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जीएसटी से ट्रैक्टर को बाहर करने की मांग
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद(उचाना)।
एक जुलाई से देशभर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के दायरे से ट्रैक्टर को बाहर करने की मांग पर हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने बताया कि ट्रैक्टर पर 28 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू होने से इसकी कीमत बढ़ जाएगी। इसलिए केंद्र सरकार को ट्रैक्टर पर लगाए गए 28 प्रतिशत जीएसटी तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए।
पीएम को लिखे पत्र में चौटाला ने कहा है कि केंद्र सरकार की गठित जीएसटी काउंसिल ने कृषि उपकरण, जिसमें ट्रैक्टर भी शामिल है पर 28 प्रतिशत कर निर्धारित किया है। ट्रैक्टर का उपयोग पूरी तरह से कृषि कार्यों के लिए किया जाता है। 28 प्रतिशत कर लगाने से ट्रैक्टरों की कीमतेें बढ़ेंगी। बढ़ी कीमतों का असर किसानों की जेब पर पड़ेगा। ट्रैक्टरों की बिक्री हर वर्ष साल अधिक हो रही है। कृषि मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2004-05 में दो लाख 47 हजार 531 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी। 2015-16 में ट्रैक्टरों की बिक्री कर पांच लाख 71 हजार 249 हो गई। जीएसटी की 28 प्रतिशत दर लागू होने से न केवल ट्रैक्टरों की बिक्री कम होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र, किसानों पर सीधे रूप से विपरीत असर पड़ेगा।
जीएसटी से ट्रैक्टर को बाहर करने की मांग
सांसद दुष्यंत चौटाला ने भेजा प्रधानमंत्री को पत्र
5100 व्यापारियों ने करवाया पंजीकरण
जींद। अब तक जिले भर में आठ हजार में से 5100 उपभोक्ताओं ने ही जीएसटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है, लेकिन अधिकारी इस आंकड़े में महज 100-200 का ही इजाफा होने की उम्मीद लगा रहे हैं। दरअसल, जीएसटी के तहत 20 लाख रुपये टर्नओवर तक के व्यापारियों को छूट मिली है। अभी कराधान विभाग के पास आठ हजार का जो आंकड़ा है, वह वैट के पंजीकरण के आधार पर है। ऐसे में अधिकारियों का मानना है कि यदि 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों की गिनती की जाए तो महज 100-200 व्यापारी ही बिना पंजीकरण के बचे हैं। इनमें से भी कई व्यापारी ऐसे हैं, जिनके कागजात पूरे नहीं है, लेकिन वे पंजीकरण करना चाहते हैं। ऐसे में पंजीकरण के लिए यदि एक मौका और मिल जाता है, तो सभी व्यापारियों का पंजीकरण हो जाएगा।
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चलेगा अभियान
हालांकि ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पोर्टल बंद हो चुका है। अब विभाग अपनी तैयारी शुरू कर रहा है। इसके तहत लोगों को जीएसटी की विस्तृत जानकरी दी जा रही है। अभी व्यापारियों को प्रेरित करने के लिए खास अभियान चलेगा। -सुरेंद्र कुमार, डीटीसी
जींद(उचाना)।
एक जुलाई से देशभर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के दायरे से ट्रैक्टर को बाहर करने की मांग पर हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने बताया कि ट्रैक्टर पर 28 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू होने से इसकी कीमत बढ़ जाएगी। इसलिए केंद्र सरकार को ट्रैक्टर पर लगाए गए 28 प्रतिशत जीएसटी तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए।
पीएम को लिखे पत्र में चौटाला ने कहा है कि केंद्र सरकार की गठित जीएसटी काउंसिल ने कृषि उपकरण, जिसमें ट्रैक्टर भी शामिल है पर 28 प्रतिशत कर निर्धारित किया है। ट्रैक्टर का उपयोग पूरी तरह से कृषि कार्यों के लिए किया जाता है। 28 प्रतिशत कर लगाने से ट्रैक्टरों की कीमतेें बढ़ेंगी। बढ़ी कीमतों का असर किसानों की जेब पर पड़ेगा। ट्रैक्टरों की बिक्री हर वर्ष साल अधिक हो रही है। कृषि मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2004-05 में दो लाख 47 हजार 531 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी। 2015-16 में ट्रैक्टरों की बिक्री कर पांच लाख 71 हजार 249 हो गई। जीएसटी की 28 प्रतिशत दर लागू होने से न केवल ट्रैक्टरों की बिक्री कम होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र, किसानों पर सीधे रूप से विपरीत असर पड़ेगा।
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जीएसटी से ट्रैक्टर को बाहर करने की मांग
सांसद दुष्यंत चौटाला ने भेजा प्रधानमंत्री को पत्र
5100 व्यापारियों ने करवाया पंजीकरण
जींद। अब तक जिले भर में आठ हजार में से 5100 उपभोक्ताओं ने ही जीएसटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है, लेकिन अधिकारी इस आंकड़े में महज 100-200 का ही इजाफा होने की उम्मीद लगा रहे हैं। दरअसल, जीएसटी के तहत 20 लाख रुपये टर्नओवर तक के व्यापारियों को छूट मिली है। अभी कराधान विभाग के पास आठ हजार का जो आंकड़ा है, वह वैट के पंजीकरण के आधार पर है। ऐसे में अधिकारियों का मानना है कि यदि 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों की गिनती की जाए तो महज 100-200 व्यापारी ही बिना पंजीकरण के बचे हैं। इनमें से भी कई व्यापारी ऐसे हैं, जिनके कागजात पूरे नहीं है, लेकिन वे पंजीकरण करना चाहते हैं। ऐसे में पंजीकरण के लिए यदि एक मौका और मिल जाता है, तो सभी व्यापारियों का पंजीकरण हो जाएगा।
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चलेगा अभियान
हालांकि ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पोर्टल बंद हो चुका है। अब विभाग अपनी तैयारी शुरू कर रहा है। इसके तहत लोगों को जीएसटी की विस्तृत जानकरी दी जा रही है। अभी व्यापारियों को प्रेरित करने के लिए खास अभियान चलेगा। -सुरेंद्र कुमार, डीटीसी