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एससी एसटी एक्ट पर स्वर्ण जाति और व्यापारियों ने जताया विरोध दो घंटे पूर्णतय बंद रहा बाजार, खरीददारी के लिए भटकते रहे लोग
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:29 AM IST
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एससी-एसटी एक्ट के विरोध में दो घंटे बाजार रहे बंद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलवों को जारी रखने की मांग को लेकर देशभर में सवर्ण जातियों द्वारा किए गए भारत बंद के आह्वान का जींद में व्यापक असर दिखाई दिया। इसके तहत सुबह नौ बजे से 11 बजे तक सभी व्यापारी संगठनों ने समर्थन इसका समर्थन करते हुए बाजार को बंद रखा। इस दौरान व्यापारियों व सवर्ण जातियों के लोगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुसार एससी-एसटी के तहत दर्ज हुए केस में गिरफ्तारी से पहले जांच होनी चाहिए। इसको लेकर विरोध कर रहे लोगों ने एसडीएम विरेंद्र सहरावत को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से गुहार लगाई की एससी एसटी एक्ट जहां दलित की सुरक्षा करता है, तो वहीं कुछ लोग इस एक्ट का दुरुपयोग करके सवर्ण जाति के लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस एक्ट को किसी पर लगाने से पहले मामले की अच्छी तरह से जांच की जानी चाहिए, ताकि कोई निर्दोष इस एक्ट का शिकार न हो। व्यापार मंडल के संगठनों से आए लोगों और सवर्ण जातियों के लोगों ने इस एक्ट के विरोध में एक होकर आवाज को बुलंद किया। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से इस एक्ट में उचित बदलाव की मांग की। इस अवसर पर सतीश जैन, सुनील वशिष्ठ, ईश्वर नैन, राधे श्याम, ईश्वर बंसल, सागर गर्ग, वेदप्रकाश, अनूप गर्ग, जय भगवान गोयल, प्रवीन जैन, जितेंद्र जैन, रामफल मंगला मौजूद रहे।
बाजार बंद से भटकते रहे लोग
एससी एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर बंद हुए बाजार से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार में प्रतिदिन की तरह ही खरीदार आने शुरू हो गए थे। इन खरीदारों को बाजार बंद मिलने से दूर से आए लोगों को दुकानों के बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ा। वहीं शहर वासियों को बिना खरीदारी किए वापस जाने को मजबूर होना पड़ा।
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एससी एक्ट तुरंत वापस ले सरकार
एससी एक्ट कानून लागू होने से आपसी भाईचारा खराब हो रहा है। सरकार से मांग करते हैं कि इस कानून को तुरंत प्रभाव वापस लिया जाए। व्यापारी वर्ग इस कानून से काफी परेशान है, इसका कुछ असामाजिक तत्व गलत तरीके प्रयोग करते हैं।
ईश्वर बंसल, व्यापारी।
मुकद्दमे से पहले हो जांच
व्यापारी वर्ग एससी एक्ट कानून लागू होने काफी परेशानी हो रही है। एससी एक्ट में कोई भी मुकद्दमा दर्ज होने से पहले जांच होनी चाहिए। इससे दलित समाज को भी न्याय मिलेगा। सरकार से मांग है, कि लागू किए गए कानून को वापस लेना चाहिए।
सतीश जिंदल, व्यापारी।
निर्दोष व्यक्ति भी हो जाते हैं शिकार
एससी एक्ट कानून लागू होने से पुलिस बगैर जांच किए ही मामला दर्ज कर लेती है। इससे निर्दोष व्यक्ति भी इस कानून का शिकार हो जाते हैं। बगैर जांच के मामला दर्ज होने से हमारा कानून काफी कमजोर सा लगने लगा हैं। सरकार से मांग है कि जल्द से इस काले कानून को वापस लिया जाए।
राधेश्याम, व्यापारी
एक्ट के विरोध में बंद
एससी एक्ट के विरोध में बाजार के सभी व्यापारियों ने दुकानें बंद करके विरोध जताया गया। सरकार ने ऐसे कानून को लागू कर दिया कि बिना जांच के ही मुकद्दमा दर्ज कर लिया जाता है। इससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है, इस कानून से व्यापारी वर्ग काफी दुखी है, जल्द से जल्द इस एक्ट को सरकार ने वापस लेना चाहिए।
सुरेश गर्ग, व्यापारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलवों को जारी रखने की मांग को लेकर देशभर में सवर्ण जातियों द्वारा किए गए भारत बंद के आह्वान का जींद में व्यापक असर दिखाई दिया। इसके तहत सुबह नौ बजे से 11 बजे तक सभी व्यापारी संगठनों ने समर्थन इसका समर्थन करते हुए बाजार को बंद रखा। इस दौरान व्यापारियों व सवर्ण जातियों के लोगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुसार एससी-एसटी के तहत दर्ज हुए केस में गिरफ्तारी से पहले जांच होनी चाहिए। इसको लेकर विरोध कर रहे लोगों ने एसडीएम विरेंद्र सहरावत को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से गुहार लगाई की एससी एसटी एक्ट जहां दलित की सुरक्षा करता है, तो वहीं कुछ लोग इस एक्ट का दुरुपयोग करके सवर्ण जाति के लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस एक्ट को किसी पर लगाने से पहले मामले की अच्छी तरह से जांच की जानी चाहिए, ताकि कोई निर्दोष इस एक्ट का शिकार न हो। व्यापार मंडल के संगठनों से आए लोगों और सवर्ण जातियों के लोगों ने इस एक्ट के विरोध में एक होकर आवाज को बुलंद किया। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से इस एक्ट में उचित बदलाव की मांग की। इस अवसर पर सतीश जैन, सुनील वशिष्ठ, ईश्वर नैन, राधे श्याम, ईश्वर बंसल, सागर गर्ग, वेदप्रकाश, अनूप गर्ग, जय भगवान गोयल, प्रवीन जैन, जितेंद्र जैन, रामफल मंगला मौजूद रहे।
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बाजार बंद से भटकते रहे लोग
एससी एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर बंद हुए बाजार से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार में प्रतिदिन की तरह ही खरीदार आने शुरू हो गए थे। इन खरीदारों को बाजार बंद मिलने से दूर से आए लोगों को दुकानों के बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ा। वहीं शहर वासियों को बिना खरीदारी किए वापस जाने को मजबूर होना पड़ा।
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एससी एक्ट तुरंत वापस ले सरकार
एससी एक्ट कानून लागू होने से आपसी भाईचारा खराब हो रहा है। सरकार से मांग करते हैं कि इस कानून को तुरंत प्रभाव वापस लिया जाए। व्यापारी वर्ग इस कानून से काफी परेशान है, इसका कुछ असामाजिक तत्व गलत तरीके प्रयोग करते हैं।
ईश्वर बंसल, व्यापारी।
मुकद्दमे से पहले हो जांच
व्यापारी वर्ग एससी एक्ट कानून लागू होने काफी परेशानी हो रही है। एससी एक्ट में कोई भी मुकद्दमा दर्ज होने से पहले जांच होनी चाहिए। इससे दलित समाज को भी न्याय मिलेगा। सरकार से मांग है, कि लागू किए गए कानून को वापस लेना चाहिए।
सतीश जिंदल, व्यापारी।
निर्दोष व्यक्ति भी हो जाते हैं शिकार
एससी एक्ट कानून लागू होने से पुलिस बगैर जांच किए ही मामला दर्ज कर लेती है। इससे निर्दोष व्यक्ति भी इस कानून का शिकार हो जाते हैं। बगैर जांच के मामला दर्ज होने से हमारा कानून काफी कमजोर सा लगने लगा हैं। सरकार से मांग है कि जल्द से इस काले कानून को वापस लिया जाए।
राधेश्याम, व्यापारी
एक्ट के विरोध में बंद
एससी एक्ट के विरोध में बाजार के सभी व्यापारियों ने दुकानें बंद करके विरोध जताया गया। सरकार ने ऐसे कानून को लागू कर दिया कि बिना जांच के ही मुकद्दमा दर्ज कर लिया जाता है। इससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है, इस कानून से व्यापारी वर्ग काफी दुखी है, जल्द से जल्द इस एक्ट को सरकार ने वापस लेना चाहिए।
सुरेश गर्ग, व्यापारी।