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अस्पताल में कम नहीं हो रही दिव्यांगों की परेशानियां
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नागरिक अस्पताल : जांच के लिए दिव्यांग चक्कर काटने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आने वाले दिव्यांगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बुधवार को भी नागरिक अस्पताल पहुंचे दिव्यांगों को काफी परेशानी हुई। सुबह से ही दिव्यांग चिकित्सकों के इंतजार में बैठे रहते हैं। वहीं चिकित्सकों की कमी के कारण बाहर से चिकित्सक आकर दोपहर बाद दिव्यांगों की जांच के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन हर बुधवार कभी ईएनटी, कभी हड्डी रोग विशेषज्ञ, कभी फिजीशियन तो कभी नेत्र रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल नहीं पहुंच रहे। इस कारण सुबह से चिकित्सक के इंतजार में बैठे दिव्यांगों को दोपहर बाद बिना जांच के वापस लौटना पड़ रहा है।
इस बुधवार को दिव्यांगों की जांच के लिए ईनटी नागरिक अस्पताल जींद नहीं पहुंचे। चिकित्सकों की कमी के कारण दिव्यांगों की सुविधा की लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मांग पर कुरुक्षेत्र से एलएनजेपी अस्पताल के नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र, ईएनटी डॉ. विजय कुमार और डॉ. अतुल शर्मा को जींद के नागरिक अस्पताल में डेपुटेशन ड्यूटी के लिए भेजा गया था लेकिन बुधवार को ईएनटी डॉ. विजय नागरिक अस्पताल नहीं पहुंचे। लाइन में लगे दिव्यागों का आरोप है कि इस दौरान कर्मचारी उनसे अभद्र व्यवहार करते हैं।
फरवरी से अब तक नहीं हुई जांच
मेरे नाती दीपेश को जन्मजात पैरों में दिक्कत है। वह केवल सात वर्ष का है। जांच के लिए इसका नंबर 27 फरवरी को आ गया था, चिकित्सक के नहीं आने से हमें काफी परेशानी हो रही है। एक महीना हो गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालत ये हो गई है कि लगातार चौथी बार भी में खाली हाथ लौट रहा हूं।
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-रामसुख, झांझ खुर्द निवासी।
डेढ़ साल पहले गिरने से टूटी टांग
मैं मजदूरी करता हूं, डेढ़ साल पहले मकान बनाते समय मैं गिर गया था। उस दौरान मेरी टांग टूट गई थी। मैं पिछले एक महीने से चक्कर काट रहा हूं। इस दौरान मेरी जांच नहीं हुई। मजदूरी करने वाले व्यक्ति को बार-बार खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ रहा है, इससे आर्थिक हानि हो रही है।
-रामफल, खेड़ा खेमावती निवासी।
नहीं हो रहा समस्या का समाधान
पिछले कई महीनों से नागरिक अस्पताल में जांच के लिए चक्कर काट रहा हूं। हर बार चिकित्सक नहीं आ रहे हैं। इससे दिव्यांगों को काफी परेशानी हो रही है। दिव्यांगों की सुविधा के लिए चाहिए कि सभी चकित्सक समय पर अस्पताल पहुंचे। इससे सभी दिव्यांगों की जांच सही समय पर हो पाए।
-शिशपाल, नरवाना निवासी।
स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजी मांग
कुरुक्षेत्र से ईएनटी डॉ. विजय नहीं पहुंचे। इसके बाद करनाल से चिकित्सक बुलाया गया था लेकिन मरीज ज्यादा होने की वजह से करनाल से भी चिकित्सक नहीं पहुंच पाए। स्वास्थ्य महानिदेशक को ईएनटी चिकित्सक की मांग भेजी गई है। इससे दिव्यांगों को परेशानी नहीं हो।
-डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आने वाले दिव्यांगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बुधवार को भी नागरिक अस्पताल पहुंचे दिव्यांगों को काफी परेशानी हुई। सुबह से ही दिव्यांग चिकित्सकों के इंतजार में बैठे रहते हैं। वहीं चिकित्सकों की कमी के कारण बाहर से चिकित्सक आकर दोपहर बाद दिव्यांगों की जांच के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन हर बुधवार कभी ईएनटी, कभी हड्डी रोग विशेषज्ञ, कभी फिजीशियन तो कभी नेत्र रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल नहीं पहुंच रहे। इस कारण सुबह से चिकित्सक के इंतजार में बैठे दिव्यांगों को दोपहर बाद बिना जांच के वापस लौटना पड़ रहा है।
इस बुधवार को दिव्यांगों की जांच के लिए ईनटी नागरिक अस्पताल जींद नहीं पहुंचे। चिकित्सकों की कमी के कारण दिव्यांगों की सुविधा की लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मांग पर कुरुक्षेत्र से एलएनजेपी अस्पताल के नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र, ईएनटी डॉ. विजय कुमार और डॉ. अतुल शर्मा को जींद के नागरिक अस्पताल में डेपुटेशन ड्यूटी के लिए भेजा गया था लेकिन बुधवार को ईएनटी डॉ. विजय नागरिक अस्पताल नहीं पहुंचे। लाइन में लगे दिव्यागों का आरोप है कि इस दौरान कर्मचारी उनसे अभद्र व्यवहार करते हैं।
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फरवरी से अब तक नहीं हुई जांच
मेरे नाती दीपेश को जन्मजात पैरों में दिक्कत है। वह केवल सात वर्ष का है। जांच के लिए इसका नंबर 27 फरवरी को आ गया था, चिकित्सक के नहीं आने से हमें काफी परेशानी हो रही है। एक महीना हो गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालत ये हो गई है कि लगातार चौथी बार भी में खाली हाथ लौट रहा हूं।
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-रामसुख, झांझ खुर्द निवासी।
डेढ़ साल पहले गिरने से टूटी टांग
मैं मजदूरी करता हूं, डेढ़ साल पहले मकान बनाते समय मैं गिर गया था। उस दौरान मेरी टांग टूट गई थी। मैं पिछले एक महीने से चक्कर काट रहा हूं। इस दौरान मेरी जांच नहीं हुई। मजदूरी करने वाले व्यक्ति को बार-बार खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ रहा है, इससे आर्थिक हानि हो रही है।
-रामफल, खेड़ा खेमावती निवासी।
नहीं हो रहा समस्या का समाधान
पिछले कई महीनों से नागरिक अस्पताल में जांच के लिए चक्कर काट रहा हूं। हर बार चिकित्सक नहीं आ रहे हैं। इससे दिव्यांगों को काफी परेशानी हो रही है। दिव्यांगों की सुविधा के लिए चाहिए कि सभी चकित्सक समय पर अस्पताल पहुंचे। इससे सभी दिव्यांगों की जांच सही समय पर हो पाए।
-शिशपाल, नरवाना निवासी।
स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजी मांग
कुरुक्षेत्र से ईएनटी डॉ. विजय नहीं पहुंचे। इसके बाद करनाल से चिकित्सक बुलाया गया था लेकिन मरीज ज्यादा होने की वजह से करनाल से भी चिकित्सक नहीं पहुंच पाए। स्वास्थ्य महानिदेशक को ईएनटी चिकित्सक की मांग भेजी गई है। इससे दिव्यांगों को परेशानी नहीं हो।
-डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद।