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चलने लायक है या नहीं 10 साल पुरानी बस, फैसला करेंगे अधिकारी

Thu, 30 Jun 2022 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 12:36 AM IST
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10 years old bus is worth running or not, officials will decide
: शहर का नया बस अड्डा। संवाद - फोटो : Jind
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। जिला रोडवेज डिपो में 10 वर्ष की समय अवधि पूरी करने वाली रोडवेज बसों को या तो नान एनसीआर डिपो में भेजा जाएगा या फिर यह बस कंडम घोषित की जाएंगी। इसको लेकर अगले सप्ताह मुख्यालय से टीम आएगी जो निर्णय लेगी। अगर बस कंडम घोषित होती हैं या फिर नॉन एनसीआर डिपो में भेजी जाती हैं तो इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि पहले दस साल अवधि पूरी करने वाली बसों को डिपो अधिकारी मुख्यालय से अनुमति लेकर एक्सटेंशन ले लेते थे। एनसीआर एरिया में डीजल वाले वाहनों की समय अवधि दस साल है और नान एनसीआर एरिया में डीजल वाले वाहनों की समय अवधि 15 साल है। ऐेसे में डिपो में पिछले दो साल में दस साल की समय अवधि पूरी करने वाली 47 बसें हैं। जींद भी एनसीआर में आता है। ऐसे में नान एनसीआर डिपो में अगर बस नहीं भेजी गई तो वह कंडम घोषित हो सकती हैं।
वर्ष 2020 में 36 बसें और 2021 में 11 बसें दस साल की समय अवधि पूरी कर चुकी हैं। नवंबर 2021 में मुख्यालय से कमेटी ने 10 से ज्यादा बसों को तैयार करने की अनुमति मांगी थी, जिसके लिए अगले सप्ताह मुख्यालय से कमेटी आकर निर्णय लेगी।
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दो साल में आईं पांच नई बसें
पिछले दो साल में डिपो की 47 बस दस साल की समय अवधि पूरी कर चुकी है। वर्ष 2020 में डिपो में केवल पांच मिनी बस शामिल की गई थी। इससे पहले 2018 में डिपो में 30 नई बस आई थी। इस समय डिपो में 163 बस हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बसें शामिल हैं। अगले दो महीने में डिपो में 35 बस शामिल होने की उम्मीद है।
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दस साल पूरा क रने वाले बसों को नान एनसीआर डिपो में भेजने के लिए मुख्यालय से निर्देश मिलेंगे। पुरानी कमेटी की जगह नई कमेटी का गठन किया गया है। ऐसे में अगले सप्ताह मुख्यालय से टीम आएगी जो निर्णय लेगी कि कितनी बसों को नान एनसीआर डिपो में भेजना है और कितनी बसों को कंडम घोषित किया जाना है। इसके अलावा कुछ बसों को एक्टेंशन पर भी चलाने को लेकर निर्णय टीम द्वारा किया जाएगा।
--सुरेंद्र सिवाच वर्कशाप मैनेजर जींद डिपो।
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