{"_id":"5bdf43c8bdec22696b2398a0","slug":"51541358536-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 नवंबर को जींद में होने वाली कांग्रेस की दो रैलियों में से एक रद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
11 नवंबर को जींद में होने वाली कांग्रेस की दो रैलियों में से एक रद
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद में 11 नवंबर को होने वाली दीपेंद्र हुड्डा की रैली रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कांग्रेस की 11 नवंबर को जींद में प्रस्तावित दो रैलियों में से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी रैली को रद्द कर दिया है। इससे उनके समर्थकों में निराशा है, जबकि रणदीप सिंह सुरजेवाला गुट के लोग इससे उत्साहित हैं। वे अपने आपको मजबूती की स्थिति में देख रहे हैं। दीपेंद्र की रैली रद्द होने का सीधा सा मतलब है कि जींद में जल्द होने वाले उपचुनाव में रणदीप सिंह सुरजेवाला गुट को कहीं न कहीं ज्यादा महत्व दिया जाएगा। इसके पीछे का कारण कुछ भी हो, लेकिन राजनीतिक पंडित इसे रणदीप सिंह सुरजेवाला गुट को मजबूत होता देख रहे हैं।
बताते चलें कि 17 अक्तूबर को प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता कर्मबीर सैनी ने यहां पत्रकारों के सामने 11 नवंबर को जींद की पुरानी अनाज मंडी में कांग्रेस की परिवर्तन रैली होने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रैली के लिए उनकी जिम्मेदारी लगाई है। इसके बाद कर्मवीर सैनी रैली की तैयारियों में जुट भी गए थे। उन्होंने जींद हलके के सभी गांवों व शहर का दौरा कर लोगों को 11 नवंबर की रैली के लिए निमंत्रण भी दे दिया था। जिला प्रशासन से पुरानी अनाज मंडी में रैली की अनुमति भी ले ली थी।
दूसरी तरफ 21 अक्तूबर को पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य व सुधीर गौतम ने पत्रकारवार्ता में 11 नवंबर को ही जींद के देवीलाल ग्राउंड में गरीब अधिकार रैली करने की घोषणा की थी। रैली में राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला मुख्यातिथि के रुप में शामिल होंगे। इसके बाद बच्चन सिंह आर्य व सुधीर गौतम ने भी रैली का निमंत्रण देने के लिए अपने दौरे शुरू कर दिए। अब अचानक रविवार सुबह दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ से एक बयान जारी करके रैली को स्थगित करने को कहा गया। अपने ब्यान में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जींद में एक ही दिन दो रैलियों के होने की उन्हें सूचना मिली है। जब उन्हें इस बात का पता चला तो उन्होंने अपनी रैली स्थगित करने का निर्णय लिया है। राजनीतिक पंडितों में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि कहीं न कहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला जींद में मजबूत हैं क्योंकि सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा जींद में की जाने वाली रैली का काफी समय से पता था, उसके बाद अब एकदम रैली को रद्द करना कहीं न कहीं हाईकमान के दबाव का परिणाम है।
विज्ञापन
जो भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का निर्णय है, वह उसी का अनुसरण करेंगे। पहले रैली का निर्णय था तो तैयारियां कर दी थीं। अब रैली स्थगित करने का निर्णय लिया है तो यही आदेश माना जाएगा।
कर्मवीर सैनी, पूर्व प्रवक्ता प्रदेश कांग्रेस एवं आयोजक परिवर्तन रैली।
हमने तो दो महीने पहले ही दिल्ली में रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ बैठक करके 11 नवंबर को रैली का निर्णय ले लिया था। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी रैली रद्द कर दी है तो उनका स्वागत करते हैं।
सुधीर गौतम, कांग्रेसी नेता एवं आयोजक गरीब अधिकार रैली।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कांग्रेस की 11 नवंबर को जींद में प्रस्तावित दो रैलियों में से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी रैली को रद्द कर दिया है। इससे उनके समर्थकों में निराशा है, जबकि रणदीप सिंह सुरजेवाला गुट के लोग इससे उत्साहित हैं। वे अपने आपको मजबूती की स्थिति में देख रहे हैं। दीपेंद्र की रैली रद्द होने का सीधा सा मतलब है कि जींद में जल्द होने वाले उपचुनाव में रणदीप सिंह सुरजेवाला गुट को कहीं न कहीं ज्यादा महत्व दिया जाएगा। इसके पीछे का कारण कुछ भी हो, लेकिन राजनीतिक पंडित इसे रणदीप सिंह सुरजेवाला गुट को मजबूत होता देख रहे हैं।
बताते चलें कि 17 अक्तूबर को प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता कर्मबीर सैनी ने यहां पत्रकारों के सामने 11 नवंबर को जींद की पुरानी अनाज मंडी में कांग्रेस की परिवर्तन रैली होने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रैली के लिए उनकी जिम्मेदारी लगाई है। इसके बाद कर्मवीर सैनी रैली की तैयारियों में जुट भी गए थे। उन्होंने जींद हलके के सभी गांवों व शहर का दौरा कर लोगों को 11 नवंबर की रैली के लिए निमंत्रण भी दे दिया था। जिला प्रशासन से पुरानी अनाज मंडी में रैली की अनुमति भी ले ली थी।
विज्ञापन
दूसरी तरफ 21 अक्तूबर को पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य व सुधीर गौतम ने पत्रकारवार्ता में 11 नवंबर को ही जींद के देवीलाल ग्राउंड में गरीब अधिकार रैली करने की घोषणा की थी। रैली में राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला मुख्यातिथि के रुप में शामिल होंगे। इसके बाद बच्चन सिंह आर्य व सुधीर गौतम ने भी रैली का निमंत्रण देने के लिए अपने दौरे शुरू कर दिए। अब अचानक रविवार सुबह दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ से एक बयान जारी करके रैली को स्थगित करने को कहा गया। अपने ब्यान में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जींद में एक ही दिन दो रैलियों के होने की उन्हें सूचना मिली है। जब उन्हें इस बात का पता चला तो उन्होंने अपनी रैली स्थगित करने का निर्णय लिया है। राजनीतिक पंडितों में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि कहीं न कहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला जींद में मजबूत हैं क्योंकि सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा जींद में की जाने वाली रैली का काफी समय से पता था, उसके बाद अब एकदम रैली को रद्द करना कहीं न कहीं हाईकमान के दबाव का परिणाम है।
विज्ञापन
जो भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का निर्णय है, वह उसी का अनुसरण करेंगे। पहले रैली का निर्णय था तो तैयारियां कर दी थीं। अब रैली स्थगित करने का निर्णय लिया है तो यही आदेश माना जाएगा।
कर्मवीर सैनी, पूर्व प्रवक्ता प्रदेश कांग्रेस एवं आयोजक परिवर्तन रैली।
हमने तो दो महीने पहले ही दिल्ली में रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ बैठक करके 11 नवंबर को रैली का निर्णय ले लिया था। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी रैली रद्द कर दी है तो उनका स्वागत करते हैं।
सुधीर गौतम, कांग्रेसी नेता एवं आयोजक गरीब अधिकार रैली।