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बिजली बिल नहीं भरने पर 239 औद्योगिक इकाइयों के काटे कनेक्शन, 42 ने ले रखा है स्टे
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जींद औद्योगिक क्षेत्र, जहां की कई इकाइयों द्वारा बिजली बिल नहीं भरने पर कनेक्शन काट दिए गए हैं। स?
- फोटो : Jind
बिल नहीं भरने पर बिजली निगम की डिफाल्टर लिस्ट में आम उपभोक्ता, सरकारी विभागों के अलावा जिले की औद्योगिक इकाइयां भी शामिल हैं। इनमें से कई औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काट दिए गए हैं।
जिले में 895 औद्योगिक इकाइयां हैं। जिनका बिजली बिल 1038.54 लाख रुपये बकाया था। 31 अगस्त तक सभी औद्योगिक इकाइयों को बिल भरना था। 895 में से 538 औद्योगिक इकाइयों ने 363.26 लाख रुपये के बिल का भुगतान कर दिया, पर अन्य इकाइयों ने बिल नहीं जमा किया। बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली निगम ने 239 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काट दिए हैं। जिन पर 241.92 लाख रुपये बिल बकाया है। वहीं 42 औद्योगिक इकाइयों ने अभी कोर्ट से स्टे लिया हुआ है। जिसकी वजह से इनके कनेक्शन अभी नहीं काटे गए हैं। 42 औद्योगिक इकाइयों पर 362.67 लाख रुपये बिल बकाया है। वहीं 76 औद्योगिक इकाइयां ऐसी भी हैं, जो डिफाल्टर हैं। लेकिन उनके कनेक्शन नहीं काटे गए हैं। इन इकाइयों ने अपने बिजली बिल की भुगतान राशि में से थोड़ी बहुत राशि भर दी है और शेष राशि जल्द ही भरने का समय बिजली निगम से मांगा है। इन 76 औद्योगिक इकाइयों पर 70.69 लाख रुपये बिल बकाया है।
बिजली निगम का प्रयास है कि सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाई जाए। ऐसे में उनका भी दायित्व बनता है कि वह तय समय पर बिल भरें। बिल नहीं भरने की सूरत में कुछ औद्योगिक इकाइयों के कनेेक्शन काट दिए गए हैं। इसके अलावा कुछ औद्योगिक इकाइयों ने अपनी भुगतान राशि में से थोड़ी बहुत भरकर बकाया बिल भरने के लिए समय मांगा है। अगर मांगे गए समय में औद्योगिक इकाइयों ने बिल नहीं भरा तो उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे। -श्यामबीर सैनी, एसई बिजली निगम जींद।
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जिले में 895 औद्योगिक इकाइयां हैं। जिनका बिजली बिल 1038.54 लाख रुपये बकाया था। 31 अगस्त तक सभी औद्योगिक इकाइयों को बिल भरना था। 895 में से 538 औद्योगिक इकाइयों ने 363.26 लाख रुपये के बिल का भुगतान कर दिया, पर अन्य इकाइयों ने बिल नहीं जमा किया। बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली निगम ने 239 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काट दिए हैं। जिन पर 241.92 लाख रुपये बिल बकाया है। वहीं 42 औद्योगिक इकाइयों ने अभी कोर्ट से स्टे लिया हुआ है। जिसकी वजह से इनके कनेक्शन अभी नहीं काटे गए हैं। 42 औद्योगिक इकाइयों पर 362.67 लाख रुपये बिल बकाया है। वहीं 76 औद्योगिक इकाइयां ऐसी भी हैं, जो डिफाल्टर हैं। लेकिन उनके कनेक्शन नहीं काटे गए हैं। इन इकाइयों ने अपने बिजली बिल की भुगतान राशि में से थोड़ी बहुत राशि भर दी है और शेष राशि जल्द ही भरने का समय बिजली निगम से मांगा है। इन 76 औद्योगिक इकाइयों पर 70.69 लाख रुपये बिल बकाया है।
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बिजली निगम का प्रयास है कि सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाई जाए। ऐसे में उनका भी दायित्व बनता है कि वह तय समय पर बिल भरें। बिल नहीं भरने की सूरत में कुछ औद्योगिक इकाइयों के कनेेक्शन काट दिए गए हैं। इसके अलावा कुछ औद्योगिक इकाइयों ने अपनी भुगतान राशि में से थोड़ी बहुत भरकर बकाया बिल भरने के लिए समय मांगा है। अगर मांगे गए समय में औद्योगिक इकाइयों ने बिल नहीं भरा तो उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे। -श्यामबीर सैनी, एसई बिजली निगम जींद।
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