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आशा वर्कर ने वितमंत्री कैप्टन अभिमंन्यु की शव यात्रा निकालकर फू ंका पुतला
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आशा वर्कर यूनियन का धरना नागरिक अस्पताल में सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में जिला प्रधान नीलम की अध्यक्षता में जारी रहा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार आशा वर्कर के साथ हुए समझौते को लागू नहीं करती, तब तक सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए वह बड़े से बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मांगों को लागू नहीं करती है तो वह 15 जून को जेल भरा आंदोलन करेंगी।
दोपहर बाद आशा वर्करों ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के पुतले की शवयात्रा निकालते हुए बस स्टैंड के सामने पुतला फूंककर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। यूनियन जिला प्रधान नीलम ने कहा कि अगर शुक्रवार तक आशा वर्कर की मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो आशा वर्कर लघु सचिवालय के बाहर जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारियां देंगी। इस अवसर पर रमेश चंद्र ने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद आशा वर्कर और सरकार के बीच एक फरवरी 2018 को मांगों को पूरा करने पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी मांगों को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। इससे वर्करों में रोष हैं। रिटायर कर्मचारी संघ के नेता आजाद पांचाल ने कहा कि सरकार लगातार आशा वर्करों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। आशा वर्कर ने स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में एक अहम भूमिका निभाई है, लेकिन पांच महीने गुजरने के बाद भी सरकार ने आशा वर्कर की मांगों को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जो दर्शाता है कि सरकार आशा वर्कर की मांगों को पूरा नहीं करना चाहती। आशा वर्कर यूनियन जिला सचिव शीला ने कहा प्रदेश भर में कर्मचारियों की हो रही हड़ताल दर्शाती है कि प्रदेश सरकार सिर्फ पूजीपतियों की सरकार है। आज प्रदेश में किसान, सक्षम युवा, बिजली कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, अनुसूचित जाति व जाट समुदाय के लोगों का धरना यह दिखाता है कि प्रदेश सरकार के प्रति हर समुदाय में भारी रोष है। भाजपा सरकार झूठे वायदे करके सत्ता में आई थी, लेकिन प्रदेश सरकार रोड शो के जरिए अपना प्रदर्शन करने में ही लगी हुई है। इस अवसर पर रमेश चंद्र, शीला, नीलम व कश्मीर मौजूद रहे।
पिछले सात दिन से दे रही हैं धरना
आशा वर्कर यूनियन जिला प्रधान नीलम ने कहा कि आशा वर्कर पिछले सात दिन से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रही हैं लेकिन प्रदेश सरकार ने अब तक उनकी मांगों को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। आशा वर्कर अपनी मांगों के लिए आंदोलन तब तक लड़ती रहेगी जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। अगर आज आशा वर्कर की मांगों को लेकर आज प्रदेश सरकार कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं करती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और नुकसान की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
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जींद। आशा वर्कर यूनियन का धरना नागरिक अस्पताल में सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में जिला प्रधान नीलम की अध्यक्षता में जारी रहा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार आशा वर्कर के साथ हुए समझौते को लागू नहीं करती, तब तक सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए वह बड़े से बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मांगों को लागू नहीं करती है तो वह 15 जून को जेल भरा आंदोलन करेंगी।
दोपहर बाद आशा वर्करों ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के पुतले की शवयात्रा निकालते हुए बस स्टैंड के सामने पुतला फूंककर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। यूनियन जिला प्रधान नीलम ने कहा कि अगर शुक्रवार तक आशा वर्कर की मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो आशा वर्कर लघु सचिवालय के बाहर जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारियां देंगी। इस अवसर पर रमेश चंद्र ने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद आशा वर्कर और सरकार के बीच एक फरवरी 2018 को मांगों को पूरा करने पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी मांगों को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। इससे वर्करों में रोष हैं। रिटायर कर्मचारी संघ के नेता आजाद पांचाल ने कहा कि सरकार लगातार आशा वर्करों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। आशा वर्कर ने स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में एक अहम भूमिका निभाई है, लेकिन पांच महीने गुजरने के बाद भी सरकार ने आशा वर्कर की मांगों को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जो दर्शाता है कि सरकार आशा वर्कर की मांगों को पूरा नहीं करना चाहती। आशा वर्कर यूनियन जिला सचिव शीला ने कहा प्रदेश भर में कर्मचारियों की हो रही हड़ताल दर्शाती है कि प्रदेश सरकार सिर्फ पूजीपतियों की सरकार है। आज प्रदेश में किसान, सक्षम युवा, बिजली कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, अनुसूचित जाति व जाट समुदाय के लोगों का धरना यह दिखाता है कि प्रदेश सरकार के प्रति हर समुदाय में भारी रोष है। भाजपा सरकार झूठे वायदे करके सत्ता में आई थी, लेकिन प्रदेश सरकार रोड शो के जरिए अपना प्रदर्शन करने में ही लगी हुई है। इस अवसर पर रमेश चंद्र, शीला, नीलम व कश्मीर मौजूद रहे।
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पिछले सात दिन से दे रही हैं धरना
आशा वर्कर यूनियन जिला प्रधान नीलम ने कहा कि आशा वर्कर पिछले सात दिन से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रही हैं लेकिन प्रदेश सरकार ने अब तक उनकी मांगों को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। आशा वर्कर अपनी मांगों के लिए आंदोलन तब तक लड़ती रहेगी जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। अगर आज आशा वर्कर की मांगों को लेकर आज प्रदेश सरकार कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं करती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और नुकसान की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
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