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Jhajjar-Bahadurgarh News: यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के बारे में महिलाओं को दी जानकारी
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27jjrp01- संवाद भवन में आयोजित कार्यशाला में मौजूद महिला कर्मचारी। स्रोत-संस्था
- फोटो : बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए छात्र-छात्राएं। स्रोत : विवि
झज्जर। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा प्रयास जुवेनाइल ऐड सेंटर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध, निवारण) अधिनियम 2013 की जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से संवाद भवन में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता जुवेनाइल ऐड सेंटर सोसाइटी के राज्य समन्वयक राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़ अधिनियम 2013, महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है, जो 9 दिसंबर 2013 से प्रभावी है।
यह अधिनियम 10 या अधिक कर्मचारियों वाले सभी कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य करता है, जिससे शिकायतों की समयबद्ध जांच और निवारण सुनिश्चित हो सके।
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कार्यक्रम में कानूनी सलाहकार एडवोकेट अन्नू भाई चौहान ने अधिनियम के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों से संबंधित कानूनी जानकारी विस्तार से दी। मुख्य अतिथि शशिबाला ने महिलाओं से अपने साथ हो रहे अत्याचारों पर तुरंत शिकायत करने का आह्वान किया।
वहीं अध्यक्षता कर रहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी सपना ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या यौन शोषण जैसी घटनाओं पर आवाज उठाने और तुरंत मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में हरकेश जाखड़, सुशीला कुमारी, राहुल शर्मा, सोशल वर्कर प्रवीण, काउंसलर सुनील, रितु, सुनीता, नवीन नंदन और जितेंद्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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मुख्य वक्ता जुवेनाइल ऐड सेंटर सोसाइटी के राज्य समन्वयक राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़ अधिनियम 2013, महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है, जो 9 दिसंबर 2013 से प्रभावी है।
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यह अधिनियम 10 या अधिक कर्मचारियों वाले सभी कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य करता है, जिससे शिकायतों की समयबद्ध जांच और निवारण सुनिश्चित हो सके।
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कार्यक्रम में कानूनी सलाहकार एडवोकेट अन्नू भाई चौहान ने अधिनियम के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों से संबंधित कानूनी जानकारी विस्तार से दी। मुख्य अतिथि शशिबाला ने महिलाओं से अपने साथ हो रहे अत्याचारों पर तुरंत शिकायत करने का आह्वान किया।
वहीं अध्यक्षता कर रहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी सपना ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या यौन शोषण जैसी घटनाओं पर आवाज उठाने और तुरंत मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में हरकेश जाखड़, सुशीला कुमारी, राहुल शर्मा, सोशल वर्कर प्रवीण, काउंसलर सुनील, रितु, सुनीता, नवीन नंदन और जितेंद्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।