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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का असर, जिलेभर के पांच लाख से अधिक बच्चे को नहीं दी गई अल्बेंडाजोल की गोलियां
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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से पांच लाख बच्चे कृमिनाशक दवा से वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के पांच लाख से अधिक बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं दी गई। यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया है, जिसमें एक वर्ष से 19 साल तक के बच्चों को हर साल दो चरणों में कृमि नाशक दवा दी जा रही है। इस बार आठ से 14 फरवरी को दवा दी जानी थी, लेकिन एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से आठ फरवरी को दवा नहीं दी जा सकी और अब 14 फरवरी को दी जाने वाली डोज पर भी असमंजस बना हुआ है। गौरतलब है कि एनएचएम कर्मचारी मांगों को लेकर एक सप्ताह से नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं चमरा गई है, कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से जहां गर्भवती महिलाओं की देखभाल और टीकाकरण की सेवाएं बाधित हो रही हैं, वहीं हड़ताल से जिले के पांच लाख से अधिक बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं दी गई हैं। एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हर छह महीने में एक साल से 19 साल के बीच के बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाती हैं। इससे बच्चों के पेट के कीड़े समाप्त होते हैं। इससे बच्चों का सही शारीरिक विकास हो सके, पर जिलेभर के एनएचएम कर्मचारियों हड़ताल पर है। इससे चलते जिलेभर के पांच लाख से अधिक बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं मिल सकी।
मॉक अप डे अभियान के तहत जिले भर के बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाती हैं। यह कार्यक्रम आठ फरवरी से 14 फरवरी तक चलाया जाना था। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से जिले के पांच लाख बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं दी जा सकी। निकट भविष्य में जल्द ही सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी कर रहा है।
-डॉ. जय सिंह, नोडल अधिकारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के पांच लाख से अधिक बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं दी गई। यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया है, जिसमें एक वर्ष से 19 साल तक के बच्चों को हर साल दो चरणों में कृमि नाशक दवा दी जा रही है। इस बार आठ से 14 फरवरी को दवा दी जानी थी, लेकिन एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से आठ फरवरी को दवा नहीं दी जा सकी और अब 14 फरवरी को दी जाने वाली डोज पर भी असमंजस बना हुआ है। गौरतलब है कि एनएचएम कर्मचारी मांगों को लेकर एक सप्ताह से नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं चमरा गई है, कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से जहां गर्भवती महिलाओं की देखभाल और टीकाकरण की सेवाएं बाधित हो रही हैं, वहीं हड़ताल से जिले के पांच लाख से अधिक बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं दी गई हैं। एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हर छह महीने में एक साल से 19 साल के बीच के बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाती हैं। इससे बच्चों के पेट के कीड़े समाप्त होते हैं। इससे बच्चों का सही शारीरिक विकास हो सके, पर जिलेभर के एनएचएम कर्मचारियों हड़ताल पर है। इससे चलते जिलेभर के पांच लाख से अधिक बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं मिल सकी।
मॉक अप डे अभियान के तहत जिले भर के बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाती हैं। यह कार्यक्रम आठ फरवरी से 14 फरवरी तक चलाया जाना था। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से जिले के पांच लाख बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां नहीं दी जा सकी। निकट भविष्य में जल्द ही सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी कर रहा है।
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-डॉ. जय सिंह, नोडल अधिकारी।