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जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में स्वरोजगार स्थापित करवाने के लिए 2
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डीआरडीए के सभागार में जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक नगराधीश सत्यवान मान की अध्यक्षता में हुई। इसमें युवाओं के स्वरोजगार स्थापित करवाने को लेकर आवेदकों के साक्षात्कार लिए गए। इसमें जीएमडीआईसी कर्ण सिंह समेत कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे। स्वरोजगार स्थापित करने के 287 आवेदकों के साक्षात्कार इस बैठक में लिए गए।
नगराधीश ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार स्थापित करवाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। इनमें से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम भी एक अहम योजना है। इसके तहत युवाओं को रोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से एक से 25 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस ऋण पर अनुदान भी सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह अपना स्वरोजगार स्थापित कर खुद तो स्वावलंबी बनें हीं, साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान करने का कार्य करें। इसमें ज्यादातर महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर, कटाई-सिलाई केंद्र, रसगुल्ला प्लांट स्थापित करने के लिए आवेदन किए हुए थे। इसी प्रकार से पुरुष आवेदकों ने ऑयल मिल स्थापित करने, फर्नीचर उत्पाद बनाने, डिस्पोजल कप-गिलास प्लांट स्थापित करने, मधुमक्खी यूनिट लगाने, टेंट हाउस स्थापित करने समेत कई व्यवसायों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए साक्षात्कार दिए।
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जींद। डीआरडीए के सभागार में जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक नगराधीश सत्यवान मान की अध्यक्षता में हुई। इसमें युवाओं के स्वरोजगार स्थापित करवाने को लेकर आवेदकों के साक्षात्कार लिए गए। इसमें जीएमडीआईसी कर्ण सिंह समेत कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे। स्वरोजगार स्थापित करने के 287 आवेदकों के साक्षात्कार इस बैठक में लिए गए।
नगराधीश ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार स्थापित करवाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। इनमें से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम भी एक अहम योजना है। इसके तहत युवाओं को रोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से एक से 25 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस ऋण पर अनुदान भी सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह अपना स्वरोजगार स्थापित कर खुद तो स्वावलंबी बनें हीं, साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान करने का कार्य करें। इसमें ज्यादातर महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर, कटाई-सिलाई केंद्र, रसगुल्ला प्लांट स्थापित करने के लिए आवेदन किए हुए थे। इसी प्रकार से पुरुष आवेदकों ने ऑयल मिल स्थापित करने, फर्नीचर उत्पाद बनाने, डिस्पोजल कप-गिलास प्लांट स्थापित करने, मधुमक्खी यूनिट लगाने, टेंट हाउस स्थापित करने समेत कई व्यवसायों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए साक्षात्कार दिए।
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