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सरकार के खिलाफ फिर लामबंद हुए रोडवेज कर्मचारी
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:29 AM IST
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रोडवेज कर्मचारी 10 को प्रदेशभर के डिपो पर दो घंटे करेंगे प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निजी बसों को परमिट देने के विरोध को लेकर बुधवार को हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर लाठीचार्ज व एस्मा के विरोध में रोडवेज कर्मचारी फिर से लामबंद हो गए हैं। बुधवार की हड़ताल में शामिल होने वाली पांचों यूनियनें चंडीगढ़ में सभी विपक्षी पार्टियों के नेताओं को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में विधानसभा में आवाज उठाने की मांग करेंगी। इसके बाद 10 सितंबर को प्रदेशभर में दो घंटे प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
वीरवार को जींद के रोडवेज वर्कशॉप में हुई मीटिंग में रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष हरिनारायण शर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों का दमन कर रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है, लेकिन इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। इससे पहले कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर रोष प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधानों व सचिवों ने वीरवार को जींद डिपो में बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार रोडवेज कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकद्दमों को वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रधान बाबूलाल यादव, हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत व आजाद सिंह गिल ने कहा कि सरकार एस्मा जैसा काला कानून लागू कर लोकतंत्र की हत्या का प्रयास कर रही है। इसे कर्मचारी सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों पर दर्ज मुकद्दमों को सरकार वापिस नहीं लेगी तब तक रोडवेज कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की नहीं हुई जमानत
वहीं हड़ताल के दौरान गिरफ्तार किए गए कर्मचारी संजय नैन, सज्जन कंडेला, सुभाष व राजबीर की वीरवार को जमानत नहीं मिली। यूनियन के सचिव आजाद सिंह गिल ने कहा कि पुलिस ने अभी तक इसकी रिपोर्ट तैयार नहीं की है। इसके चलते जमानत नहीं हो सकी है। शुक्रवार को जमानत होने की संभावना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निजी बसों को परमिट देने के विरोध को लेकर बुधवार को हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर लाठीचार्ज व एस्मा के विरोध में रोडवेज कर्मचारी फिर से लामबंद हो गए हैं। बुधवार की हड़ताल में शामिल होने वाली पांचों यूनियनें चंडीगढ़ में सभी विपक्षी पार्टियों के नेताओं को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में विधानसभा में आवाज उठाने की मांग करेंगी। इसके बाद 10 सितंबर को प्रदेशभर में दो घंटे प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
वीरवार को जींद के रोडवेज वर्कशॉप में हुई मीटिंग में रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष हरिनारायण शर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों का दमन कर रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है, लेकिन इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। इससे पहले कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर रोष प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधानों व सचिवों ने वीरवार को जींद डिपो में बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार रोडवेज कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकद्दमों को वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रधान बाबूलाल यादव, हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत व आजाद सिंह गिल ने कहा कि सरकार एस्मा जैसा काला कानून लागू कर लोकतंत्र की हत्या का प्रयास कर रही है। इसे कर्मचारी सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों पर दर्ज मुकद्दमों को सरकार वापिस नहीं लेगी तब तक रोडवेज कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा।
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गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की नहीं हुई जमानत
वहीं हड़ताल के दौरान गिरफ्तार किए गए कर्मचारी संजय नैन, सज्जन कंडेला, सुभाष व राजबीर की वीरवार को जमानत नहीं मिली। यूनियन के सचिव आजाद सिंह गिल ने कहा कि पुलिस ने अभी तक इसकी रिपोर्ट तैयार नहीं की है। इसके चलते जमानत नहीं हो सकी है। शुक्रवार को जमानत होने की संभावना है।
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