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गौवंश की सेवा के लिए डीसी अमित खत्री ने गऊ सेवा आयोग की 50 लाख रुपये की मांग
Updated Fri, 15 Dec 2017 12:23 AM IST
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गोवंशों की सेवा के लिए डीसी ने आयोग से की 50 लाख की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डीसी अमित खत्री ने जींद में बन रही नंदीशाला के निर्माण के लिए गोसेवा आयोग से 50 लाख रुपये की मांग की है, ताकि स्थाई नंदीशाला का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जा सके। इसके अलावा उन्होंने नंदियों को चारा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिमाह दस लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाने की भी मांग की है। डीसी अमित खत्री ने बताया कि नंदियों को सुरक्षित आश्रय स्थल उपलब्ध करवाने के लिए स्थाई नंदीशाला का निर्माण करवाया जा रहा है। फिलहाल जयंती देवी मंदिर के सामने अस्थाई नंदीशाला स्थापित की गई है, जिसमें फिलहाल पांच हजार गौवंश को ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि स्थाई नंदीशाला के निर्माण के लिए जिला के लोगों द्वारा दिल खोलकर धन राशि दान की जा रही है। लोगों द्वारा नंदियों के लिए चारे का प्रबंध भी स्वेच्छा से किया जा रहा है। स्थाई नंदीशाला का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो सके, इसको लेकर गऊ सेवा आयोग से पचास लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाने की मांग भी कर दी गई है। उन्होंने गऊ सेवा आयोग को भेजे गए पत्र में लिखा है कि अस्थाई नंदीशाला में मौजूद गौवंश के लिए चारे का प्रबंध करने के लिए प्रति माह दस लाख रुपये की राशि की आवश्यकता है
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डीसी अमित खत्री ने जींद में बन रही नंदीशाला के निर्माण के लिए गोसेवा आयोग से 50 लाख रुपये की मांग की है, ताकि स्थाई नंदीशाला का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जा सके। इसके अलावा उन्होंने नंदियों को चारा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिमाह दस लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाने की भी मांग की है। डीसी अमित खत्री ने बताया कि नंदियों को सुरक्षित आश्रय स्थल उपलब्ध करवाने के लिए स्थाई नंदीशाला का निर्माण करवाया जा रहा है। फिलहाल जयंती देवी मंदिर के सामने अस्थाई नंदीशाला स्थापित की गई है, जिसमें फिलहाल पांच हजार गौवंश को ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि स्थाई नंदीशाला के निर्माण के लिए जिला के लोगों द्वारा दिल खोलकर धन राशि दान की जा रही है। लोगों द्वारा नंदियों के लिए चारे का प्रबंध भी स्वेच्छा से किया जा रहा है। स्थाई नंदीशाला का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो सके, इसको लेकर गऊ सेवा आयोग से पचास लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाने की मांग भी कर दी गई है। उन्होंने गऊ सेवा आयोग को भेजे गए पत्र में लिखा है कि अस्थाई नंदीशाला में मौजूद गौवंश के लिए चारे का प्रबंध करने के लिए प्रति माह दस लाख रुपये की राशि की आवश्यकता है