{"_id":"665bb3e789d00588020dda98","slug":"woman-delivers-baby-in-auto-baby-declared-dead-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-107685-2024-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: ऑटो में महिला का प्रसव बच्चे को मृत घोषित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: ऑटो में महिला का प्रसव बच्चे को मृत घोषित किया
विज्ञापन
बहादुरगढ़। शहर में झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग पर चलते ऑटो में एक महिला की डिलीवरी हो गई। परिजन जब तक सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे जब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि लोग यदि थोड़े जागरूक हों तो यह घटनाएं बचाई जा सकती हैं।गर्भवती की नियमित जांच करानी चाहिए और सरकारी एंबुलेंस से समय पर अस्पताल लाना चाहिए। सरकारी स्तर पर ये सुविधाएं निशुल्क हैं। महिला का उपचार शहर के नागरिक अस्पताल में जारी है।
गांव लोवा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र दिहाड़ी-मजदूरी करता है। उसकी पत्नी सविता गर्भ से थी। शनिवार की सुबह उसे प्रसव पीड़ा हुई तो वह ऑटो के जरिये उसे बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की ओर लेकर चला। रास्ते में जब एचएल सिटी के निकट पहुंचे तो पीड़ा बढ़ गई। सविता को रास्ते में ही डिलीवरी हो गई। परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच की तो शिशु की धड़कन नहीं चल रही थी। इसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। संभवत उसकी गर्भ में ही जान चली गई थी। महिला को भर्ती कर उसका उपचार शुरू किया गया। सविता की यह चौथी संतान थी। इससे पहले वह तीन बच्चियों को जन्म दे चुकी है। नागरिक अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अहिभूषण ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली तो तुरंत बच्चे को संभालने के लिए पहुंच गए थे।
देखा तो बच्चे की धड़कन चालू नहीं थी। ऐसा लग रहा था कि दो-तीन दिन पहले गर्भ के दौरान ही बच्चे की मौत हुई हो। ऐसी घटनाएं अक्सर जागरूकता के अभाव में होती है। समय-समय पर गभर्वती की जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
डिलीवरी के वक्त तक पेट में बच्चा हलचल करता है। यदि हलचल न करे तो तुरंत गर्भवती को चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। संभवत: इस केस में जागरूकता के अभाव के चलते इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। लोगों को सरकारी एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था दी जाती है, लोग 102 नंबर पर कॉल करके सुविधा ले सकते हैं।
विज्ञापन
गांव लोवा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र दिहाड़ी-मजदूरी करता है। उसकी पत्नी सविता गर्भ से थी। शनिवार की सुबह उसे प्रसव पीड़ा हुई तो वह ऑटो के जरिये उसे बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की ओर लेकर चला। रास्ते में जब एचएल सिटी के निकट पहुंचे तो पीड़ा बढ़ गई। सविता को रास्ते में ही डिलीवरी हो गई। परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच की तो शिशु की धड़कन नहीं चल रही थी। इसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। संभवत उसकी गर्भ में ही जान चली गई थी। महिला को भर्ती कर उसका उपचार शुरू किया गया। सविता की यह चौथी संतान थी। इससे पहले वह तीन बच्चियों को जन्म दे चुकी है। नागरिक अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अहिभूषण ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली तो तुरंत बच्चे को संभालने के लिए पहुंच गए थे।
विज्ञापन
देखा तो बच्चे की धड़कन चालू नहीं थी। ऐसा लग रहा था कि दो-तीन दिन पहले गर्भ के दौरान ही बच्चे की मौत हुई हो। ऐसी घटनाएं अक्सर जागरूकता के अभाव में होती है। समय-समय पर गभर्वती की जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
डिलीवरी के वक्त तक पेट में बच्चा हलचल करता है। यदि हलचल न करे तो तुरंत गर्भवती को चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। संभवत: इस केस में जागरूकता के अभाव के चलते इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। लोगों को सरकारी एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था दी जाती है, लोग 102 नंबर पर कॉल करके सुविधा ले सकते हैं।