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कर्मचारियों ने अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले मांगों को लेकर शहर में प्रदर्शन कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

Fri, 10 Aug 2018 12:18 AM IST
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:18 AM IST
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कर्मचारियों ने अखिल भारतीय किसान सभा के  बैनर तले मांगों को लेकर शहर में प्रदर्शन कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
कर्मचारियों ने अखिल भारतीय किसान सभा के साथ किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सीटू से संबधित कर्मचारियों ने अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले वीरवार को मांगों को लेकर शहर भर में प्रदर्शन कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की कि किसानों की फसलों के लाभकारी मूल्य पर खरीद की गारंटी व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। कर्मचारियों को स्थायी रोजगार, न्यूनतम वेतन 18000 रुपये व कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। श्रम कल्याण बोर्ड के मजदूरों को सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जाए। किसान व मजदूरों के सारे कर्ज माफ किए जाए। मनरेगा मजदूरों को 600 रुपये दिहाड़ी दी जाए व सीटू कर्मचारियों पर लगाए गए झूठे मुकद्दमों को वापस लिया जाए। यहां लघु सचिवालय के सामने 1500 कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी। तहसीलदार प्रवीण कुमार ने कर्मचारियों की गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी की तथा उन्हें यहीं से रिहा कर दिया।

सीटू यूनियन के जिला सचिव कपूर सिंह ने कहा कि जींद जिले में श्रम कल्याण बोर्ड में लगभग 46000 से ज्यादा निर्माण मजदूरों का पंजीकरण अभी तक हुआ नहीं है। इन कर्मचारियों का पंजीकरण किया जाए। श्रम कल्याण विभाग के अधिकारी निर्माण मजदूरों का पंजीकरण नहीं करके अपने चहेतों का पंजीकरण कर रहे हैं। श्रम कल्याण बोर्ड में कुछ कर्मचारी फर्जी पंजीकरण कर रहे हैं। जिन मजदूरों को पंजीकरण के लिए आवेदन श्रम कल्याण बोर्ड के कार्यालय में भेजे जाते हैं। उनके आवेदन फॉर्मों में त्रुटियां निकाल दी जाती है और उनके आवेदन जमा नहीं किए जाते। जिसकी शिकायत एसडीएम व डीसी को भी दी जा चुकी है, पर अधिकारियों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। जिस कारण मजदूरों में काफी रोष है। जिन निर्माण मजदूरों के खिलाफ श्रम कल्याण विभाग के अधिकारियों ने छेड़छाड़ के झूठे मुकदमें 16 जुलाई को दर्ज करवाए थे, वह उस दिन कार्यालय में मौजूद भी नहीं थे। इसलिए उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और निर्माण मजदूरों पर लगे झूठे मुकद्दमों को वापस लिया जाए। जो महिला मजदूर कार्यालय में पंजीकरण के लिए आती है उनके साथ अधिकारियों द्वारा बुरा व्यवहार किया जाता है। पंजीकरण के बाद मजदूरों को कोई रशीद नहीं दी जाती, जिससे मजदूरों को आशंका बनी रहती है कि उनके फॉर्म जमा हुए या नहीं। श्रम कल्याण बोर्ड में सीसी टीवी कैमरे लगाए जाए। जिन मजदूरों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे उनके आवेदन कुछ तकनीकी कारणों के चलते भरे नहीं जा रहे हैं। बार-बार ऑनलाइन आवेदन क रने के बाद भी लोगों के फॉर्म जमा नहीं हो रहे हैं और बार-बार उनके खातों से रुपये काट लिए जाते हैं। इसलिए कर्मचारियों का अॅाफ लाइन पंजीकरण किया जाए। कर्मचारियों ने नेहरू पार्क से चलकर लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारियां दी। मौके पर तहसीलदार ने लघु सचिवालय के सामने अस्थाई जेल घोषित करते हुए कर्मचारियों को रिहा करने का आदेश दिया। उस समय 1500 कर्मचारियों ने गिरफ्तारियंा दीं। भवन निर्माण यूनियन के जिला प्रधान कश्मीर सिंह ने कहा कि अगर जल्द ही सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो 14 अगस्त को रात भर लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया जाएगा और उसके बाद सितंबर को सभी कर्मचारी दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इस अवसर पर रोहताश, संदीप जाजवान, प्रेमो, सुमन, राजेश, कपूर सिंह, रमेश चंद्र व विक्रम मौजूद रहे।
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