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Jind News: 58 वीरांगनाओं को किया सम्मानित
Sun, 26 Jul 2026 11:03 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:03 PM IST
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26 जुलाना 01: वीरांगनाओं को सम्मानित करते हुए आयोजक। स्रोत: आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
जुलाना। कस्बे के जींद-रोहतक मार्ग स्थित दावत हवेली होटल में रविवार को कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में 58 शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में क्षेत्र के पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों, गणमान्य नागरिकों और स्कूली विद्यार्थियों ने भाग लिया। समाजसेवी डॉ. समुंद्र लाठर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा की थी। उनके अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
डॉ. लाठर ने वीरांगनाओं का सम्मान करना समाज का कर्तव्य बताया। स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। उपस्थित लोगों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
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पूर्व सैनिक नरेंद्र लाठर ने बताया कि कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है। कार्यक्रम के अंत में सभी वीरांगनाओं को स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
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जुलाना। कस्बे के जींद-रोहतक मार्ग स्थित दावत हवेली होटल में रविवार को कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में 58 शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में क्षेत्र के पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों, गणमान्य नागरिकों और स्कूली विद्यार्थियों ने भाग लिया। समाजसेवी डॉ. समुंद्र लाठर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा की थी। उनके अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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डॉ. लाठर ने वीरांगनाओं का सम्मान करना समाज का कर्तव्य बताया। स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। उपस्थित लोगों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
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पूर्व सैनिक नरेंद्र लाठर ने बताया कि कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है। कार्यक्रम के अंत में सभी वीरांगनाओं को स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।