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अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का गवाह बना जींद का एकलव्य स्टेडियम
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का हुआ है और इसका गवाह अभी हाल ही में बनकर तैयार हुआ एकलव्य स्टेडियम बना है। इससे जींद जिले में इतनी बड़ी कोई प्रतियोगिता नहीं हुई थी। अब लगातार तीन दिन तक यहां मुकाबले हो रहे हैं। जिस प्रकार से स्टेडियम को सजाया गया है तथा एरीना सैट लगाया है, उसको देखकर जींद के लोग दंग रह गए। स्टेडियम में दर्शकों के बैठने के लिए दस हजार कुर्सियां लगाई गई थी, सभी दर्शकों से खचाखच भरी हुई थी। कृष्ण बरूआ जैसे कलाकारों ने अपने गानों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दिल्ली से आए आसमा ग्रुप के कलाकारों ने भी कार्यक्रम में समां बांध दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुलतान फिल्म के गाने से हुई। इसके बाद आसमा ग्रुप के कलाकारों ने जय हो, जय हो गाने से पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया। इसके बाद प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इसमें लगातार चार मुकाबले हुए। इन मैचों का भी दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया, विशेषकर हरियाणा की टीम के मैच के दौरान दर्शकों ने किलकारियों से पूरे स्टेडियम को गुंजा दिया। कबड्डी प्रतियोगिता के बाद फिर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरु हो गया। पंजाब से आए कृष्ण बरूआ ने मेरे रश्के कमर, तूने पहली नजर, जब नजर से मिलाई मजा आ गया गाने पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरे गाने के दौरान दर्शक मंत्रमुग्ध होकर इस गाने को सुनते रहे। इसके बाद दर्शकों की डिमांड पर कृष्ण बरूआ ने ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का, गाना गाकर सभी को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इसके साथ-साथ आसमा ग्रुप के लगभग 55 कलाकारों ने सामूहिक नृत्य करके आनंद का अलग ही माहौल तैयार कर दिया। धीरे-धीरे दर्शकों अपनी-अपनी कुर्सियां छोड़कर स्टेज के चारों तरफ आने लगे। इससे एक बार तो अफरा-तफरी का माहौल पैदा होने लगा लेकिन बाद में सभी वापस अपनी-अपनी कुर्सियों पर बैठ गए।
विभिन्न प्रतियोगिताओं को 48 अवार्डी किए सम्मानित
प्रतियोगिता के दौरान 48 खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें दस अर्जुन अवार्डी भिवानी का आसन कुमार व राममेहर, रोहतक के सुरेन्द्र राठी, हिसार के रमेश कुमार, गुरुग्राम के अनुप सिंह, बहादुरगढ़ के मंजीत छिल्लर, पानीपत के जसबीर शामिल थे। इसी प्रकार द्रोणाचार्य अवार्डी व पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित सुनील डबास को भी सम्मानित किया गया। कैथल के द्रोणाचार्य अवार्डी बलवान सिंह तथा सोनीपत के ध्यानचंद अवार्डी शमशेर सिंह को सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के छह कोच सोनीपत के रामबीर सिंह खोखर, करनाल के कृष्ण हुड्डा, भिवानी के छाजूराम गोयत, सोनीपत के श्रीपाल, भिवानी के जयबीर सिंह तथा रामफल कौशिक को भी सम्मानित किया गया। एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले 23 खिलाड़ियों को सम्मान दिया गया। इनमें सोनीपत के ओमप्रकाश नरवाल, हिसार के कृष्ण कुमार गोदारा, दादरी के रामबीर सिंह, सोनीपत के नीर गुलिया, सोनीपत के जगदीश नरवाल, रोहतक के नवीन कुमार, दादरी के विकास व सुखबीर, हिसार के सुरेश कुमार, सोनीपत के सोनू नरवाल, पानीपत के जसबीर गुलिया व जसबीर सिंह, सोनीपत के जगदीप, जींद के कप्तान सिंह व मनीषा दलाल, रोहतक की कविता, दादरी की प्रियंका, जींद की कविता, फरीदाबाद की अनिता मावी, सोनीपत के सुरजीत सिंह व सुरजीत नरवाल, पानीपत के प्रवीण मलिक व भिवानी के समरजीत शामिल रहे। वर्ल्ड कप जीतने वालों में सोनीपत के जगपाल सिंह, झज्जर के जगबीर सिंह, सोनीपत के परदीप नरवाल, सोनीपत के संदीप नरवाल, रोहतक के दीपक निवास हुड्डा, भिवानी के रमेश कुमार, सोनीपत के सुरजीत तथा सोनीपत की प्रोमिला को भी सम्मानित किया गया।
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जींद। जिले के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का हुआ है और इसका गवाह अभी हाल ही में बनकर तैयार हुआ एकलव्य स्टेडियम बना है। इससे जींद जिले में इतनी बड़ी कोई प्रतियोगिता नहीं हुई थी। अब लगातार तीन दिन तक यहां मुकाबले हो रहे हैं। जिस प्रकार से स्टेडियम को सजाया गया है तथा एरीना सैट लगाया है, उसको देखकर जींद के लोग दंग रह गए। स्टेडियम में दर्शकों के बैठने के लिए दस हजार कुर्सियां लगाई गई थी, सभी दर्शकों से खचाखच भरी हुई थी। कृष्ण बरूआ जैसे कलाकारों ने अपने गानों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दिल्ली से आए आसमा ग्रुप के कलाकारों ने भी कार्यक्रम में समां बांध दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुलतान फिल्म के गाने से हुई। इसके बाद आसमा ग्रुप के कलाकारों ने जय हो, जय हो गाने से पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया। इसके बाद प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इसमें लगातार चार मुकाबले हुए। इन मैचों का भी दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया, विशेषकर हरियाणा की टीम के मैच के दौरान दर्शकों ने किलकारियों से पूरे स्टेडियम को गुंजा दिया। कबड्डी प्रतियोगिता के बाद फिर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरु हो गया। पंजाब से आए कृष्ण बरूआ ने मेरे रश्के कमर, तूने पहली नजर, जब नजर से मिलाई मजा आ गया गाने पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरे गाने के दौरान दर्शक मंत्रमुग्ध होकर इस गाने को सुनते रहे। इसके बाद दर्शकों की डिमांड पर कृष्ण बरूआ ने ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का, गाना गाकर सभी को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इसके साथ-साथ आसमा ग्रुप के लगभग 55 कलाकारों ने सामूहिक नृत्य करके आनंद का अलग ही माहौल तैयार कर दिया। धीरे-धीरे दर्शकों अपनी-अपनी कुर्सियां छोड़कर स्टेज के चारों तरफ आने लगे। इससे एक बार तो अफरा-तफरी का माहौल पैदा होने लगा लेकिन बाद में सभी वापस अपनी-अपनी कुर्सियों पर बैठ गए।
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विभिन्न प्रतियोगिताओं को 48 अवार्डी किए सम्मानित
प्रतियोगिता के दौरान 48 खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें दस अर्जुन अवार्डी भिवानी का आसन कुमार व राममेहर, रोहतक के सुरेन्द्र राठी, हिसार के रमेश कुमार, गुरुग्राम के अनुप सिंह, बहादुरगढ़ के मंजीत छिल्लर, पानीपत के जसबीर शामिल थे। इसी प्रकार द्रोणाचार्य अवार्डी व पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित सुनील डबास को भी सम्मानित किया गया। कैथल के द्रोणाचार्य अवार्डी बलवान सिंह तथा सोनीपत के ध्यानचंद अवार्डी शमशेर सिंह को सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के छह कोच सोनीपत के रामबीर सिंह खोखर, करनाल के कृष्ण हुड्डा, भिवानी के छाजूराम गोयत, सोनीपत के श्रीपाल, भिवानी के जयबीर सिंह तथा रामफल कौशिक को भी सम्मानित किया गया। एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले 23 खिलाड़ियों को सम्मान दिया गया। इनमें सोनीपत के ओमप्रकाश नरवाल, हिसार के कृष्ण कुमार गोदारा, दादरी के रामबीर सिंह, सोनीपत के नीर गुलिया, सोनीपत के जगदीश नरवाल, रोहतक के नवीन कुमार, दादरी के विकास व सुखबीर, हिसार के सुरेश कुमार, सोनीपत के सोनू नरवाल, पानीपत के जसबीर गुलिया व जसबीर सिंह, सोनीपत के जगदीप, जींद के कप्तान सिंह व मनीषा दलाल, रोहतक की कविता, दादरी की प्रियंका, जींद की कविता, फरीदाबाद की अनिता मावी, सोनीपत के सुरजीत सिंह व सुरजीत नरवाल, पानीपत के प्रवीण मलिक व भिवानी के समरजीत शामिल रहे। वर्ल्ड कप जीतने वालों में सोनीपत के जगपाल सिंह, झज्जर के जगबीर सिंह, सोनीपत के परदीप नरवाल, सोनीपत के संदीप नरवाल, रोहतक के दीपक निवास हुड्डा, भिवानी के रमेश कुमार, सोनीपत के सुरजीत तथा सोनीपत की प्रोमिला को भी सम्मानित किया गया।
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