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रात में 35 ऑक्सीजन सिलिंडर ने चलाया काम, 50 गंभीर मरीजों को नई बिल्डिंग में किया शिफ्ट
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मरीजों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Jind
ऑक्सीजन की कमी होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की रविवार की रात में सांसें ऊपर-नीचे होती रहीं। अधिकारियों ने दिन बड़ी मुश्किल से निकाला। स्वास्थ्य विभाग को रात में एक बार 15 और दूसरी बार 20 ऑक्सीजन सलिंडर मिले। इसके अलावा ऑक्सीजन की जरूरत वाले 50 गंभीर मरीजों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर काम चलाया। नई बिल्डिंग में टैंक से ऑक्सीजन की सेंट्रलाइज्ड सप्लाई है। इसलिए सिलिंडरों पर बहुत कम लोग रह गए, जिसकी वजह से ऑक्सीजन का काम चल गया। सुबह फिर अस्पताल प्रशासन को ऑक्सीजन सिलिंडरों की सप्लाई मिल गई।
रविवार रात को स्वास्थ्य विभाग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में 70 मरीज दाखिल थे तो ऑक्सीजन के केवल 30 सिलिंडर बचे थे। रात नौ बजे 15 सिलिंडर और मिले। इसके बाद 20 दो घंटे बाद फिर से 20 सिलेंडर मिले, जिसकी वजह से मरीजों को ऑक्सीजन के कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ी। वहीं अस्पताल प्रशासन ने 50 गंभीर मरीजों को पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया। इससे पुरानी बिल्डिंग में ऑक्सीजन खपत काफी कम हो गई। अब ऑक्सीजन की अधिक खपत नई बिल्डिंग में होगी। नई बिल्डिंग में मरीजों की संख्या बढ़ने से अब यहां पर ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है। यहां पर बने ऑक्सीजन टैंक में तीन दिन के लिए ऑक्सीजन पर्याप्त रहेगी। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग को प्रतिदिन दो टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करवाने का भरोसा दिलाया है।
अब केवल 50 ऑक्सीजन सिलिंडर प्रतिदिन रहेंगे पर्याप्त
अब यदि प्रतिदिन नागरिक अस्पताल के लिए 50 ऑक्सीजन सिलिंडर मिलते रहेंगे तो भी काम चल जाएगा। पुरानी बिल्डिंग में अब केवल 50 के आसपास मरीज रखे गए हैं। इनको भी बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है। जो गंभीर मरीज हैं और उनको ऑक्सीजन की जरूरत थी तो उन्हें नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। नई बिल्डिंग में टैंक से ऑक्सीजन की सप्लाई है। पुरानी बिल्डिंग में पहले 100 सिलिंडर प्रतिदिन लगते थे।
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रात को कहीं से दस तो कहीं से 15 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले। कुल मिलाकर 35 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले थे। इसके बाद एक-एक करके 50 गंभीर मरीजों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया। इससे रात निकल गई। सुबह 50 ऑक्सीजन सिलिंडर मिल गए। अब प्रतिदिन 50 ऑक्सीजन सिलिंडरों से काम चल जाएगा। उपायुक्त ने प्रतिदिन दो टन ऑक्सीजन की सप्लाई देने का भरोसा दिलाया है। प्रतिदिन टैंक से एक टन ऑक्सीजन की खपत होगी।
डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ।
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रविवार रात को स्वास्थ्य विभाग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में 70 मरीज दाखिल थे तो ऑक्सीजन के केवल 30 सिलिंडर बचे थे। रात नौ बजे 15 सिलिंडर और मिले। इसके बाद 20 दो घंटे बाद फिर से 20 सिलेंडर मिले, जिसकी वजह से मरीजों को ऑक्सीजन के कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ी। वहीं अस्पताल प्रशासन ने 50 गंभीर मरीजों को पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया। इससे पुरानी बिल्डिंग में ऑक्सीजन खपत काफी कम हो गई। अब ऑक्सीजन की अधिक खपत नई बिल्डिंग में होगी। नई बिल्डिंग में मरीजों की संख्या बढ़ने से अब यहां पर ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है। यहां पर बने ऑक्सीजन टैंक में तीन दिन के लिए ऑक्सीजन पर्याप्त रहेगी। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग को प्रतिदिन दो टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करवाने का भरोसा दिलाया है।
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अब केवल 50 ऑक्सीजन सिलिंडर प्रतिदिन रहेंगे पर्याप्त
अब यदि प्रतिदिन नागरिक अस्पताल के लिए 50 ऑक्सीजन सिलिंडर मिलते रहेंगे तो भी काम चल जाएगा। पुरानी बिल्डिंग में अब केवल 50 के आसपास मरीज रखे गए हैं। इनको भी बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है। जो गंभीर मरीज हैं और उनको ऑक्सीजन की जरूरत थी तो उन्हें नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। नई बिल्डिंग में टैंक से ऑक्सीजन की सप्लाई है। पुरानी बिल्डिंग में पहले 100 सिलिंडर प्रतिदिन लगते थे।
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रात को कहीं से दस तो कहीं से 15 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले। कुल मिलाकर 35 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले थे। इसके बाद एक-एक करके 50 गंभीर मरीजों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया। इससे रात निकल गई। सुबह 50 ऑक्सीजन सिलिंडर मिल गए। अब प्रतिदिन 50 ऑक्सीजन सिलिंडरों से काम चल जाएगा। उपायुक्त ने प्रतिदिन दो टन ऑक्सीजन की सप्लाई देने का भरोसा दिलाया है। प्रतिदिन टैंक से एक टन ऑक्सीजन की खपत होगी।
डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ।