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नागरिक अस्पताल में उप-सिविल सर्जनों की कमी के कारण अन्य अधिकारियों को सौंपा अतिरिक्त कार्यभार
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अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, अतिरिक्त कार्य से प्रभावित हो रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
आठ उप सिविल सर्जनों के बजाय दो से ही चलाया जा रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की वजह से अन्य चिकित्सकों पर कार्य का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। नागरिक अस्पताल में आठ उप सिविल सर्जनों की जरूरत है, मगर दो से ही काम चल रहा है। समय-समय पर होने वाले कार्यक्रम प्रभावित न हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों को कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी है। कम चिकित्सकों के बावजूद नागरिक अस्पताल प्रशासन अपना कार्य चलाने के लिए मजबूर है।
नागरिक अस्पताल में इस समय दो उप सिविल सर्जन हैं। इनमें डॉ. पालेराम कटारिया और डॉ. राजेश गांधी शामिल हैं। नागरिक अस्पताल में उप सिविल सर्जन के आठ पद हैं। इस कारण उप सिविल सर्जनों से लिया जाने वाला काम प्रभावित न हो, इसके लिए अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को कार्यक्रमों का कार्यभार सौंपा जा रहा है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, पर नागरिक अस्पताल अपना काम चला रहा है। सिविल सर्जन डॉ. शशि प्रभा ने सोमवार को जारी आदेशों में नरवाना नागरिक अस्पताल के प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र बिंदलिश को अब अंधता कंट्रोल कार्यक्रम का अतिरिक्त कार्य सौंपा है। इसी प्रकार नागरिक अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राजेश भोला को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम व बहरापन नियंत्रण कार्यक्रम का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। नागरिक अस्पताल नरवाना के वरिष्ठ दंत सर्जन डॉ. जयसिंह को उप सिविल सर्जन स्कूल हेल्थ की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ रजाना कलां प्राथमिक स्वास्थ्य के दंत सर्जन डॉ. नवनीत सिंह को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं गुणवत्ता एवं कंट्रोल का नोडल अधिकारी का काम दिया गया है।
ओपीडी के साथ कार्यक्रम भी जरूरी
चिकित्सकों की कमी के कारण ओपीडी के साथ-साथ अन्य कार्यक्रम भी जरूरी हैं, इसलिए वरिष्ठ चिकित्सकों को समय-समय पर अतिरिक्त कार्यभार सौंपने पड़ते हैं, ताकि अन्य कार्यक्रम प्रभावित न हों। समय-समय पर चिकित्सकों के कार्यभार में बदलाव किए जाते हैं।
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-डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन, जींद।
फोटो कैप्शन
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आठ उप सिविल सर्जनों के बजाय दो से ही चलाया जा रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की वजह से अन्य चिकित्सकों पर कार्य का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। नागरिक अस्पताल में आठ उप सिविल सर्जनों की जरूरत है, मगर दो से ही काम चल रहा है। समय-समय पर होने वाले कार्यक्रम प्रभावित न हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों को कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी है। कम चिकित्सकों के बावजूद नागरिक अस्पताल प्रशासन अपना कार्य चलाने के लिए मजबूर है।
नागरिक अस्पताल में इस समय दो उप सिविल सर्जन हैं। इनमें डॉ. पालेराम कटारिया और डॉ. राजेश गांधी शामिल हैं। नागरिक अस्पताल में उप सिविल सर्जन के आठ पद हैं। इस कारण उप सिविल सर्जनों से लिया जाने वाला काम प्रभावित न हो, इसके लिए अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को कार्यक्रमों का कार्यभार सौंपा जा रहा है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, पर नागरिक अस्पताल अपना काम चला रहा है। सिविल सर्जन डॉ. शशि प्रभा ने सोमवार को जारी आदेशों में नरवाना नागरिक अस्पताल के प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र बिंदलिश को अब अंधता कंट्रोल कार्यक्रम का अतिरिक्त कार्य सौंपा है। इसी प्रकार नागरिक अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राजेश भोला को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम व बहरापन नियंत्रण कार्यक्रम का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। नागरिक अस्पताल नरवाना के वरिष्ठ दंत सर्जन डॉ. जयसिंह को उप सिविल सर्जन स्कूल हेल्थ की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ रजाना कलां प्राथमिक स्वास्थ्य के दंत सर्जन डॉ. नवनीत सिंह को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं गुणवत्ता एवं कंट्रोल का नोडल अधिकारी का काम दिया गया है।
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ओपीडी के साथ कार्यक्रम भी जरूरी
चिकित्सकों की कमी के कारण ओपीडी के साथ-साथ अन्य कार्यक्रम भी जरूरी हैं, इसलिए वरिष्ठ चिकित्सकों को समय-समय पर अतिरिक्त कार्यभार सौंपने पड़ते हैं, ताकि अन्य कार्यक्रम प्रभावित न हों। समय-समय पर चिकित्सकों के कार्यभार में बदलाव किए जाते हैं।
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-डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन, जींद।
फोटो कैप्शन