखेड़ा 0 5
अलेवा 0 5
नरवाना 4 12
बाक्स
फसल खराबे की शिकायत
खंड शिकायत संख्या
जींद 2700
जुलाना 3600
उचाना 3180
सफीदों 1800
पिल्लूखेड़ा 2850

बेशक हमारे पास कर्मचारी कम हैं, लेकिन हम समय पर किसानों की फसलों की गिरदावरी करवाकर रिपोर्ट सौंप देंगे। समय-समय पर कृषि विभाग द्वारा जारी जनकल्याणकारी नीतियों को भी प्रचार किया जा रहा है।
सुरेंद्र , कृषि विभाग के उप-निदेशक
फोटो कैप्शन
07जेएनडी10: कृषि विभाग कार्यालय का फोटो।
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