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Jind News: कनाडा भेजने के नाम पर हड़पे 15.79 लाख
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नरवाना (जींद) । युवक को कनाडा भेजने के नाम पर 15 लाख 79 हजार 800 रुपये हड़प लिए। शहर थाना पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अमरगढ़ गांव निवासी हितेश ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेती बाड़ी का काम करता है और उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। साल 2019 में उसकी जान पहचान कैथल जिले के काकौत निवासी अनिल के साथ हुई। अनिल ने बताया कि वह और उसका दोस्त अर्शदीप युवाओं को कनाडा भेजने का काम करते हैं। पहले भी वह बहुत से युवाओं को विदेश में भेज चुके हैं। उसने भी कनाडा जाने की इच्छा जताई और सितंबर 2019 में छह लाख 50 हजार रुपये एडवांस दे दिए। इसके बाद उसकी अनिल से लगातार बात होती रही और वह आश्वासन देता रहा कि जल्द ही कनाडा का वीजा लग जाएगा। इसके बाद उसने और पैसे मांगे तो उसने बैंक से ट्रांसफर करने की बात कही, लेकिन अनिल ने नकद मांगे। इस पर उसने बातों में आकर सात जनवरी 2020 को चार लाख रुपये और 16 जनवरी 2020 को एक लाख 10 हजार रुपये उसके खाते में जमा करवा दिए।
उसके बाद फरवरी 2020 में उसने तीन लाख रुपये नकद और उसने अपना पासपोर्ट अनिल को दिया। अनिल ने कहा कि जल्द ही यह पैसे अर्शदीप को देकर उसका काम करवा देगा। फिर अनिल ने कोरोना काल का बहाना बनाकर कहा कि अभी कहीं का भी वीजा नहीं लग रहा, जैसे ही वीजा खुलेगा, उसका लगवा देगा। उसने आठ दिसंबर 2021 को 14800 रुपये गूगल पे के माध्यम से भेज दिए। इसके बाद उसने उसे जिरकपुर बुला लिया और फर्जी वीजा बनाकर बायोमेट्रिक करवाने को लेकर एक स्लिप दी। इसी बीच उसने कुछ और पैसे मांगे तो 17 दिसंबर 2021 को अपने दोस्त के माध्यम से 90 हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से डलवा दिए। 22 दिसंबर को उसने बताया कि बायोमेट्रिक की तारीख बदल गई है, जल्द ही नई तारीख मिल जाएगी। उसके बाद फिर से अनिल ने बायोमेट्रिक करवाने के 15 हजार रुपये मांगे, जो उसने अनिल के गूगल-पे अकाउंट में डाल दिए। हितेश ने बताया कि उसका वीजा 2022 का लगा है और पिहोवा में अर्शदीप के पास से एयर टिकट बुकिंग करवाने के लिए कहा। अर्शदीप ने 24-25 अप्रैल की वाया दुबई टोरंटो की कन्फर्म टिकट दी। उसे दिल्ली जाकर पता चला कि उसकी टिकट और वीजा दोनों फर्जी हैं। जब उसने अपने पैसे और पासपोर्ट वापस मांगा तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शहर थाना नरवाना पुलिस ने हितेश की शिकायत पर अनिल और अर्शदीप के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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अमरगढ़ गांव निवासी हितेश ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेती बाड़ी का काम करता है और उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। साल 2019 में उसकी जान पहचान कैथल जिले के काकौत निवासी अनिल के साथ हुई। अनिल ने बताया कि वह और उसका दोस्त अर्शदीप युवाओं को कनाडा भेजने का काम करते हैं। पहले भी वह बहुत से युवाओं को विदेश में भेज चुके हैं। उसने भी कनाडा जाने की इच्छा जताई और सितंबर 2019 में छह लाख 50 हजार रुपये एडवांस दे दिए। इसके बाद उसकी अनिल से लगातार बात होती रही और वह आश्वासन देता रहा कि जल्द ही कनाडा का वीजा लग जाएगा। इसके बाद उसने और पैसे मांगे तो उसने बैंक से ट्रांसफर करने की बात कही, लेकिन अनिल ने नकद मांगे। इस पर उसने बातों में आकर सात जनवरी 2020 को चार लाख रुपये और 16 जनवरी 2020 को एक लाख 10 हजार रुपये उसके खाते में जमा करवा दिए।
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उसके बाद फरवरी 2020 में उसने तीन लाख रुपये नकद और उसने अपना पासपोर्ट अनिल को दिया। अनिल ने कहा कि जल्द ही यह पैसे अर्शदीप को देकर उसका काम करवा देगा। फिर अनिल ने कोरोना काल का बहाना बनाकर कहा कि अभी कहीं का भी वीजा नहीं लग रहा, जैसे ही वीजा खुलेगा, उसका लगवा देगा। उसने आठ दिसंबर 2021 को 14800 रुपये गूगल पे के माध्यम से भेज दिए। इसके बाद उसने उसे जिरकपुर बुला लिया और फर्जी वीजा बनाकर बायोमेट्रिक करवाने को लेकर एक स्लिप दी। इसी बीच उसने कुछ और पैसे मांगे तो 17 दिसंबर 2021 को अपने दोस्त के माध्यम से 90 हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से डलवा दिए। 22 दिसंबर को उसने बताया कि बायोमेट्रिक की तारीख बदल गई है, जल्द ही नई तारीख मिल जाएगी। उसके बाद फिर से अनिल ने बायोमेट्रिक करवाने के 15 हजार रुपये मांगे, जो उसने अनिल के गूगल-पे अकाउंट में डाल दिए। हितेश ने बताया कि उसका वीजा 2022 का लगा है और पिहोवा में अर्शदीप के पास से एयर टिकट बुकिंग करवाने के लिए कहा। अर्शदीप ने 24-25 अप्रैल की वाया दुबई टोरंटो की कन्फर्म टिकट दी। उसे दिल्ली जाकर पता चला कि उसकी टिकट और वीजा दोनों फर्जी हैं। जब उसने अपने पैसे और पासपोर्ट वापस मांगा तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शहर थाना नरवाना पुलिस ने हितेश की शिकायत पर अनिल और अर्शदीप के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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