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शनिवार को होगा जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला की कुर्सी का फैसला
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जिप चेयरपर्सन की कुर्सी रहेगी या जाएगी फैसला 29 को
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला की कुर्सी बचेगी या जाएगी इसका फैसला 29 मार्च को होगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर अब उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने तीन अक्तूबर को हुए मतदान की गणना करने की तारीख 29 मार्च तय कर दी है। 29 मार्च को दोपहर साढ़े 12 बजे मतों की गिनती होगी। गौरतलब है कि तीन अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तारीख रखी गई थी, लेकिन इससे पहले ही चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने इस मामले को हाई कोर्ट में चुनौति दी थी। इस पर कोर्ट ने मतदान का परिणाम सार्वजनिक करने पर रोक लगा दी थी। अब अदालत 18 मार्च को इस केस में फैसला सुनाते हुए डीसी को निर्देश दिए थे कि 15 दिन में मतगणना करवाएं।
जानकारी के लिए पिछले साल 16 अगस्त को 22 पार्षदों ने डीसी को शपथ पत्र सौंपकर चेयरपर्सन पदमा सिंगला पर विकास कार्यों में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अविश्वास जताया था। इसके बाद तत्कालीन डीसी अमित खत्री द्वारा चार सितंबर की तारीख अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए तय की गई थी। इस दौरान डीसी के चंडीगढ़ मीटिंग में जाने के कारण जिला परिषद की मीटिंग को रद्द कर दिया गया था। पदमा सिंगला ने इसी को आधार बना कर अदालत में याचिका डाली कि मीटिंग में विरोध पक्ष के पार्षद नहीं पहुंचे, जिससे अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। इसके बाद तीन अक्तूबर को मीटिंग बुलाई गई। जिसमें हुए मतदान के आधार पर अब 29 मार्च को पदमा सिंगला की कुर्सी का फैसला होगा।
यह है जिला परिषद के आंकड़ों का गणित
जिला परिषद में कुल 26 सदस्य हैं। तीन अक्तूबर को हुए मतदान में जिला परिषद के वार्ड नंबर छह के मोनू, वार्ड नंबर 16 के अमित, वार्ड नंबर 23 की कोमल तथा वार्ड नंबर 26 से पार्षद रीना अनुपस्थित रहे। वहीं मतदान के दौरान चेयरपर्सन पदमा सिंगला, विनोद सैनी व सतीश पहलवान ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। अविश्वास प्रस्ताव में कुल 19 पार्षदों ने मतदान किया था। गणित के हिसाब से विरोधी पार्षदों को 18 मत चाहिए। हालांकि पदमा सिंगला ने मतदान के बाद दावा किया था कि दो पार्षदों ने उनके हक में मतदान किया है। यदि ऐसा होता है तो उनकी कुर्सी बच जाएगी। वहीं विरोधी पार्षद वार्ड नंबर 19 से गीता देवी का दावा है कि सभी 19 पार्षदों ने चेयरपर्सन के खिलाफ मतदान किया है। ऐसी सूरत में पदमा सिंगला की कुर्सी नहीं बचेगी।
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चेयरपर्सन को पांच हजार रुपये जुर्माना
अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए चेयरपर्सन पदमा सिंगला को पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि राज्य सरकार को आठ सप्ताह में देनी होगी। इस पर पदमा सिंगला ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करती हैं। पैसे भरने पर अपने वकीलों से बात करेंगी। जिला परिषद के मतों की गिनती के मामले में अब आगे अपील नहीं की जाएगी।
अदालत का फैसला मिल गया है। इसके आधार पर 29 मार्च को मतों की गणना करवाई जाएगी। 29 मार्च को मतगणना के लिए दोपहर साढ़े 12 बजे डीसी ऑफिस का स्थान तय किया गया है।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला की कुर्सी बचेगी या जाएगी इसका फैसला 29 मार्च को होगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर अब उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने तीन अक्तूबर को हुए मतदान की गणना करने की तारीख 29 मार्च तय कर दी है। 29 मार्च को दोपहर साढ़े 12 बजे मतों की गिनती होगी। गौरतलब है कि तीन अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तारीख रखी गई थी, लेकिन इससे पहले ही चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने इस मामले को हाई कोर्ट में चुनौति दी थी। इस पर कोर्ट ने मतदान का परिणाम सार्वजनिक करने पर रोक लगा दी थी। अब अदालत 18 मार्च को इस केस में फैसला सुनाते हुए डीसी को निर्देश दिए थे कि 15 दिन में मतगणना करवाएं।
जानकारी के लिए पिछले साल 16 अगस्त को 22 पार्षदों ने डीसी को शपथ पत्र सौंपकर चेयरपर्सन पदमा सिंगला पर विकास कार्यों में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अविश्वास जताया था। इसके बाद तत्कालीन डीसी अमित खत्री द्वारा चार सितंबर की तारीख अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए तय की गई थी। इस दौरान डीसी के चंडीगढ़ मीटिंग में जाने के कारण जिला परिषद की मीटिंग को रद्द कर दिया गया था। पदमा सिंगला ने इसी को आधार बना कर अदालत में याचिका डाली कि मीटिंग में विरोध पक्ष के पार्षद नहीं पहुंचे, जिससे अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। इसके बाद तीन अक्तूबर को मीटिंग बुलाई गई। जिसमें हुए मतदान के आधार पर अब 29 मार्च को पदमा सिंगला की कुर्सी का फैसला होगा।
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यह है जिला परिषद के आंकड़ों का गणित
जिला परिषद में कुल 26 सदस्य हैं। तीन अक्तूबर को हुए मतदान में जिला परिषद के वार्ड नंबर छह के मोनू, वार्ड नंबर 16 के अमित, वार्ड नंबर 23 की कोमल तथा वार्ड नंबर 26 से पार्षद रीना अनुपस्थित रहे। वहीं मतदान के दौरान चेयरपर्सन पदमा सिंगला, विनोद सैनी व सतीश पहलवान ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। अविश्वास प्रस्ताव में कुल 19 पार्षदों ने मतदान किया था। गणित के हिसाब से विरोधी पार्षदों को 18 मत चाहिए। हालांकि पदमा सिंगला ने मतदान के बाद दावा किया था कि दो पार्षदों ने उनके हक में मतदान किया है। यदि ऐसा होता है तो उनकी कुर्सी बच जाएगी। वहीं विरोधी पार्षद वार्ड नंबर 19 से गीता देवी का दावा है कि सभी 19 पार्षदों ने चेयरपर्सन के खिलाफ मतदान किया है। ऐसी सूरत में पदमा सिंगला की कुर्सी नहीं बचेगी।
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चेयरपर्सन को पांच हजार रुपये जुर्माना
अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए चेयरपर्सन पदमा सिंगला को पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि राज्य सरकार को आठ सप्ताह में देनी होगी। इस पर पदमा सिंगला ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करती हैं। पैसे भरने पर अपने वकीलों से बात करेंगी। जिला परिषद के मतों की गिनती के मामले में अब आगे अपील नहीं की जाएगी।
अदालत का फैसला मिल गया है। इसके आधार पर 29 मार्च को मतों की गणना करवाई जाएगी। 29 मार्च को मतगणना के लिए दोपहर साढ़े 12 बजे डीसी ऑफिस का स्थान तय किया गया है।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।