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बिल नहीं भरने पर कटा जुलाना तहसील कार्यालय का बिजली कनेक्शन
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। बिजली बिल न भरने के कारण निगम ने बुधवार को जुलाना तहसील कार्यालय का बिजली का कनेक्शन काट दिया। कनेक्शन कटने के कारण तहसील का कामकाज ठप हो गया, और लोगों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा। तहसील कार्यालय का करीब 15 माह पहले अपना बिजली का बिल भरा गया था। अब बिजली का बिला दो लाख 48 हजार पांच सौ 69 रुपये हो गया है। बिजली निगम ने कुछ माह पहले बिजली का बिल भरने के लिए तहसील में और डीसी को पत्र पर लिखा था मगर निगम को जवाब नहीं मिला।
दरअसल जुलाना तहसील कार्यालय का पिछला बिजली का बिल 28 अक्तूबर 2016 को भरा गया था। करीब 15 माह से तहसील का बिजली का बिल नहीं भरा गया है। अब बिल की रकम अढ़ाई लाख के करीब हो गई है। बिजली निगम एक्सईएन ने कुछ माह पहले तहसीलदार एवं डीसी को बकाया बिजली का बिल भरने के लिए पत्र भी लिखा, लेकिन तहसील कार्यालय ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। तहसीलदार की ओर से इस पत्र का न तो कोई जवाब दिया गया और न ही बिल अदा करने की प्रक्रिया शुरू हुई। ऐसे में बिजली निगम कार्यालय ने बुधवार को अस्थाई तौर पर बिजली का कनेक्शन काट दिया।
लोग रहे परेशान
बिजली निगम की टीम द्वारा तहसील कार्यालय का बिजली का कनेक्शन काटे जाने के बाद कामकाज ठप रहा। लोगों को अनेक परेशानियों से गुजरना पड़ा और बिना काम करवाएं ही वापस घर लौटना पड़ा। तहसील में सभी प्रकार के सर्टिफिकेट, रजिस्ट्री व सभी जरूरी कामकाज होते हैं। दर्जनों लोगों को बुधवार को बिना काम करवाएं ही घर लौटना पड़ा। लोगों के काम नहीं होने के कारण उनमें प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। देवरड़ गांव के धर्मवीर ने बताया कि वह शपथ पत्र बनवाना था। यहां पर बिजली नहीं थी। उनका काम नहीं हो सका। काफी देर तक उसने बिजली आने का इंतजार किया मगर बिजली नहीं आई। तहसीलदार से जब उसने बात की तो उन्होंने कहा कि बिजली का बिल भरने का काम डीसी कार्यालय से होता है। उसमें वह क्या कर सकते हैं। इस बारे में जब नायब तहसीलदार कर्ण से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली का बिल डीआईओ को भरना होता है। इसके लिए पत्र भी लिखा जा चुका है। जल्द ही कनेक्शन जोड़ा दिया जाएगा।
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डीसी कार्यालय ने भरना है बिजली का बिल
जुलाना वार्ड नंबर 20 के पार्षद सतीश पहलवान ने बताया कि वह तहसील कार्यालय में जमीन की फर्द निकलवाने के लिए गए थे। तहसील में बिजली नहीं होने से फर्द देने से मना कर दिया। उसे बैरंग लौटना पड़ा। जब उसने इसके बारे में तहसीलदार शिव कुमार से कहा तो उन्होंने कहा कि बिजली का बिल भरने का काम उनका नहीं है। बिजली का बिल डीसी कार्यालय से भरा जाता है।
सतीश पहलवान, जिला पार्षद वार्ड नंबर 20 जुलाना।
पिछले करीब डेढ़ साल से तहसील कार्यालय का बिजली का बिल नहीं भरा गया है। अब बिजली का तहसील कार्यालय की तरफ दो लाख 48 हजार पांच सौ रुपये बकाया है। बुधवार को बिजली निगम की टीम ने अस्थाई तौर पर बिजली का कनेक्शन काट दिया। तहसीलदार को बिजली का बिल भरने के लिए नोटिस भेजा गया था। नोटिस का जवाब कुछ आया नहीं और न ही बिजली का बिल भरा गया।
राजीव शर्मा, एसडीओ बिजली निगम जुलाना।
दोबारा जोड़ दिया कनेक्शन
बिजली का कनेक्शन काट दिया गया था, बिल का भुगतान डीसी ऑफिस से ही करना होता है। बिल का भुगतान हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। वैसे बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया गया है।
शिव कुमार, तहसीलदार जुलाना।
अधिकारियों से की जा रही है बात
बिल का भुगतान नहीं होने से जुलाना तहसील कार्यालय का बिजली कनेक्शन कटने की सूचना मिली है। इस पर अधिकारियों से बात की जा रही है। जो भी दिक्कत होगी, उसे निपटा लिया जाएगा।
महावीर प्रसाद, एसडीएम, जींद।
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जुलाना। बिजली बिल न भरने के कारण निगम ने बुधवार को जुलाना तहसील कार्यालय का बिजली का कनेक्शन काट दिया। कनेक्शन कटने के कारण तहसील का कामकाज ठप हो गया, और लोगों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा। तहसील कार्यालय का करीब 15 माह पहले अपना बिजली का बिल भरा गया था। अब बिजली का बिला दो लाख 48 हजार पांच सौ 69 रुपये हो गया है। बिजली निगम ने कुछ माह पहले बिजली का बिल भरने के लिए तहसील में और डीसी को पत्र पर लिखा था मगर निगम को जवाब नहीं मिला।
दरअसल जुलाना तहसील कार्यालय का पिछला बिजली का बिल 28 अक्तूबर 2016 को भरा गया था। करीब 15 माह से तहसील का बिजली का बिल नहीं भरा गया है। अब बिल की रकम अढ़ाई लाख के करीब हो गई है। बिजली निगम एक्सईएन ने कुछ माह पहले तहसीलदार एवं डीसी को बकाया बिजली का बिल भरने के लिए पत्र भी लिखा, लेकिन तहसील कार्यालय ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। तहसीलदार की ओर से इस पत्र का न तो कोई जवाब दिया गया और न ही बिल अदा करने की प्रक्रिया शुरू हुई। ऐसे में बिजली निगम कार्यालय ने बुधवार को अस्थाई तौर पर बिजली का कनेक्शन काट दिया।
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लोग रहे परेशान
बिजली निगम की टीम द्वारा तहसील कार्यालय का बिजली का कनेक्शन काटे जाने के बाद कामकाज ठप रहा। लोगों को अनेक परेशानियों से गुजरना पड़ा और बिना काम करवाएं ही वापस घर लौटना पड़ा। तहसील में सभी प्रकार के सर्टिफिकेट, रजिस्ट्री व सभी जरूरी कामकाज होते हैं। दर्जनों लोगों को बुधवार को बिना काम करवाएं ही घर लौटना पड़ा। लोगों के काम नहीं होने के कारण उनमें प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। देवरड़ गांव के धर्मवीर ने बताया कि वह शपथ पत्र बनवाना था। यहां पर बिजली नहीं थी। उनका काम नहीं हो सका। काफी देर तक उसने बिजली आने का इंतजार किया मगर बिजली नहीं आई। तहसीलदार से जब उसने बात की तो उन्होंने कहा कि बिजली का बिल भरने का काम डीसी कार्यालय से होता है। उसमें वह क्या कर सकते हैं। इस बारे में जब नायब तहसीलदार कर्ण से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली का बिल डीआईओ को भरना होता है। इसके लिए पत्र भी लिखा जा चुका है। जल्द ही कनेक्शन जोड़ा दिया जाएगा।
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डीसी कार्यालय ने भरना है बिजली का बिल
जुलाना वार्ड नंबर 20 के पार्षद सतीश पहलवान ने बताया कि वह तहसील कार्यालय में जमीन की फर्द निकलवाने के लिए गए थे। तहसील में बिजली नहीं होने से फर्द देने से मना कर दिया। उसे बैरंग लौटना पड़ा। जब उसने इसके बारे में तहसीलदार शिव कुमार से कहा तो उन्होंने कहा कि बिजली का बिल भरने का काम उनका नहीं है। बिजली का बिल डीसी कार्यालय से भरा जाता है।
सतीश पहलवान, जिला पार्षद वार्ड नंबर 20 जुलाना।
पिछले करीब डेढ़ साल से तहसील कार्यालय का बिजली का बिल नहीं भरा गया है। अब बिजली का तहसील कार्यालय की तरफ दो लाख 48 हजार पांच सौ रुपये बकाया है। बुधवार को बिजली निगम की टीम ने अस्थाई तौर पर बिजली का कनेक्शन काट दिया। तहसीलदार को बिजली का बिल भरने के लिए नोटिस भेजा गया था। नोटिस का जवाब कुछ आया नहीं और न ही बिजली का बिल भरा गया।
राजीव शर्मा, एसडीओ बिजली निगम जुलाना।
दोबारा जोड़ दिया कनेक्शन
बिजली का कनेक्शन काट दिया गया था, बिल का भुगतान डीसी ऑफिस से ही करना होता है। बिल का भुगतान हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। वैसे बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया गया है।
शिव कुमार, तहसीलदार जुलाना।
अधिकारियों से की जा रही है बात
बिल का भुगतान नहीं होने से जुलाना तहसील कार्यालय का बिजली कनेक्शन कटने की सूचना मिली है। इस पर अधिकारियों से बात की जा रही है। जो भी दिक्कत होगी, उसे निपटा लिया जाएगा।
महावीर प्रसाद, एसडीएम, जींद।