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Jhajjar-Bahadurgarh News: 42.49 मीटर दूर चक्का फेंंक योगेश ने जीता सिल्वर मेडल
Wed, 01 Oct 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:52 AM IST
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-फोटो 57 : योगेश कथूनिया अपने पदक के साथ।
बहादुरगढ़। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में चल रही विश्व पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बहादुरगढ़ के पैरा एथलीट योगेश कथूनिया ने डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल हासिल किया। उन्होंने 42.49 मीटर दूर चक्का फेंका और दूसरा स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता 27 सितंबर से शुरू हुई थी और 5 अक्तूबर तक चलेगी। इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक देशों के एक हजार से ज्यादा पैरा एथलीट भाग ले रहे हैं।
योगेश कथूनिया ने बताया कि उन्होंने अपने पहले प्रयास में 41.40, दूसरे में 42.49, तीसरे में 41.02, चौथे में 42.10, पांचवें में 41.08 और छठे प्रयास में 41.83 मीटर चक्का फेंका। उनका दूसरा प्रयास सबसे बेस्ट रहा। उन्होंने कहा कि वे खुद भी अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। योगेश ने कहा कि घरेलू धरती पर मुकाबला करना उनके लिए गर्व और उत्साह का क्षण रहा।
उनके पिता ज्ञान चंद ने बताया कि योगेश के मैच के दौरान पूरा परिवार स्टेडियम में मौजूद रहा और उनका उत्साह बढ़ाया। पिता ज्ञानचंद ने बताया कि योगेश का जन्म बहादुरगढ़ के गांव मांडौठी में वर्ष 1997 में हुआ। आठ साल की उम्र में योगेश लकवाग्रस्त हो गए, बाद में हाथ का मूवमेंट कुछ हद तक ठीक हुआ। वर्ष 2017 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान खेलों में शामिल हुए।
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उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक 2021 में डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता। इसके बाद वर्ष 2023 पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड (रिकॉर्ड 46.79 मीटर) और 2 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। इसी वर्ष जुलाई मेें वर्ल्ड पैरा एथलेक्टिस चैंपियनशिप परिसर में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में योगेश ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।
इसी साल अक्तूबर में चीन में हुए पैरा खेलों में भी योगेश का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। इसमें सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वर्ष 2024 में गोवा में हुए नेशनल गेम्स में भी योगेश का उम्दा प्रदर्शन रहा। इसी साल पेरिस में हुए पैरालंपिक में योगेश ने रजत पदक जीता।
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योगेश कथूनिया ने बताया कि उन्होंने अपने पहले प्रयास में 41.40, दूसरे में 42.49, तीसरे में 41.02, चौथे में 42.10, पांचवें में 41.08 और छठे प्रयास में 41.83 मीटर चक्का फेंका। उनका दूसरा प्रयास सबसे बेस्ट रहा। उन्होंने कहा कि वे खुद भी अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। योगेश ने कहा कि घरेलू धरती पर मुकाबला करना उनके लिए गर्व और उत्साह का क्षण रहा।
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उनके पिता ज्ञान चंद ने बताया कि योगेश के मैच के दौरान पूरा परिवार स्टेडियम में मौजूद रहा और उनका उत्साह बढ़ाया। पिता ज्ञानचंद ने बताया कि योगेश का जन्म बहादुरगढ़ के गांव मांडौठी में वर्ष 1997 में हुआ। आठ साल की उम्र में योगेश लकवाग्रस्त हो गए, बाद में हाथ का मूवमेंट कुछ हद तक ठीक हुआ। वर्ष 2017 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान खेलों में शामिल हुए।
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उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक 2021 में डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता। इसके बाद वर्ष 2023 पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड (रिकॉर्ड 46.79 मीटर) और 2 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। इसी वर्ष जुलाई मेें वर्ल्ड पैरा एथलेक्टिस चैंपियनशिप परिसर में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में योगेश ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।
इसी साल अक्तूबर में चीन में हुए पैरा खेलों में भी योगेश का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। इसमें सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वर्ष 2024 में गोवा में हुए नेशनल गेम्स में भी योगेश का उम्दा प्रदर्शन रहा। इसी साल पेरिस में हुए पैरालंपिक में योगेश ने रजत पदक जीता।