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एसवाईएल के लिए अगर लड़ाई लडनी है तो इनेलो पंजाब में डाले डेरा : बीरेंद्र सिंह
Updated Tue, 29 May 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उचाना।
इनेलो के जेल भरो आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि एसवाईएल नहर की लड़ाई अगर इनेलो को लड़नी है तो वो पंजाब में जाकर डेरा डाले। बहादुरी से एसवाईएल नहर के पानी को लेकर लड़ाई लड़े। एसवाईएल के नाम पर कभी नहर खोदने, जेल भरने के नाम पर इनेलो ड्रामा कर रही है। ये जेल नहीं भरते बल्कि जेल भरने के नाम पर नौटंकी करते हैं। इनेलो नेताओं को किसान, मजदूर के हितों से कुछ लेना नहीं है। ये वोट लेने की राजनीति करते हुए किसानों को गुमराह कर रहे हैं। वे डूमरखां गांव में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिसकी राजनीतिक तौर पर मदद की उसने आपको क्या दिया है। जयकारे आपसे लगवाए, नोटों की माला लेकर आप गए, लेकिन जब काम करने की बात आती है तो भेदभाव करते हैं। बीती सरकार में पचास बिस्तर का अस्पताल बनना था, जींद में 20 साल पहले बाईपास बनना था लेकिन वो इसलिए नहीं बनवाए क्योंकि उनके मन में राजनीतिक द्वेष भावना थी। जींद यूनिवसिर्टी की आज बात जो कर रहे हैं जब जाने का समय आया तो बनाना शुरू किया। इस यूनिवर्सिटी को पूरा करवाने का काम हम कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पहली बार देश को ऐसा पीएम मिला है जिसके मन में है कि किसान कर्ज लेने वाला नहीं बल्कि कर्ज देने वाला बने। पीएम नरेंद्र मोदी की सोच है कि 2022 में किसान की आमदन दोगुनी हो।
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उचाना।
इनेलो के जेल भरो आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि एसवाईएल नहर की लड़ाई अगर इनेलो को लड़नी है तो वो पंजाब में जाकर डेरा डाले। बहादुरी से एसवाईएल नहर के पानी को लेकर लड़ाई लड़े। एसवाईएल के नाम पर कभी नहर खोदने, जेल भरने के नाम पर इनेलो ड्रामा कर रही है। ये जेल नहीं भरते बल्कि जेल भरने के नाम पर नौटंकी करते हैं। इनेलो नेताओं को किसान, मजदूर के हितों से कुछ लेना नहीं है। ये वोट लेने की राजनीति करते हुए किसानों को गुमराह कर रहे हैं। वे डूमरखां गांव में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिसकी राजनीतिक तौर पर मदद की उसने आपको क्या दिया है। जयकारे आपसे लगवाए, नोटों की माला लेकर आप गए, लेकिन जब काम करने की बात आती है तो भेदभाव करते हैं। बीती सरकार में पचास बिस्तर का अस्पताल बनना था, जींद में 20 साल पहले बाईपास बनना था लेकिन वो इसलिए नहीं बनवाए क्योंकि उनके मन में राजनीतिक द्वेष भावना थी। जींद यूनिवसिर्टी की आज बात जो कर रहे हैं जब जाने का समय आया तो बनाना शुरू किया। इस यूनिवर्सिटी को पूरा करवाने का काम हम कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पहली बार देश को ऐसा पीएम मिला है जिसके मन में है कि किसान कर्ज लेने वाला नहीं बल्कि कर्ज देने वाला बने। पीएम नरेंद्र मोदी की सोच है कि 2022 में किसान की आमदन दोगुनी हो।
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