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प्रस्तावर:त लीड
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:43 PM IST
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आज धूमधाम से मनाया जायेगा दीपों का त्यौहार दीपावली
दिवाली आज शाम 06:15 बजे करें लक्ष्मी पूजन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दीपों का त्योहार दिवाली पर्व वीरवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। बुधवार को दिवाली से पहले लोग बाजार से जमकर खरीदारी किये। बाजारों में ऑफर की धूम में हर कोई खरीदारी करने में लगा नजर आया। त्योहार मनाने के लिए लोगों ने मिठाइयां व ड्राई फ्रूट खरीदे। वहीं इस बार आतिशबाजी पर अदालत की रोक के कारण जहां कुछ लोगों में मायूषी है तो कुछ ने इसे अच्छा फैसला बताया है। आतिशबाजी का शौक रखने वाले लोगों ने नारनौंद से पटाखों की खरीद की।
बुधवार को छोटी दिवाली पर शनिवार को शाम घरों में दीये जलाए गये। दीयों व लड़ियों से पूरा शहर जगमगा उठा। दिवाली का त्योहार लक्ष्मी पूजन का पर्व है। पंडित देवीदयाल शास्त्री के अनुसार अनुसार दिवाली पर भगवती महालक्ष्मी की पूजा का सर्वोत्तम काल शाम 06:15 बजे का है। लोग अपने घर में भगवान गणपति, कुबेर व भगवती महालक्ष्मी के अखंड रूप से वास के लिए पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आचार्य पवन के अनुसार लक्ष्मी की कृपा के बिना सभी कार्य अधूरे हैं, इसलिए इस दिन लक्ष्मी पूजन का महत्व है। इस दिन भगवान श्रीराम लंका पर विजय प्राप्त करते सीता के साथ अयोध्या लौटे थे। भगवान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण के अयोध्या लौटने की खुशी में लोगों ने घी के दीये जलाए थे। इसलिए इसे दीपों का त्योहार कहा जाता है।
चाइनीज सामान का कम रहा रूझान
पिछले साल के मुकाबले इस साल चाइनीज सामान के प्रति लोगों का रूझान काफी कम रहा। आतंक के मुद्दे पर पाक का पक्ष लेने पर चीन के खिलाफ लोगों में रोष है। देशभर में चाइनीज सामान का बहिष्कार किया जा रहा है। इसका साफ असर जींद में भी देखने को मिल रहा है। लोग चाइनीज लड़ियों की जगह इस बार मिट्टी के दीये व मोमबत्तियां खरीद रहे हैं। चाइनीज सामान के थोक विक्रेता सुनील ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 80 प्रतिशत से भी कम ग्राहकी है। काफी कम ग्राहक ही लड़ियां खरीद रहे हैं।
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एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बांटेंगे खुशियां
दीपावली पर रिश्तेदारों व संगे-संबंधियों के यहां मिठाई भेजेंगे, इसलिए दीपावली से पहले मिठाई के डिब्बों की खरीद की है। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां बांटेंगे।
पटाखों पर रोक बहुत अच्छा फैसला
हालांकि कुछ लोगों को पटाखों पर रोक के कारण मायूसी है, लेकिन यह फैसला सही है। दिवाली का पर्व परंपराओं का त्योहार है, ऐसे में इसे सादगी से मनाना चाहिए। पटाखों के प्रयोग से जहां प्रदूषण बढ़ता है, वहीं इससे हादसों का खतरा भी रहता है।
बिजेंद्र।
अदालत का फैसला सही
मार्केट में काफी खतरनाक तरह के पटाखों का प्रचलन बढ़ रहा है। रॉकेट कई बार लोगों के घरों में भी घुस जाते हैं। इससे बड़ा हादसा हो जाता है। वहीं बीमार और अस्थमा के मरीजों के लिए जीना दूभर हो जाता है। पटाखों का प्रयोग बंद कर अच्छा काम किया है।
अमित।
बाजारों में दिखी रौनक, जमकर हुई खरीददारी
उचाना। दीपावली के पर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में रौनक दिखी। त्योहार के पर्व की बधाई देने के लिए लोग मिठाई की खरीद कर रहे थे। देसी घी की जलेबी की बिक्री भी खूब हुई। बाजारों में पोस्टर, ड्राई फ्रूट्स के स्टॉलों पर भी बिक्री खूब हुई। देशी घी की जलेबी विक्रेता अशोक मित्तल ने बताया कि इस बार मिठाइयों की अपेक्षा देशी घी की जलेबी की डिमांड अधिक रही। बाजारों में लोगों की रुचि चाइनीज सामान की खरीद में कम दिखी।
नारनौंद से खरीदे पटाखे
जींद जिला एनसीआर का हिस्सा होने के कारण यहां पटाखों की बिक्री पर रोक है। ऐसे में हिसार जिला का नारनौंद कस्बा जींद के साथ लगता एनसीआर से बाहर का हिस्सा है। जींद से काफी लोग पटाखे लेने के लिए नारनौंद पहुंचे।
करीब 20 करोड़ का कारोबार
छोटी दिवाली के मौके पर बुधवार को भी बाजार में ग्राहकों की काफी भीड़ रही। हालांकि धनतेरस के मौके पर अधिकतर लोगों ने खरीदारी की, लेकिन छोटी दिवाली पर भी लोगों ने अपना मनपसंद सामान खरीदा। व्यापारियों के अनुसार जिला में करीब 20 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। पिछली बार से इस बार करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार अधिक है।
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दिवाली आज शाम 06:15 बजे करें लक्ष्मी पूजन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दीपों का त्योहार दिवाली पर्व वीरवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। बुधवार को दिवाली से पहले लोग बाजार से जमकर खरीदारी किये। बाजारों में ऑफर की धूम में हर कोई खरीदारी करने में लगा नजर आया। त्योहार मनाने के लिए लोगों ने मिठाइयां व ड्राई फ्रूट खरीदे। वहीं इस बार आतिशबाजी पर अदालत की रोक के कारण जहां कुछ लोगों में मायूषी है तो कुछ ने इसे अच्छा फैसला बताया है। आतिशबाजी का शौक रखने वाले लोगों ने नारनौंद से पटाखों की खरीद की।
बुधवार को छोटी दिवाली पर शनिवार को शाम घरों में दीये जलाए गये। दीयों व लड़ियों से पूरा शहर जगमगा उठा। दिवाली का त्योहार लक्ष्मी पूजन का पर्व है। पंडित देवीदयाल शास्त्री के अनुसार अनुसार दिवाली पर भगवती महालक्ष्मी की पूजा का सर्वोत्तम काल शाम 06:15 बजे का है। लोग अपने घर में भगवान गणपति, कुबेर व भगवती महालक्ष्मी के अखंड रूप से वास के लिए पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आचार्य पवन के अनुसार लक्ष्मी की कृपा के बिना सभी कार्य अधूरे हैं, इसलिए इस दिन लक्ष्मी पूजन का महत्व है। इस दिन भगवान श्रीराम लंका पर विजय प्राप्त करते सीता के साथ अयोध्या लौटे थे। भगवान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण के अयोध्या लौटने की खुशी में लोगों ने घी के दीये जलाए थे। इसलिए इसे दीपों का त्योहार कहा जाता है।
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चाइनीज सामान का कम रहा रूझान
पिछले साल के मुकाबले इस साल चाइनीज सामान के प्रति लोगों का रूझान काफी कम रहा। आतंक के मुद्दे पर पाक का पक्ष लेने पर चीन के खिलाफ लोगों में रोष है। देशभर में चाइनीज सामान का बहिष्कार किया जा रहा है। इसका साफ असर जींद में भी देखने को मिल रहा है। लोग चाइनीज लड़ियों की जगह इस बार मिट्टी के दीये व मोमबत्तियां खरीद रहे हैं। चाइनीज सामान के थोक विक्रेता सुनील ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 80 प्रतिशत से भी कम ग्राहकी है। काफी कम ग्राहक ही लड़ियां खरीद रहे हैं।
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एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बांटेंगे खुशियां
दीपावली पर रिश्तेदारों व संगे-संबंधियों के यहां मिठाई भेजेंगे, इसलिए दीपावली से पहले मिठाई के डिब्बों की खरीद की है। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां बांटेंगे।
पटाखों पर रोक बहुत अच्छा फैसला
हालांकि कुछ लोगों को पटाखों पर रोक के कारण मायूसी है, लेकिन यह फैसला सही है। दिवाली का पर्व परंपराओं का त्योहार है, ऐसे में इसे सादगी से मनाना चाहिए। पटाखों के प्रयोग से जहां प्रदूषण बढ़ता है, वहीं इससे हादसों का खतरा भी रहता है।
बिजेंद्र।
अदालत का फैसला सही
मार्केट में काफी खतरनाक तरह के पटाखों का प्रचलन बढ़ रहा है। रॉकेट कई बार लोगों के घरों में भी घुस जाते हैं। इससे बड़ा हादसा हो जाता है। वहीं बीमार और अस्थमा के मरीजों के लिए जीना दूभर हो जाता है। पटाखों का प्रयोग बंद कर अच्छा काम किया है।
अमित।
बाजारों में दिखी रौनक, जमकर हुई खरीददारी
उचाना। दीपावली के पर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में रौनक दिखी। त्योहार के पर्व की बधाई देने के लिए लोग मिठाई की खरीद कर रहे थे। देसी घी की जलेबी की बिक्री भी खूब हुई। बाजारों में पोस्टर, ड्राई फ्रूट्स के स्टॉलों पर भी बिक्री खूब हुई। देशी घी की जलेबी विक्रेता अशोक मित्तल ने बताया कि इस बार मिठाइयों की अपेक्षा देशी घी की जलेबी की डिमांड अधिक रही। बाजारों में लोगों की रुचि चाइनीज सामान की खरीद में कम दिखी।
नारनौंद से खरीदे पटाखे
जींद जिला एनसीआर का हिस्सा होने के कारण यहां पटाखों की बिक्री पर रोक है। ऐसे में हिसार जिला का नारनौंद कस्बा जींद के साथ लगता एनसीआर से बाहर का हिस्सा है। जींद से काफी लोग पटाखे लेने के लिए नारनौंद पहुंचे।
करीब 20 करोड़ का कारोबार
छोटी दिवाली के मौके पर बुधवार को भी बाजार में ग्राहकों की काफी भीड़ रही। हालांकि धनतेरस के मौके पर अधिकतर लोगों ने खरीदारी की, लेकिन छोटी दिवाली पर भी लोगों ने अपना मनपसंद सामान खरीदा। व्यापारियों के अनुसार जिला में करीब 20 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। पिछली बार से इस बार करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार अधिक है।