फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Women of self-help groups will collect water samples and will get honorarium

Jhajjar-Bahadurgarh News: सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं लेंगी पानी के सैंपल, मिलेगा मानदेय

Fri, 09 May 2025 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Fri, 09 May 2025 02:00 AM IST
विज्ञापन
Women of self-help groups will collect water samples and will get honorarium
08jjrp14- झज्जर में पानी के सैंपल लेती सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्य। स्रोत- विभाग
झज्जर। सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं अब घर-घर जाकर पानी के सैंपल एकत्रित करेंगी। इसके बदले में उनको प्रति सैंपल के हिसाब से मानदेय मिलेगा। यह प्रोजेक्ट जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से शुरू किया गया है। इसके तहत पानी के सैंपल लेने पर सेल्फ हेल्प ग्रुप की को प्रति सैंपल मानदेय दिया जाएगा।
विज्ञापन

यह अभियान अमृत मित्रा योजना के तहत प्रदेश के 22 जिलों में चलाया जाएगा। इसमें बहादुरगढ़, ऐलनाबाद, फतेहाबाद, मंडी डबवाली, टोहाना, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, नारनौल, फर्रुखनगर, सोहना, असंध, घरौंडा, नीलाखेड़ी, समालखां, नूहं, फिरोजपुर झिरका, होडल, पुन्हाना, गन्नौर, गोहाना, भिवानी, पलवल शामिल हैं।
विज्ञापन

योजना के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए उसके सैंपल लेंगी और लीकेज की पहचान करेंगी। इसी प्रकार खराब कनेक्शन की रिपोर्ट भी देंगी। ग्रुप की महिलाओं को एक शहर की जिम्मेदारी दी जाएगी। उसमें प्रतिदिन 15 सैंपल लेने होंगे और एक माह में कम से कम 330 सैंपल लेने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं को विशिष्ट आकार और गुणवत्ता वाले कंटेनरों में जल के नमूने एकत्र करने होंगे। जहां से नमूने लेने होंगे, उसको लैब इंचार्ज की तरफ से निर्धारित किया जाएगा। एकत्र नमूनों को पीएचईडी की नजदीकी जिला प्रयोगशाला में जमा करना होगा। सैंपल को निर्धारित समय में ही लैब में जमा करवाना होगा। एकत्रित नमूने की आईडी सेल्फ हेल्प ग्रुप की तरफ से पीएचईडी पोर्टल पर तैयार की जाएगी।
इसी प्रकार से 110 लीकेज हर माह ढूंढनी होंगी और पीएचईडी की पाइपलाइन से लीकेज की पहचान करनी होंगी। रिसाव वाले स्थानों की तस्वीरें लेकर स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के लॉगिन से विवरण पीएचईडी वेबसाइट दर्ज करनी होंगी। सड़कों पर गश्त करके घरेलू जल कनेक्शन की पहचान करनी होंगी। जहां खुली नालियों से होकर कनेक्शन जा रहा है और जंग लगे घरेलू कनेक्शन के कारण जल आपूर्ति में प्रदूषण हो सकता है, ऐसे अस्वच्छ कनेक्शन की तस्वीरें लेनी होंगी और उसकी जानकारी अपलोड करनी होगी।


करना होगा ऑर्थोडलाइन परीक्षण

अवशिष्ट क्लोरीन की उपलब्धता को मापने के लिए ऑर्थोडलाइन परीक्षण (ओटी परीक्षण) का उपयोग करके, जल आपूर्ति के दौरान नल से पानी का नमूना लेकर तत्काल क्षेत्र परीक्षण करना होगा। ओटी से संबंधित नमूनों का संग्रह, परीक्षण, परीक्षण किट, रसायन और उपभोग्य सामग्रियों की लागत, पीएचईडी व आईएमआईएस वेबसाइट पर प्रविष्टि सहित सभी कार्य करना होगा।





अमृत-मित्रा योजना के तहत प्रदेश के 22 जिलों में पानी के सैंपल सहित, सर्वे, लीकेज की जानकारी के लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप को काम दिया गया है। इसके बदले में महिलाओं को मानदेय दिया जाएगा।

- श्याम अहलावत, जिला सलाहकार, जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed