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माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित एंकर

Tue, 10 Oct 2017 11:15 PM IST
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:15 PM IST
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माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित एंकर
मुआवजे की मांग को लेकर सत्याग्रह की राह पर किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दिल्ली-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा कम मिलने के विरोध में मंगलवार को अनूपगढ़ा, बिरोली और बिशनपुरा गांव सहित कई गांवों के किसानों ने सत्याग्रह शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि एक ही परियोजना के लिए सरकार ने दूसरे गांवों के किसानों को अधिक मुआवजा दिया है और उनकी जमीन का मुआवजा बहुत ही कम दिया है। किसानों का कहना है कि बार-बार चक्कर काटने के बाद अधिकारी उनकी बात तक नहीं सुन रहे हैं। इसके विरोध में मंगलवार से किसानों ने सत्याग्रह शुरू कर दिया।
किसान संघ के नेतृत्व में रोहतक रोड जींद में अनूपगढ़ गांव में बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानों ने सत्याग्रह कर दिया किसानों की मांग है कि एक ही क्षेत्र में जमीन का भाव अलग नहीं दिए जाऐं। किसानों का कहना है कि इसी परियोजना के लिए पिंडारा और आसपास के किसानों जहां 90 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिला है, वहीं उनको महज 12 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों ने मांग की कि समान मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों के खेत सड़क के दोनों तरफ हो गए हैं, उनके लिए पुलिया का प्रावधान किया जाए, जिससे वह खेत में सिंचाई कर सकें। इस दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बढ़खालसा ने कहा कि केजीपी (कुंडली गाजियाबाद पलवल हाइवे) सोनीपत की तर्ज पर मुआवजा व अन्य सुविधाएं यहां के किसानों को भी दी जाएं। जींद सोनीपत लोकसभा क्षेत्र एक है फिर भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के संगठन मंत्री सुंदरलाल, सुनील, शमशेर, राजकुमार बिरोली, आश्बीर, सुंदर गोंडा कप्तान, कटन सिंह, कृष्ण सांगवान मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे मांग
इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री का जींद में दौरा होने वाला है। इस दौरान किसान मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे। भारतीय किसान संघ उम्मीद करता है जैसे किसानों के हित में जरूर कोई कार्य करके जाएंगे।
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अपील करें किसान
इस जमीन की कीमत निर्धारित करने के लिए कमीश्नर के नेतृत्व में एक कमेटी बनी थी। कमेटी ही कीमत निर्धारण करती है। इसके बाद किसानों को यदि आपत्ति है तो वे एडीसी के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। अधिकारी जरूर उनकी बात सुनेंगे।
आरपी कटारिया, डीआरओ जींद।

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