फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   132 illegal colonies are expected to be legalized

Jind News: 132 अवैध कॉलोनियों के वैध होने की उम्मीद जगी

Sun, 25 Jun 2023 10:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 25 Jun 2023 10:22 PM IST
विज्ञापन
132 illegal colonies are expected to be legalized
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जींद। जिन लोगों ने अपने जीवनभर की कमाई से अवैध कॉलोनियों में प्लाट खरीदकर मकान बनवा लिए हैं, उन लोगों को अब अपनी कॉलोनी को वैध करवाने का अवसर मिला है। पहले कॉलोनी को वैध करवाने के लिए आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) की तरफ से आवेदन देना जरूरी था, लेकिन अब एक व्यक्ति भी अपनी कॉलोनी को वैध करवाने के लिए आवेदन कर सकता है। ऐसा होने पर बड़ी संख्या में लोगाें को इसका फायदा मिलेगा।
जिले में लगभग 200 कॉलोनियां वैध हैं। 2018 में सरकार ने 70 कॉलोनियों को वैध किया था। जिला नगर योजनाकार विभाग ने 2022 में ड्रोन से सर्वे किया था। इसमें जिलेभर में 132 कॉलोनियां ऐसी मिलीं जो अवैध हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने सरकार से इन कॉलोनियों को वैध करने की अनुमति मांगी। सरकार ने 19 जुलाई 2022 को इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए आवेदन मांगे थे। इसके तहत नगर परिषद और नगरपालिका की सीमा से बाहर पड़ने वाली अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए छह माह की समय अवधि दी गई। इन कॉलोनियों में रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन (आवासीय कल्याण संघ) का होना जरूरी था। इसके कारण केवल एक ही आवेदन आया था और यह भी अधूरा था। इसके बाद सरकार ने फिर अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया था। अब मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए आरडब्ल्यूए की शर्त हटा दी है। अब उम्मीद है कि जिले की यह सभी अवैध कॉलोनियां वैध हो जाएंगी।
विज्ञापन

बॉक्स
अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई पर कई बार हो चुके हैं विवाद
मार्च में जब जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम कैथल रोड पर अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चला रही थी, उस समय लोगों ने विरोध किया था। इस दौरान नगर योजनाकार की कमीज भी फाड़ दी थी। मार्च में ही जुलाना में भी प्रशासन को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। ऐसे में कई जगह प्रशासन अवैध कॉलोनियों को गिराने में कामयाब रहा तो कई स्थानों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
ये सुविधाएं मिलेंगी
जब कोई भी कॉलोनी वैध हो जाती है तो उसके विकास की जिम्मेदारी नगर परिषद की हो जाती है। नगर परिषद कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और सड़कों का निर्माण कराती है। इसके बाद बिजली निगम भी यहां पर बिजली की समुचित व्यवस्था करती है। जब तक कॉलोनी वैध नहीं होगी, नगर परिषद कोई सुविधा नहीं दे सकती। यहां पर मकानों की रजिस्ट्री भी नहीं हो सकती। कॉलोनी वैध होने के बाद लोग अपने मकान और प्लाटों को बेच भी सकते हैं।

वर्जन
अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने का 30 सितंबर तक मौका दिया गया है। पहले 18 जनवरी तक का समय था, इसमें एक आरडब्ल्यूए ने आवेदन किया था, जो आधा-अधूरा था। अब फिर लोगों के पास अपनी कॉलाेनियों को वैध करवाने का मौका है। मुख्यमंत्री ने आरडब्ल्यूए की शर्त हटा दी है लेकिन इसका नोटिफिकेशन नहीं मिला है।-अमित कुमार, जिला नगर योजनाकार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed