फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   बुरे वक्त में कांग्रेस के तारणहार बने हैं रणदीप सुरजेवाला

बुरे वक्त में कांग्रेस के तारणहार बने हैं रणदीप सुरजेवाला

Fri, 11 Jan 2019 12:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 12:59 AM IST
विज्ञापन
बुरे वक्त में कांग्रेस के तारणहार बने हैं रणदीप सुरजेवाला
बुरे वक्त में कांग्रेस के तारणहार बने हैं रणदीप सुरजेवाला
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस जींद विधानसभा उपचुनाव में रणदीप सुरजेवाला को अपना उम्मीदवार बना ही दिया। आपसी फूट का संग्राम झेल रही कांग्रेस ने एक बार फिर हमेशा पार्टी के संकट मोचक रहे रणदीप सुरजेवाला का सहारा लिया है। इस बार रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस की वैतरणी पार लगा पाते हैं या नहीं यह समय ही बताएगा।
दरअसल जब भी कांग्रेस पार्टी किसी संकट में फंसी है, रणदीप सुरजेवाला पार्टी के तारणहार बनकर सामने आए हैं। पार्टी के सत्ता में रहते सामने आए जाट आरक्षण जैसे मामले हों या फिर सत्ता से बाहर होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखने की बात हो। हमेशा बुरे वक्त में रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस के संकट मोचक बने हैं। दस साल तक रही प्रदेश में हुडा सरकार के दौरान कई ऐसे मौके आए, जब रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस को संकटों के भंवर से निकाला। इसमें 2011 में जाट आरक्षण के दौरान जींद में रेलवे ट्रैक खुलवाने, मारुति उद्योग विवाद को निपटाने, पबनावा में दो समुदायों के विवाद और नरवाना के ही एक गांव में अनुसूचित जाति की युवती के साथ दुष्कर्म के मामले भी जब सरकार घिरी तो रणदीप सुरजेवाला ने विवाद को सुलझाकर सरकार को इस संकट से बचा लिया। 2014 में मोदी लहर में देश भर से कांग्रेस का सफाया हो गया तो राष्ट्रीय स्तर पर बहस में कांग्रेस भाजपा के तेज तर्रार नेताओं के सामने टिक नहीं पाते थे। उस समय भी रणदीप सुरजेवाला ने अपने हुनर से पार्टी को मजबूती से आगे बढ़ाया।
विज्ञापन

पार्टी के युवा चेहरे पर लगाया जेजेपी ने दाव
वहीं चुनाव से ठीक पहले अस्तित्व में आई जननायक जनता पार्टी ने अपने सबसे युवा चेहरे दिग्विजय चौटाला पर दाव लगाया है। जेजेपी को युवाओं की टीम माना जा रहा है और दिग्विजय चौटाला इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पार्टी की युवाओं में पैठ के चलते जेजेपी को दिग्विजय चौटाला से बड़ी उम्मीदें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. कृष्ण मिड्ढा को उनके पिता के व्यक्तित्व का सहारा
भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे डॉ. कृष्ण मिड्ढा के पिता डॉ. हरिचंद मिड्ढा दो बार जींद विधानसभा से इनेलो की टिकट पर विधायक बने। डॉ. हरिचंद मिड्ढा का व्यक्तित्व ऐसा रहा है कि उनके घोर राजनीतिक विरोधी भी कभी उनका विरोध नहीं कर पाए। शहर भर में डॉ. साहब के नाम से उनकी अपनी छवि बनी हुई थी। वहीं डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने दस साल तक इनेलो में रह कर काम किया है उनके व्यवहार में लोकदली झलक साफ दिखती है। साथ ही प्रदेश में भाजपा की सरकार है, ऐसे में डॉ. मिड्ढा के कंधों पर भाजपा की साख टिकी हुई है।

जिला परिषद की राजनीति से अब विधानसभा के चुनाव का चेहरा बने उमेद सिंह
इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ रहे उमेद सिंह रेढू कंडेला खाप से आते हैं। वहीं उन्होंने अपने वार्ड का जिला पार्षद का चुनाव भी जीता और वे फिलहाल जींद जिला परिषद के उप प्रधान हैं। कंडेला खाप जींद विधानसभा क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान व दबदबा रखती है। कंडेला खाप की एकता के चर्चे काफी प्रसिद्ध हैं। ऐसे में उमेद सिंह रेढू अपनी कंडेला खाप के साथ-साथ व्यक्तिगत छवि और इनेलो के वोट बैंक के सहारे इनेलो की नैया पार लगाने के लिए मैदान में उतरे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed