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गांव बंद धरने का हुआ समापन, किसानों ने ईक्कस में सरकार के खिलाफ निकाली शव यात्रा
Updated Mon, 11 Jun 2018 12:24 AM IST
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किसानों ने ईक्कस में सरकार के खिलाफ निकाली शव यात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गांव बंद के समर्थक किसानों ने रविवार को ईक्कस गांव में सरकार के खिलाफ शवयात्रा निकाल कर प्रदर्शन किया। भाकियू के समर्थन में रविवार को ईक्कस गांव में पोगरी खेड़ी, गुलकनी, ईक्कस, कंडेला, ईंटलकला, रूपगढ़, मिलकपुर व मिर्जपुर के किसान एकत्रित हुए। छज्जूराम की अध्यक्षता में किसानों ने अपनी मंागों को लेकर जीएम अश्विनी मलिक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों का कर्ज माफ करने, फसलों का सरकार द्वारा समर्थन मूल्य व उसके ऊपर 50 प्रतिशत अधिक भाव जल्दी से जल्दी घोषित करने , पराली को जलाने से बचाव के लिए किसानों के पास सरकार द्वारा साधन मुहैया करवाने, सभी गांवों में खेती के लिए पानी की व्यवस्था मुहैया करवाने की मांग की। किसानों ने गांव के अड्डे से चलकर शमशान घाट तक पैदल चलकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। शमशान घाट में किसानों ने सरकार के खिलाफ शव यात्रा निकालते हुए वहां मटके तोडे़। वापस आकर किसानों ने धरना स्थान पर प्रसाद भी खाया। रामफल कंडेला ने कहा कि अगर किसानों की मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया तो आगामी चुनावों में सरकार को इसका अंजाम भुगतना पडे़गा। इस अवसर पर रामफल कंडेला, छज्जूराम, रामराजी, प्रकाश, ईश्वर, चांदी राम, बारूराम व रणधीर मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गांव बंद के समर्थक किसानों ने रविवार को ईक्कस गांव में सरकार के खिलाफ शवयात्रा निकाल कर प्रदर्शन किया। भाकियू के समर्थन में रविवार को ईक्कस गांव में पोगरी खेड़ी, गुलकनी, ईक्कस, कंडेला, ईंटलकला, रूपगढ़, मिलकपुर व मिर्जपुर के किसान एकत्रित हुए। छज्जूराम की अध्यक्षता में किसानों ने अपनी मंागों को लेकर जीएम अश्विनी मलिक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों का कर्ज माफ करने, फसलों का सरकार द्वारा समर्थन मूल्य व उसके ऊपर 50 प्रतिशत अधिक भाव जल्दी से जल्दी घोषित करने , पराली को जलाने से बचाव के लिए किसानों के पास सरकार द्वारा साधन मुहैया करवाने, सभी गांवों में खेती के लिए पानी की व्यवस्था मुहैया करवाने की मांग की। किसानों ने गांव के अड्डे से चलकर शमशान घाट तक पैदल चलकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। शमशान घाट में किसानों ने सरकार के खिलाफ शव यात्रा निकालते हुए वहां मटके तोडे़। वापस आकर किसानों ने धरना स्थान पर प्रसाद भी खाया। रामफल कंडेला ने कहा कि अगर किसानों की मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया तो आगामी चुनावों में सरकार को इसका अंजाम भुगतना पडे़गा। इस अवसर पर रामफल कंडेला, छज्जूराम, रामराजी, प्रकाश, ईश्वर, चांदी राम, बारूराम व रणधीर मौजूद रहे।