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राशन डिपो में बांटा खराब गेहूं, खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने निपटाया मामला
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राशन डिपो में उपभोक्ताओं को बांटा गया खराब गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। गांव रत्ताखेड़ा में राशन डिपो में खराब गेहूं बांटने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार सेतिया दी गई है। गांव के सरपंच प्रतिधिनि संदीप ने रविवार को ग्रामीणों द्वारा डिपो पर खराब राशन मिलने की शिकायत पर राशन डिपो का निरीक्षण किया। जहां पर बंटने वाला गेहूं की गुणवत्ता खराब पाई गई। सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि डिपो में सही से रखवाली नहीं होने के कारण गेहूं खराब हो चुका है जो कि अब खाने लायक नहीं है।
सरपंच के माध्यम से खराब गेहूं बांटने की सूचना मिली है। खराब गेहूं के कट्टे को बदलवा दिया गया है। गांव में करीब लगभग 60 क्विंटल गेहूं बांटा गया था। इसको वापस देकर ग्रामीण इसके बदले दूसरा गेहूं ले सकते हैं। गेहूं पीछे से ही खराब आया था। गेहूं के कट्टे फटे होने पर बारिश पानी इसमें जाने से यह खराब हो गया। अगर डिपो में इसे सही जगह पर रखा जाता तो यह खराब नहीं होता।
सतीश कुमार सेतिया, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। गांव रत्ताखेड़ा में राशन डिपो में खराब गेहूं बांटने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार सेतिया दी गई है। गांव के सरपंच प्रतिधिनि संदीप ने रविवार को ग्रामीणों द्वारा डिपो पर खराब राशन मिलने की शिकायत पर राशन डिपो का निरीक्षण किया। जहां पर बंटने वाला गेहूं की गुणवत्ता खराब पाई गई। सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि डिपो में सही से रखवाली नहीं होने के कारण गेहूं खराब हो चुका है जो कि अब खाने लायक नहीं है।
सरपंच के माध्यम से खराब गेहूं बांटने की सूचना मिली है। खराब गेहूं के कट्टे को बदलवा दिया गया है। गांव में करीब लगभग 60 क्विंटल गेहूं बांटा गया था। इसको वापस देकर ग्रामीण इसके बदले दूसरा गेहूं ले सकते हैं। गेहूं पीछे से ही खराब आया था। गेहूं के कट्टे फटे होने पर बारिश पानी इसमें जाने से यह खराब हो गया। अगर डिपो में इसे सही जगह पर रखा जाता तो यह खराब नहीं होता।
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सतीश कुमार सेतिया, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी