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Jind News: मताधिकार बचाने के लिए एक नवंबर को दिल्ली कूच करेंगे 15 हजार लोग
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29जेएनडी06: हाउसिंग बोर्ड में सीटू कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर विभिन्न संगठनों के सदस्य दिल
जींद। मताधिकार बचाओ, लोकतंत्र बचाओ और देश बचाओ के आह्वान के साथ एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली में जिले से 15 हजार लोग शामिल होंगे। रैली की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह जानकारी वीरवार को इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और वामपंथी दलों के नेताओं ने दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर, पवन दुहन, सीपीआई (एम) के जिला सचिव कॉमरेड कपूर सिंह, कॉमरेड रमेश चंद्र और सीपीआई (एमएल लिबरेशन) के राज्य सचिव विनोद धड़ोली ने कहा कि निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया, फॉर्म-6 के नियमों में बदलाव और मतदाता डेटा के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दल और जनसंगठन इन मामलों में आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
नेताओं ने कहा कि 23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट में भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाने के बजाय भाजपा सरकार ने अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी।
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उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया रद करने, काटे गए वैध मतों को बहाल करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करने की मांग उठाई। नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। मताधिकार और सांविधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा के लिए सभी लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होना होगा। मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जींद जिले से अधिक-से-अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता जनसंपर्क कर रहे हैं।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर, पवन दुहन, सीपीआई (एम) के जिला सचिव कॉमरेड कपूर सिंह, कॉमरेड रमेश चंद्र और सीपीआई (एमएल लिबरेशन) के राज्य सचिव विनोद धड़ोली ने कहा कि निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया, फॉर्म-6 के नियमों में बदलाव और मतदाता डेटा के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दल और जनसंगठन इन मामलों में आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
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नेताओं ने कहा कि 23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट में भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाने के बजाय भाजपा सरकार ने अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी।
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उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया रद करने, काटे गए वैध मतों को बहाल करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करने की मांग उठाई। नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। मताधिकार और सांविधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा के लिए सभी लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होना होगा। मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जींद जिले से अधिक-से-अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता जनसंपर्क कर रहे हैं।