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चार करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से तीन गांवों में बिछेगी पाइप लाइन
jhajjar
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:54 AM IST
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पाइप लाइन का मैप
- फोटो : bureau
गर्मी के मौसम में पानी की समस्या बढ़ने के साथ ही जन स्वास्थ विभाग ने जिले के तीन गांवों में सप्लाई का पानी पहुंचाने के लिए 460 लाख रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत दुल्हेड़ा माइनर से करीब 10 हजार मीटर तक पाइप लाइन डाली जाएगी जिसमें पानी की समस्या से जूझ रहे गांवों को तर करने की योजना है। विभाग ने इस योजना के तहत नक्शे के साथ-साथ एस्टिमेट भी बना कर तैयार कर लिया है। अब देरी है तो बस किसानों द्वारा पाइप लाइन के लिए दी जाने वाली भूमि पर सहमति की।
विभागीय अधिकारी आरपी वशिष्ट ने बताया कि अब तक तीनों गांवों में किसी कारण सप्लाई के पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही थी। जिसके कारण तीनों गांवों के जलघरों में ट्यूबवेल लगाकर जमीनी पानी से जोड़ गया था। लेकिन जमीनी पानी के लगातार खत्म हो रहे खजाने की व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग ने एनसीआर के साथ लगती दुल्हेड़ा माइनर से 10 हजार मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर तीनों गांवों में पानी पहुंचाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है।
दस हजार मीटर लंबी होगी पाइप लाइन
गांव खुगांई के पास से जमीन के करीब 3 फुट नीचे से पाइप लाइन गुजरेगी। लाइन दुल्हेड़ा माइनर से खुगांई तक 2825 मीटर लंबी 250 एमएम की रहेगी। गांव खुगांई से यह गांव एक तरफ 4250 मीटर लंबी व 200 एमएम की गांव सुराहा व जांहगीरपुर और दूसरी और गांव पासोर के लिए 3415 मीटर लंबी व 150 एमएम की रहेगी। जिससे इन गावों में सप्लाई के पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहेगी।
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13768 लोगों क ी लाइफ बनेगी लाइन
तीनों गांवों में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिछाई जाने वाली ये लाइन तीनों गांवों के लिए लाइफ लाइन का काम करेगी। गांव सुराह, जाहंगीर पुर व पासौर तीनों गांवों के लोग इस व्यवस्था का लाभ पा सकेंगे। विभाग का दावा है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही तीनों गांवों में सप्लाई व्यवस्था में सुधार होने के साथ ही जमीनी जल भंडारण भी सुरक्षित हो सकेगा।
जमीनी पानी का लगातार कम होता जा रहा स्तर भविष्य में लोगों के लिए एक विकराल समस्या का रूप धारण करता जा रहा है। जिसका प्रमुख कारण जमीनी पानी का ज्यादा खुला प्रयोग होना और जमीन में पानी के भंडारण के रास्ते में रुकावट बनने वाली क्रंकीट से बनने वाली सड़कें भी हैं। जिसके कारण बरसाती पानी की इनके कारण जमीन में न जाने से उस जगह पानी का स्तर घटता जा रहा है। उन्होंने प्रेस के माध्यम से लोगों तक इस संदेश की भी अपील की है कि हम सबको जल संरक्षण के योगदान देना होगा। जभी जाकर हम भविष्य में होने वाली पानी की किल्लत से बच पाएंगे।
आरपी वशिष्ट, एक्सन, जन स्वास्थ्य विभाग
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विभागीय अधिकारी आरपी वशिष्ट ने बताया कि अब तक तीनों गांवों में किसी कारण सप्लाई के पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही थी। जिसके कारण तीनों गांवों के जलघरों में ट्यूबवेल लगाकर जमीनी पानी से जोड़ गया था। लेकिन जमीनी पानी के लगातार खत्म हो रहे खजाने की व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग ने एनसीआर के साथ लगती दुल्हेड़ा माइनर से 10 हजार मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर तीनों गांवों में पानी पहुंचाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है।
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दस हजार मीटर लंबी होगी पाइप लाइन
गांव खुगांई के पास से जमीन के करीब 3 फुट नीचे से पाइप लाइन गुजरेगी। लाइन दुल्हेड़ा माइनर से खुगांई तक 2825 मीटर लंबी 250 एमएम की रहेगी। गांव खुगांई से यह गांव एक तरफ 4250 मीटर लंबी व 200 एमएम की गांव सुराहा व जांहगीरपुर और दूसरी और गांव पासोर के लिए 3415 मीटर लंबी व 150 एमएम की रहेगी। जिससे इन गावों में सप्लाई के पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहेगी।
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13768 लोगों क ी लाइफ बनेगी लाइन
तीनों गांवों में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिछाई जाने वाली ये लाइन तीनों गांवों के लिए लाइफ लाइन का काम करेगी। गांव सुराह, जाहंगीर पुर व पासौर तीनों गांवों के लोग इस व्यवस्था का लाभ पा सकेंगे। विभाग का दावा है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही तीनों गांवों में सप्लाई व्यवस्था में सुधार होने के साथ ही जमीनी जल भंडारण भी सुरक्षित हो सकेगा।
जमीनी पानी का लगातार कम होता जा रहा स्तर भविष्य में लोगों के लिए एक विकराल समस्या का रूप धारण करता जा रहा है। जिसका प्रमुख कारण जमीनी पानी का ज्यादा खुला प्रयोग होना और जमीन में पानी के भंडारण के रास्ते में रुकावट बनने वाली क्रंकीट से बनने वाली सड़कें भी हैं। जिसके कारण बरसाती पानी की इनके कारण जमीन में न जाने से उस जगह पानी का स्तर घटता जा रहा है। उन्होंने प्रेस के माध्यम से लोगों तक इस संदेश की भी अपील की है कि हम सबको जल संरक्षण के योगदान देना होगा। जभी जाकर हम भविष्य में होने वाली पानी की किल्लत से बच पाएंगे।
आरपी वशिष्ट, एक्सन, जन स्वास्थ्य विभाग