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दो महीने में 11 कर्मचारी बने काल का ग्रास : देवेंद्र हुड्डा
Thu, 19 Jun 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 19 Jun 2025 11:42 PM IST
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जींद। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन जींद सर्कल का सम्मेलन पटियाला चौक स्थित पंजाबी धर्मशाला में हुआ। इसकी अध्यक्षता सर्कल सचिव धर्मबीर भंभेवा ने की और संचालन जींद यूनिट प्रधान राकेश ईकस ने किया। इस दौरान मुख्य वक्ता के रूप में राज्य चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा पहुंचे।
बैठक में सीटू नेता कामरेड रमेश और कपूर सिंह ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों के कानूनों को खत्म करके चार काले कोड लेकर आ रही है। अगर ये कोड लागू हो गए तो वह कोई धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते और न ही यूनियन बनाने का अधिकार होगा।
वहीं राज्य चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि पिछले दो महीने में 11 कर्मचारी बिजली की लाइनों पर काम करते हुए काल का ग्रास बन गए। कच्चे कर्मचारियों के चार साल से कोई वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही कोई इलाज की सुविधा है।
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जोखिम कार्य करने वाले बिजली कर्मचारियों के जोखिम भत्ता नहीं है। एक्सग्रेसिया पॉलिसी में भी पांच साल शुरू के और 52 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद कोई नौकरी नहीं है। इस सीमा को खत्म किया जाए और जो शिक्षा की शर्त लगा रखी है, इसको भी खत्म किया जाए।
बिजली निगम का निजीकरण बंद करना चाहिए और जनसंख्या के आधार पर कर्मचारी रेगुलर भर्ती करवाने के लिए और सभी रेगुलर और रिटायर्ड कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का लाभ दिलवाने के लिए 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल जरूरी है।
इस अवसर पर संजीव ढांडा, संदीप गिल, रविंद्र सैनी, कपिल ढुल, पंकज भाटिया, अनूप, कृष्ण श्योराण और रामफल दलाल भी मौजूद रहे।
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बैठक में सीटू नेता कामरेड रमेश और कपूर सिंह ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों के कानूनों को खत्म करके चार काले कोड लेकर आ रही है। अगर ये कोड लागू हो गए तो वह कोई धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते और न ही यूनियन बनाने का अधिकार होगा।
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वहीं राज्य चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि पिछले दो महीने में 11 कर्मचारी बिजली की लाइनों पर काम करते हुए काल का ग्रास बन गए। कच्चे कर्मचारियों के चार साल से कोई वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही कोई इलाज की सुविधा है।
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जोखिम कार्य करने वाले बिजली कर्मचारियों के जोखिम भत्ता नहीं है। एक्सग्रेसिया पॉलिसी में भी पांच साल शुरू के और 52 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद कोई नौकरी नहीं है। इस सीमा को खत्म किया जाए और जो शिक्षा की शर्त लगा रखी है, इसको भी खत्म किया जाए।
बिजली निगम का निजीकरण बंद करना चाहिए और जनसंख्या के आधार पर कर्मचारी रेगुलर भर्ती करवाने के लिए और सभी रेगुलर और रिटायर्ड कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का लाभ दिलवाने के लिए 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल जरूरी है।
इस अवसर पर संजीव ढांडा, संदीप गिल, रविंद्र सैनी, कपिल ढुल, पंकज भाटिया, अनूप, कृष्ण श्योराण और रामफल दलाल भी मौजूद रहे।