{"_id":"6568dcea19e8105a680ae2e7","slug":"18-new-hiv-positive-cases-are-being-found-every-month-in-jind-jind-news-c-199-1-sroh1007-9470-2023-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: जींद में हर माह मिल रहे 18 नए एचआईवी पॉजिटिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: जींद में हर माह मिल रहे 18 नए एचआईवी पॉजिटिव
Fri, 01 Dec 2023 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 01 Dec 2023 12:35 AM IST
विज्ञापन
30जेएनडी06 : एड्स पीड़िताें को दवाई बांटते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
जींद। एड्स एक लाइलाज बीमारी है। जागरूकता ही इसका बचाव है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। पिछले वर्ष के मुकाबले जिले में एड्स के मरीज बढ़े हैं।
अप्रैल से अबतक कुल 7822 टेस्ट किए गए। इनमें 147 लोग एचआईवी पॉजिटीव मिले हैं। 18 मरीज हर महीने स्वास्थ्य विभाग को मिल रहे हैं। एड्स जांच के लिए मरीज को धक्के खाने की भी जरूरत नहीं है। नागरिक अस्पताल में ही टेस्टिंग होती है और एक से दो घंटे में रिपोर्ट आ जाती है। पॉजिटिव मरीज को निशुल्क उपचार दिया जाता है। बाकायदा एड्स रोगी को पेंशन तक की सुविधा उपलब्ध है।
2021-22 में 7399 मरीजों की काउंसिलिंग की गई थी, जिसमें 146 एचआईवी पॉजिटिव मिले थे। 2022 में अप्रैल माह से सितंबर तक 5164 लोगों की काउंसिलिंग हुई, इसमें 107 एचआईवी पॉजिटिव मिले। नवंबर माह तक स्वास्थ्य विभाग ने कुल 28755 टेस्ट किए। आंकड़ा 199 तक पहुंच गया था इनमें 12 गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। वहीं वर्ष 2023 की बात की जाए तो अप्रैल माह से नवंबर माह तक कुल 7822 की टेस्टिंग हुई है और नए 147 मरीज विभाग को मिले हैं। नए मरीजों की बात की जाए तो इनमें 20 से 40 वर्ष के लोग शामिल हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग को कुल 3240 एड्स ग्रस्त मरीज मिल चुके हैं जिनकी उपचार हो रहा है।
विज्ञापन
लोगों को किया जा रहा जागरूक
एड्स काउंसलर रवि वर्मा और राजेंद्र ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पेशल एड्स जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होते हैं। जांच में कुछ जगह ऐसी मिलती हैं जहां से एड्स के मामले सामने आते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इन स्थानों का सर्वे करवा रहा है। विभागीय टीमें लगातार यहां लोगों को जागरूक करने का काम करती हैं।
हाथ मिलाने या गले मिलने से नहीं फैलता एड्स
डा. नितेश सैनी ने बताया कि लोगों में एड्स बीमारी को लेकर काफी भ्रम भी है। यह बीमारी साथ-साथ खाने से, हाथ मिलाने और गले मिलने से, खांसने, छींकने या हवा से, मच्छरों या कीड़े-मकोड़े के काटने से, खाने के बर्तन, कपड़े, शौचालय के सामूहिक उपयोग से नहीं होती है। यह एक संक्रमण की बीमारी है और इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, बस बचाव ही इसका इलाज है।
विभाग द्वारा उन स्थानों का लगातार सर्वे करवाया जा रहा है, जहां एड्स ग्रस्त मरीज मिल रहे हैं। इसके अलावा जींद, नरवाना, उचाना, जुलाना और सफीदों के नागरिक अस्पतालों में आईसीटीसी सेंटर बनाए गए हैं। जहां कोई भी व्यक्ति मुफ्त जांच करवा सकता है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1097 पर कॉल कर एचआईवी संबंधित जानकारी हासिल की जा सकती है।
-- डॉ. श्याम सुंदर, डिप्टी सिविल सर्जन, एड्स
विज्ञापन
अप्रैल से अबतक कुल 7822 टेस्ट किए गए। इनमें 147 लोग एचआईवी पॉजिटीव मिले हैं। 18 मरीज हर महीने स्वास्थ्य विभाग को मिल रहे हैं। एड्स जांच के लिए मरीज को धक्के खाने की भी जरूरत नहीं है। नागरिक अस्पताल में ही टेस्टिंग होती है और एक से दो घंटे में रिपोर्ट आ जाती है। पॉजिटिव मरीज को निशुल्क उपचार दिया जाता है। बाकायदा एड्स रोगी को पेंशन तक की सुविधा उपलब्ध है।
विज्ञापन
2021-22 में 7399 मरीजों की काउंसिलिंग की गई थी, जिसमें 146 एचआईवी पॉजिटिव मिले थे। 2022 में अप्रैल माह से सितंबर तक 5164 लोगों की काउंसिलिंग हुई, इसमें 107 एचआईवी पॉजिटिव मिले। नवंबर माह तक स्वास्थ्य विभाग ने कुल 28755 टेस्ट किए। आंकड़ा 199 तक पहुंच गया था इनमें 12 गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। वहीं वर्ष 2023 की बात की जाए तो अप्रैल माह से नवंबर माह तक कुल 7822 की टेस्टिंग हुई है और नए 147 मरीज विभाग को मिले हैं। नए मरीजों की बात की जाए तो इनमें 20 से 40 वर्ष के लोग शामिल हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग को कुल 3240 एड्स ग्रस्त मरीज मिल चुके हैं जिनकी उपचार हो रहा है।
विज्ञापन
लोगों को किया जा रहा जागरूक
एड्स काउंसलर रवि वर्मा और राजेंद्र ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पेशल एड्स जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होते हैं। जांच में कुछ जगह ऐसी मिलती हैं जहां से एड्स के मामले सामने आते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इन स्थानों का सर्वे करवा रहा है। विभागीय टीमें लगातार यहां लोगों को जागरूक करने का काम करती हैं।
हाथ मिलाने या गले मिलने से नहीं फैलता एड्स
डा. नितेश सैनी ने बताया कि लोगों में एड्स बीमारी को लेकर काफी भ्रम भी है। यह बीमारी साथ-साथ खाने से, हाथ मिलाने और गले मिलने से, खांसने, छींकने या हवा से, मच्छरों या कीड़े-मकोड़े के काटने से, खाने के बर्तन, कपड़े, शौचालय के सामूहिक उपयोग से नहीं होती है। यह एक संक्रमण की बीमारी है और इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, बस बचाव ही इसका इलाज है।
विभाग द्वारा उन स्थानों का लगातार सर्वे करवाया जा रहा है, जहां एड्स ग्रस्त मरीज मिल रहे हैं। इसके अलावा जींद, नरवाना, उचाना, जुलाना और सफीदों के नागरिक अस्पतालों में आईसीटीसी सेंटर बनाए गए हैं। जहां कोई भी व्यक्ति मुफ्त जांच करवा सकता है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1097 पर कॉल कर एचआईवी संबंधित जानकारी हासिल की जा सकती है।