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दुराचार के एक आरोपी को दस साल कैद की सुनाई सजा
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:34 AM IST
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छात्रा से दुष्कर्म करने के दोषी को दस साल की कैद
एक को सबूतों के अभाव में किया बरी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दो साल पहले नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ दूध की गाड़ी में लिफ्ट देकर दुष्कर्म करने के जुर्म में शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय सिंह की अदालत ने युवक को दस साल की कैद व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
24 सितंबर 2016 को सदर थाना क्षेत्र के एक गांव के सरकारी स्कूल में नौंवी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वह स्कूल की छुट्टी के बाद गांव जाने के लिए वाहन के इंतजार में खड़ी थी। वहां ढांडाखेड़ी निवासी दिनेश व अनिल उर्फ लीला दूध की गाड़ी लेकर आए। गाड़ी में उन्होंने लिफ्ट दी। इसके बाद रास्ते में दोनों उसे गाड़ी से नीचे उतार कर खेतों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दी। पुलिस ने इस मामले में दिनेश व अनिल उर्फ लीला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। मामला अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गांव ढांडाखेड़ी निवासी दिनेश को दुष्कर्म करने का दोषी ठहराते हुए दस साल की कैद व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अनिल उर्फ लीला को सबूतों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
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एक को सबूतों के अभाव में किया बरी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दो साल पहले नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ दूध की गाड़ी में लिफ्ट देकर दुष्कर्म करने के जुर्म में शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय सिंह की अदालत ने युवक को दस साल की कैद व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
24 सितंबर 2016 को सदर थाना क्षेत्र के एक गांव के सरकारी स्कूल में नौंवी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वह स्कूल की छुट्टी के बाद गांव जाने के लिए वाहन के इंतजार में खड़ी थी। वहां ढांडाखेड़ी निवासी दिनेश व अनिल उर्फ लीला दूध की गाड़ी लेकर आए। गाड़ी में उन्होंने लिफ्ट दी। इसके बाद रास्ते में दोनों उसे गाड़ी से नीचे उतार कर खेतों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दी। पुलिस ने इस मामले में दिनेश व अनिल उर्फ लीला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। मामला अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गांव ढांडाखेड़ी निवासी दिनेश को दुष्कर्म करने का दोषी ठहराते हुए दस साल की कैद व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अनिल उर्फ लीला को सबूतों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
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