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44 गांवों के आधार कार्ड बनाने के लिए केवल एक मशीन
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Thu, 18 Dec 2014 12:15 AM IST
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सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य करने के बाद मची आपाथापी के बीच में फर्जीवाड़ा भी शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जी आधार कार्ड बनाकर लोगों से 50 रुपये तक वसूले जाते है। ऐसा ही मामला बुधवार को हाट में सामने आया।
जहां पर एक युवक ने बिना अनुमति के आधार कार्ड बनाने का कार्य शुरू किया और लोगों की लंबी लाइन के बीच में प्रत्येक आधार कार्ड बनाने के लिए 50 रुपये वसूलना शुरू कर दिया। इसकी भनक सफीदों प्रशासन को लग गई।
एसडीएम ममता शर्मा तथा तहसीलदार राजकुमार सूचना मिलते ही गांव में पहुंच गए। जहां पर गांव के बाहर बने एक मकान के अंदर युवक आधार कार्ड बनाने के लिए मशीन लगाए हुए थे और ग्रामीणों के आधार कार्ड बनाने के लिए 50 रुपये वसूल रहा था।
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युवक से पूछताछ करने पर युवक की पहचान पानीपत के वार्ड 15 निवासी श्याम सुंदर के रुप में बताई। आधार कार्ड बनाने वाली कंपनी के बारे में पूछा तो युवक श्याम सुंदर ने बताया कि वह क्लेस सॉफ्टवेयर कंपनी के लिए आधार कार्ड बना रहा है।
जबकि प्रशासन ने देखा कि इस कंपनी को जिले में आधार कार्ड बनाने की परमिशन ही नहीं है। प्रशासनिक अमले ने मौके से आधार कार्ड बनाने के लिए रखे कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य सामान को कब्जे में ले लिया।
आधार कार्ड बना रहे युवक ने बताया कि यह कार्य गांव मलार निवासी दर्शन सिंह के साथ मिलकर शुरू किया था। दर्शन सिंह द्वारा क्लेस सॉफ्टवेयर कंपनी गुड़गांव द्वारा आधार कार्ड बनाने के लिए अनुमति पत्र ले रखा है।
साथ ही उन्होंने बताया कि वह ग्रामीणों से 50 रुपये प्रत्येक आधार कार्ड के ले रहा है। दर्शन सिंह के कहने पर उन्होंने आज से ही गांव में आधार कार्ड बनाने शुरू किए थे। पहले दिन उसने अब तक दर्जनों लोगों के आधार कार्ड बना चुका है।
एसडीएम ममता शर्मा ने बताया कि हाट गांव से पानीपत निवासी श्याम सुंदर को आधार कार्ड बनाते समय काबू कर मशीन को कब्जे में लिया गया है। पकड़े गए युवक द्वारा दर्शन सिंह को भी बुलाया गया है जोकि अभी चंडीगढ़ है। इसके आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फर्जी आधार कार्ड बनाने का जिले में दूसरा मामला
जिले में आधार कार्ड बनाने का फर्जीवाड़ा करने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले गांव शादीपुर में नकली आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आया था।
पुलिस ने उस समय फर्जी तरीके से बना रहे एक युवक को काबू करके वहां से एक लेपटॉप, प्रिंटर व अन्य आधार कार्ड की मशीन के साथ लगभग 12000 रुपये की नकदी जब्त की थी। जिले में आधार कार्ड बनाने के कम सेंटर होने का फायदा कुछ लोग उठा रहे है।
44 गांवों पर केवल एक सेंटर
सफीदों उपमंडल के 44 गांवों से तहसील कार्यालय में पहुंच रही है। कार्यालय में आधार कार्ड बनवाने पहुंची महिलाओं व पुरुषों को उनके आधार कार्ड बनाने की बजाए की बजाए छह माह तक का समय दिया जा रहा है।
तहसील कार्यालय में अपना आधार कार्ड बनवाने पहुंचे वृद्ध महिला अकतरी, सुनेही, रजो ने बताया कि वह सुबह से ही लाईनों में लगकर खड़ी रहते है। पूरा दिन खड़ा रहते के बाद भी उसका नंबर आने पर उसके राशन कार्ड की कापी पर जून 2015 की तिथि डालकर छह महीने बाद आने की बात कही जा रही है।
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जहां पर एक युवक ने बिना अनुमति के आधार कार्ड बनाने का कार्य शुरू किया और लोगों की लंबी लाइन के बीच में प्रत्येक आधार कार्ड बनाने के लिए 50 रुपये वसूलना शुरू कर दिया। इसकी भनक सफीदों प्रशासन को लग गई।
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एसडीएम ममता शर्मा तथा तहसीलदार राजकुमार सूचना मिलते ही गांव में पहुंच गए। जहां पर गांव के बाहर बने एक मकान के अंदर युवक आधार कार्ड बनाने के लिए मशीन लगाए हुए थे और ग्रामीणों के आधार कार्ड बनाने के लिए 50 रुपये वसूल रहा था।
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युवक से पूछताछ करने पर युवक की पहचान पानीपत के वार्ड 15 निवासी श्याम सुंदर के रुप में बताई। आधार कार्ड बनाने वाली कंपनी के बारे में पूछा तो युवक श्याम सुंदर ने बताया कि वह क्लेस सॉफ्टवेयर कंपनी के लिए आधार कार्ड बना रहा है।
जबकि प्रशासन ने देखा कि इस कंपनी को जिले में आधार कार्ड बनाने की परमिशन ही नहीं है। प्रशासनिक अमले ने मौके से आधार कार्ड बनाने के लिए रखे कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य सामान को कब्जे में ले लिया।
आधार कार्ड बना रहे युवक ने बताया कि यह कार्य गांव मलार निवासी दर्शन सिंह के साथ मिलकर शुरू किया था। दर्शन सिंह द्वारा क्लेस सॉफ्टवेयर कंपनी गुड़गांव द्वारा आधार कार्ड बनाने के लिए अनुमति पत्र ले रखा है।
साथ ही उन्होंने बताया कि वह ग्रामीणों से 50 रुपये प्रत्येक आधार कार्ड के ले रहा है। दर्शन सिंह के कहने पर उन्होंने आज से ही गांव में आधार कार्ड बनाने शुरू किए थे। पहले दिन उसने अब तक दर्जनों लोगों के आधार कार्ड बना चुका है।
एसडीएम ममता शर्मा ने बताया कि हाट गांव से पानीपत निवासी श्याम सुंदर को आधार कार्ड बनाते समय काबू कर मशीन को कब्जे में लिया गया है। पकड़े गए युवक द्वारा दर्शन सिंह को भी बुलाया गया है जोकि अभी चंडीगढ़ है। इसके आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फर्जी आधार कार्ड बनाने का जिले में दूसरा मामला
जिले में आधार कार्ड बनाने का फर्जीवाड़ा करने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले गांव शादीपुर में नकली आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आया था।
पुलिस ने उस समय फर्जी तरीके से बना रहे एक युवक को काबू करके वहां से एक लेपटॉप, प्रिंटर व अन्य आधार कार्ड की मशीन के साथ लगभग 12000 रुपये की नकदी जब्त की थी। जिले में आधार कार्ड बनाने के कम सेंटर होने का फायदा कुछ लोग उठा रहे है।
44 गांवों पर केवल एक सेंटर
सफीदों उपमंडल के 44 गांवों से तहसील कार्यालय में पहुंच रही है। कार्यालय में आधार कार्ड बनवाने पहुंची महिलाओं व पुरुषों को उनके आधार कार्ड बनाने की बजाए की बजाए छह माह तक का समय दिया जा रहा है।
तहसील कार्यालय में अपना आधार कार्ड बनवाने पहुंचे वृद्ध महिला अकतरी, सुनेही, रजो ने बताया कि वह सुबह से ही लाईनों में लगकर खड़ी रहते है। पूरा दिन खड़ा रहते के बाद भी उसका नंबर आने पर उसके राशन कार्ड की कापी पर जून 2015 की तिथि डालकर छह महीने बाद आने की बात कही जा रही है।