{"_id":"5a31751d4f1c1baf678c160d","slug":"161513190685-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन की पद बचाने की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन की पद बचाने की कवायद
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चेयरमैनी बचाने के लिए पार्षदों को किया भूमिगत
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। शहर के 16 पार्षदों के नगर परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के खिलाफ लामबंद होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग के बाद चेयरमैन सुरेश पप्पू व वाइस चेयरमैन कृष्ण मोर ने भी अपने पद बचाने की कवायद शुरू कर दी है। इधर इनके विरोधी भी फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। इसी कड़ी में कई पार्षदों को भूमिगत किया गया है। गौरतलब है कि नगर परिषद नरवाना में 23 पार्षद हैं। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को पद से हटाने के लिए दो तिहाई पार्षदों की आवश्यकता होती है, जिनमें से 16 पार्षदों ने एकजुट होकर उपायुक्त को शपथ पत्र दिया और अविश्वास प्रस्ताव लाने की तारीख निश्चित करने की मांग की है। सुरेश पप्पू यह भी प्रचार कर रहे हैं कि उनके पास 16 से ज्यादा पार्षद हैं। चेयरमैन के हटने और बचने का फैसला एक पार्षद के वोट पर टिका है। चेयरमैन सुरेश पप्पू ने अपना पद बचाने की कवायद शुरू की है। जुलाई माह में भी 16 पार्षदों ने एकजुट होकर सुरेश पप्पू को हटाने की कवायद शुरू की थी। उस समय वार्ड छह के पार्षद अजय जांगड़ा विरोधियों से हटकर सुरेश पप्पू के खेमे में चले गए थे जिस कारण उपायुक्त को शपथ पत्र नहीं सौंपे जा सके थे। पांच माह के बाद फिर पार्षद एकजुट हुए और उपायुक्त को शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की गुहार लगाई है। यह बात और है कि सुरेश पप्पू भाजपा से संबंध रखते हैं, जबकि कांग्रेस पार्षद इन्हें समर्थन कर रहे है। दूसरे भाजपा विधायक सुरेश पप्पू को हटाने को उतारू हैं। अब देखना है कि सुरेश पप्पू अपनी कुर्सी बचाने में सफल होते हैं या विरोधियों को हटाने में कामयाब होते है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। शहर के 16 पार्षदों के नगर परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के खिलाफ लामबंद होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग के बाद चेयरमैन सुरेश पप्पू व वाइस चेयरमैन कृष्ण मोर ने भी अपने पद बचाने की कवायद शुरू कर दी है। इधर इनके विरोधी भी फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। इसी कड़ी में कई पार्षदों को भूमिगत किया गया है। गौरतलब है कि नगर परिषद नरवाना में 23 पार्षद हैं। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को पद से हटाने के लिए दो तिहाई पार्षदों की आवश्यकता होती है, जिनमें से 16 पार्षदों ने एकजुट होकर उपायुक्त को शपथ पत्र दिया और अविश्वास प्रस्ताव लाने की तारीख निश्चित करने की मांग की है। सुरेश पप्पू यह भी प्रचार कर रहे हैं कि उनके पास 16 से ज्यादा पार्षद हैं। चेयरमैन के हटने और बचने का फैसला एक पार्षद के वोट पर टिका है। चेयरमैन सुरेश पप्पू ने अपना पद बचाने की कवायद शुरू की है। जुलाई माह में भी 16 पार्षदों ने एकजुट होकर सुरेश पप्पू को हटाने की कवायद शुरू की थी। उस समय वार्ड छह के पार्षद अजय जांगड़ा विरोधियों से हटकर सुरेश पप्पू के खेमे में चले गए थे जिस कारण उपायुक्त को शपथ पत्र नहीं सौंपे जा सके थे। पांच माह के बाद फिर पार्षद एकजुट हुए और उपायुक्त को शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की गुहार लगाई है। यह बात और है कि सुरेश पप्पू भाजपा से संबंध रखते हैं, जबकि कांग्रेस पार्षद इन्हें समर्थन कर रहे है। दूसरे भाजपा विधायक सुरेश पप्पू को हटाने को उतारू हैं। अब देखना है कि सुरेश पप्पू अपनी कुर्सी बचाने में सफल होते हैं या विरोधियों को हटाने में कामयाब होते है।