{"_id":"668afd2bfdb43f96d9042a07","slug":"50-thousand-quintals-of-millet-lying-at-the-ration-depot-for-three-months-jind-news-c-199-1-sroh1007-119635-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: तीन माह से राशन डिपो पर पड़ा 50 हजार क्विंटल बाजरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: तीन माह से राशन डिपो पर पड़ा 50 हजार क्विंटल बाजरा
Mon, 08 Jul 2024 02:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 08 Jul 2024 02:10 AM IST
विज्ञापन
07जेएनडी38: राशन डिपो के गोदाम में रखा बाजरा। संवाद
जींद। राशन डिपो पर उपभोक्ताओं के लिए मार्च व अप्रैल में भेजा गया बाजरा अब राशन डिपोधारकों के लिए मुसीबत बन गया है। जिले के 545 राशन डिपो पर 50 हजार क्विंटल बाजरा है। इसका उठान करवाने के लिए विभाग के अधिकारियों ने भी पत्र लिखा है, लेकिन ठेकेदार इसकी संभाल नहीं कर रहे। इसके चलते राशन डिपोधारकों की परेशानी हो रही है।
मई में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन में उपभोक्ताओं को बाजरा देना बंद कर दिया था। इससे पहले उपभोक्ताओं को गेहूं के साथ बाजरा वितरण के निर्देश मिले थे। इसके चलते सभी राशन डिपो पर बाजरा पहुंचाया गया था। बाजरे का वितरण बंद होने के बाद यह राशन डिपो पर बच गया। इस बाजरे का उठान हैफेड कोे करवाना है, जो ठेकेदार डिपो पर राशन पहुंचाता है। उठान की जिम्मेदारी भी उसी की है। राशन डिपो पर ज्यादा मात्रा में बाजरा होने के कारण उनको डर सता रहा है कि एक तो यह खराब हो गया तो उन पर पेनल्टी लगेगी। दूसरी सबसे बड़ी समस्या है कि डिपोधारकों के गोदाम में हर महीने आने वाला राशन रखने के लिए जगह कम पड़ गई है। राशन डिपोधारकों ने इस बाजरे का उठान करवाने के लिए कई बार विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात की है, लेकिन डिपो में रखे बाजरे का उठान नहीं होने के कारण समस्या ज्यों की त्यों है।
हैफेड को बाजरा उठान के लिए लिखा पत्र
राशन डिपो पर बाजरे के बचे स्टॉक को उठवाने के लिए हैफेड को पत्र लिखा है, ताकि राशन डिपोधारकों को कोई परेशानी न रहे। यह बाजरा अप्रैल में आया था। कुछ बाजरा उपभोक्ताओं में बांट दिया था, लेकिन डिपो पर गोदामों में बचने के बाद इस बाजरे की रिपोर्ट ली गई थी। जिसके उठान के लिए अब हैफेड की जिम्मेदारी है। -निशांत राठी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन
मई में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन में उपभोक्ताओं को बाजरा देना बंद कर दिया था। इससे पहले उपभोक्ताओं को गेहूं के साथ बाजरा वितरण के निर्देश मिले थे। इसके चलते सभी राशन डिपो पर बाजरा पहुंचाया गया था। बाजरे का वितरण बंद होने के बाद यह राशन डिपो पर बच गया। इस बाजरे का उठान हैफेड कोे करवाना है, जो ठेकेदार डिपो पर राशन पहुंचाता है। उठान की जिम्मेदारी भी उसी की है। राशन डिपो पर ज्यादा मात्रा में बाजरा होने के कारण उनको डर सता रहा है कि एक तो यह खराब हो गया तो उन पर पेनल्टी लगेगी। दूसरी सबसे बड़ी समस्या है कि डिपोधारकों के गोदाम में हर महीने आने वाला राशन रखने के लिए जगह कम पड़ गई है। राशन डिपोधारकों ने इस बाजरे का उठान करवाने के लिए कई बार विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात की है, लेकिन डिपो में रखे बाजरे का उठान नहीं होने के कारण समस्या ज्यों की त्यों है।
विज्ञापन
हैफेड को बाजरा उठान के लिए लिखा पत्र
राशन डिपो पर बाजरे के बचे स्टॉक को उठवाने के लिए हैफेड को पत्र लिखा है, ताकि राशन डिपोधारकों को कोई परेशानी न रहे। यह बाजरा अप्रैल में आया था। कुछ बाजरा उपभोक्ताओं में बांट दिया था, लेकिन डिपो पर गोदामों में बचने के बाद इस बाजरे की रिपोर्ट ली गई थी। जिसके उठान के लिए अब हैफेड की जिम्मेदारी है। -निशांत राठी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।

07जेएनडी38: राशन डिपो के गोदाम में रखा बाजरा। संवाद
विज्ञापन