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शुंतला काजल बनी राष्ट्रीय कवि संगम की जिलाध्यक्ष
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:29 PM IST
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शकुंतला बनीं राष्ट्रीय कवि संगम की जिलाध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हिंदी भवन में रविवार को राज्यभर के कवि एवं साहित्यकारों की बैठक राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांत अध्यक्ष मनमोहन गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। इसमें जींद, फरीदाबाद, रोहतक, भिवानी, झज्झर, नरवाना और हिसार के साहित्यकारों ने भाग लिया। राष्ट्रीय कवि संगम की जिला इकाई का गठन करने के लिए हुई बैठक में वरिष्ठ साहित्यकार तथा कार्यक्रम के संयोजक रामफल सिंह खटकड़ ने सर्वसम्मति से कवयित्री शकुंतला काजल को जिला इकाई अध्यक्ष नियुक्त किया।
काजल ने कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम कवियों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करता है। अभी तक जींद में इसकी जिला इकाई का गठन नहीं हो पाया था। अब इसके गठन के बाद युवा कलमकारों को उच्च स्तर तक काव्य मंच मिलना संभव हो सकेगा। जिला इकाई के गठन के बाद एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी में बहादुरगढ़ से कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी, भिवानी से विकास, यशकीर्ति, शायर महेंद्र गाफिल, डॉ. भामा, विनोद कुमार, महेंद्र सागर, रोहतक से डॉ. मंजीत भारतीय, डॉ. विजयलक्ष्मी, डॉ. नरेंद्र भारतीय, नारनौद हिसार से शायर देवदत्त देव, सुभाष शास्त्री तथा नरवाना से शैलेंद्र मोहन, सुशील अटल, कवयित्री सिमरन दुआ समेत अन्य कवियों ने प्रस्तुति दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हिंदी भवन में रविवार को राज्यभर के कवि एवं साहित्यकारों की बैठक राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांत अध्यक्ष मनमोहन गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। इसमें जींद, फरीदाबाद, रोहतक, भिवानी, झज्झर, नरवाना और हिसार के साहित्यकारों ने भाग लिया। राष्ट्रीय कवि संगम की जिला इकाई का गठन करने के लिए हुई बैठक में वरिष्ठ साहित्यकार तथा कार्यक्रम के संयोजक रामफल सिंह खटकड़ ने सर्वसम्मति से कवयित्री शकुंतला काजल को जिला इकाई अध्यक्ष नियुक्त किया।
काजल ने कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम कवियों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करता है। अभी तक जींद में इसकी जिला इकाई का गठन नहीं हो पाया था। अब इसके गठन के बाद युवा कलमकारों को उच्च स्तर तक काव्य मंच मिलना संभव हो सकेगा। जिला इकाई के गठन के बाद एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी में बहादुरगढ़ से कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी, भिवानी से विकास, यशकीर्ति, शायर महेंद्र गाफिल, डॉ. भामा, विनोद कुमार, महेंद्र सागर, रोहतक से डॉ. मंजीत भारतीय, डॉ. विजयलक्ष्मी, डॉ. नरेंद्र भारतीय, नारनौद हिसार से शायर देवदत्त देव, सुभाष शास्त्री तथा नरवाना से शैलेंद्र मोहन, सुशील अटल, कवयित्री सिमरन दुआ समेत अन्य कवियों ने प्रस्तुति दी।
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